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चिट्टे के खिलाफ वीडियो बनाने पर धमकियां: सुनाम के युवक ने डीसी दफ्तर के सामने खाया जहर, सरपंच पर केस
Mon, 21 Sep 2026 11:33 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला
Published by: Nivedita
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:33 AM IST
सार
जग्गा सिंह खुद नशे का आदी रह चुका है। कुछ दिन पहले उसने नशे के खिलाफ एक वीडियो पोस्ट की थी। आरोप है कि इसके बाद से ही गांव का सरपंच और उसके साथी उन्हें लगातार तंग करने लगे।
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सुनाम में जग्गा सिंह ने की सुसाइड की कोशिश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुनाम के निकटवर्ती गांव नमोल के रहने वाले जग्गा सिंह ने कथित उत्पीड़न और पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आहत होकर डीसी आफिस के बाहर जहर निगल लिया। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें गंभीर हालत में पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
वहीं इस मामले में कांग्रेस से लेकर अकाली दल और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर सवाल उठाए हैं । कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला समेत भाजपा के तमाम नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया है।
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दूसरी तरफ गांव नमोल में ग्रामीण इकट्ठे हो रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जग्गा सिंह खुद ही नशा करता है। वहीं सरपंच सुखबीर सिंह ने कहा कि जग्गा सिंह खुद नशा बेचता है। पूरे गांव ने इकट्ठे होकर नशे के खिलाफ मुहिम शुरू की हुई है। अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिए उसने यह नौटंकी की है। सरपंच ने कहा कि जग्गा सिंह पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से उनपर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
चिट्टे के खिलाफ वीडियो बनाने के बाद शुरू हुआ विवाद
अस्पताल में भर्ती जग्गा सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने नशे (चिट्टे) के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट की थी। उनका आरोप है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही गांव का सरपंच और उसके साथी उन्हें लगातार तंग करने लगे। पहले वह खुद नशे का आदी रह चुका है।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनके घर में जबरन घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की और उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया और डीवीआर भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
जग्गा सिंह ने रोते हुए अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में भी दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके थे। न्याय न मिलने से हताश होकर आखिरकार उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के नेता व पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला, राजिंदर दीपा और भाजपा नेत्री ने सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो पोस्ट कर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं ।
नमोल के सरपंच पर मामला दर्ज
एसएचओ योगेश गर्ग ने बताया कि इस मामले में पीड़ित जग्गा सिंह की पत्नी के बयान के आधार पर सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज़ किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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वहीं इस मामले में कांग्रेस से लेकर अकाली दल और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर सवाल उठाए हैं । कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला समेत भाजपा के तमाम नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया है।
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दूसरी तरफ गांव नमोल में ग्रामीण इकट्ठे हो रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जग्गा सिंह खुद ही नशा करता है। वहीं सरपंच सुखबीर सिंह ने कहा कि जग्गा सिंह खुद नशा बेचता है। पूरे गांव ने इकट्ठे होकर नशे के खिलाफ मुहिम शुरू की हुई है। अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिए उसने यह नौटंकी की है। सरपंच ने कहा कि जग्गा सिंह पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से उनपर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
चिट्टे के खिलाफ वीडियो बनाने के बाद शुरू हुआ विवाद
अस्पताल में भर्ती जग्गा सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने नशे (चिट्टे) के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट की थी। उनका आरोप है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही गांव का सरपंच और उसके साथी उन्हें लगातार तंग करने लगे। पहले वह खुद नशे का आदी रह चुका है।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनके घर में जबरन घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की और उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया और डीवीआर भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
जग्गा सिंह ने रोते हुए अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में भी दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके थे। न्याय न मिलने से हताश होकर आखिरकार उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के नेता व पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला, राजिंदर दीपा और भाजपा नेत्री ने सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो पोस्ट कर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं ।
नमोल के सरपंच पर मामला दर्ज
एसएचओ योगेश गर्ग ने बताया कि इस मामले में पीड़ित जग्गा सिंह की पत्नी के बयान के आधार पर सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज़ किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
सचिन पायलट ने साधा निशाना
जग्गा सिंह के मामले में सियासत भी गरमा गई है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने जग्गा सिंह का वीडियो शेयर कर आप सरकार पर निशाना साधा है। पायलट ने सोशल मीडिया पर लिखा- पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ किस तरह का दबाव और दुर्व्यवहार किया जा रहा है - संगरूर की यह घटना साफ दिखा रही है।
नामोल गांव के निवासी जग्गा सिंह ने डीसी कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। नशे के खिलाफ वीडियो डालने के बाद से उन्हें धमकियां मिल रही थी और प्रताड़ित किया जा रहा था। नशामुक्त पंजाब को लेकर बड़े-बड़े दावों के बीच ऐसी घटनाओं ने आप सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है - अगर नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं हैं, तो किस बदलाव की बात हो रही है?
जग्गा सिंह के मामले में सियासत भी गरमा गई है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने जग्गा सिंह का वीडियो शेयर कर आप सरकार पर निशाना साधा है। पायलट ने सोशल मीडिया पर लिखा- पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ किस तरह का दबाव और दुर्व्यवहार किया जा रहा है - संगरूर की यह घटना साफ दिखा रही है।
नामोल गांव के निवासी जग्गा सिंह ने डीसी कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। नशे के खिलाफ वीडियो डालने के बाद से उन्हें धमकियां मिल रही थी और प्रताड़ित किया जा रहा था। नशामुक्त पंजाब को लेकर बड़े-बड़े दावों के बीच ऐसी घटनाओं ने आप सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है - अगर नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं हैं, तो किस बदलाव की बात हो रही है?