{"_id":"5797398f4f1c1bcf0d21e3c1","slug":"dr-dharamvir-gandhi-political-news-war-martyr-mp-parliament-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंगी शहीदों के मसले को संसद मे उठाएंगे डा. गांधी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगी शहीदों के मसले को संसद मे उठाएंगे डा. गांधी
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Tue, 26 Jul 2016 03:51 PM IST
विज्ञापन
dr dharamvir gandhi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला से सांसद डा. धर्मवीर गांधी से 1962, 1965 और 1971 युद्धों के 161 शहीदों के परिवारों का शिष्टमंडल मिला।
शिष्टमंडल की अगुवाई करने वाले गुरसेवक सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से जंगी शहीदों के परिवारों को शहादत के सम्मान के तौर पर 10-10 एकड़ खेतीबाड़ी योग्य जमीन देने का एलान किया गया था। अभी तक 1735 शहीद परिवारों में से 1534 परिवारों को ही मदद मिली। बाकी 161 शहीद परिवारों के केस पंजाब के माल विभाग और पुनर्वास विभाग चंडीगढ़ में लंबित पड़े हैं।
शहीदों के परिवार पिछले लंबे समय से प्रिंसिपल सेक्रेटरी, पंजाब सैनिक बोर्ड, जिला सैनिक बोर्ड, डीसी दफ्तर और अन्य सरकारी अफसरों से मिलकर इस बारे में बात कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। जवाब में सांसद ने इस मसले को संसद में उठाने का वादा किया है।
डा. गांधी ने कहा कि यह बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जवान देश की रक्षा के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर अपनी जान देश पर वार देते हैं। उनकी दिक्कतों को लेकर देश की सरकार चुप्पी साधे बैठी है। एक तरफ पंजाब सरकार जंगे आजादी व अन्य बहुत सारे स्मारकों को बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और दूसरी तरफ जंगी शहीदों के परिवारों का हक मार रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से इस मसले को तुरंत हल करने की मांग की। साथ ही इस मुद्दे को संसद में उठाने का भी भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिष्टमंडल की अगुवाई करने वाले गुरसेवक सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से जंगी शहीदों के परिवारों को शहादत के सम्मान के तौर पर 10-10 एकड़ खेतीबाड़ी योग्य जमीन देने का एलान किया गया था। अभी तक 1735 शहीद परिवारों में से 1534 परिवारों को ही मदद मिली। बाकी 161 शहीद परिवारों के केस पंजाब के माल विभाग और पुनर्वास विभाग चंडीगढ़ में लंबित पड़े हैं।
शहीदों के परिवार पिछले लंबे समय से प्रिंसिपल सेक्रेटरी, पंजाब सैनिक बोर्ड, जिला सैनिक बोर्ड, डीसी दफ्तर और अन्य सरकारी अफसरों से मिलकर इस बारे में बात कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। जवाब में सांसद ने इस मसले को संसद में उठाने का वादा किया है।
विज्ञापन
डा. गांधी ने कहा कि यह बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जवान देश की रक्षा के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर अपनी जान देश पर वार देते हैं। उनकी दिक्कतों को लेकर देश की सरकार चुप्पी साधे बैठी है। एक तरफ पंजाब सरकार जंगे आजादी व अन्य बहुत सारे स्मारकों को बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और दूसरी तरफ जंगी शहीदों के परिवारों का हक मार रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से इस मसले को तुरंत हल करने की मांग की। साथ ही इस मुद्दे को संसद में उठाने का भी भरोसा दिलाया।
विज्ञापन