फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   dr dharamvir gandhi, political news, war martyr, mp parliament, patiala

जंगी शहीदों के मसले को संसद मे उठाएंगे डा. गांधी

Tue, 26 Jul 2016 03:51 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला Updated Tue, 26 Jul 2016 03:51 PM IST
विज्ञापन
dr dharamvir gandhi, political news, war martyr, mp parliament, patiala
dr dharamvir gandhi
पटियाला से सांसद डा. धर्मवीर गांधी से 1962, 1965 और 1971 युद्धों के 161 शहीदों के परिवारों का शिष्टमंडल मिला।
विज्ञापन


शिष्टमंडल की अगुवाई करने वाले गुरसेवक सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से जंगी शहीदों के परिवारों को शहादत के सम्मान के तौर पर 10-10 एकड़ खेतीबाड़ी योग्य जमीन देने का एलान किया गया था। अभी तक 1735 शहीद परिवारों में से 1534 परिवारों को ही मदद मिली। बाकी 161 शहीद परिवारों के केस पंजाब के माल विभाग और पुनर्वास विभाग चंडीगढ़ में लंबित पड़े हैं।

शहीदों के परिवार पिछले लंबे समय से प्रिंसिपल सेक्रेटरी, पंजाब सैनिक बोर्ड, जिला सैनिक बोर्ड, डीसी दफ्तर और अन्य सरकारी अफसरों से मिलकर इस बारे में बात कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। जवाब में सांसद ने इस मसले को संसद में उठाने का वादा किया है।
विज्ञापन


डा. गांधी ने कहा कि यह बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जवान देश की रक्षा के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर अपनी जान देश पर वार देते हैं। उनकी दिक्कतों को लेकर देश की सरकार चुप्पी साधे बैठी है। एक तरफ पंजाब सरकार जंगे आजादी व अन्य बहुत सारे स्मारकों को बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और दूसरी तरफ जंगी शहीदों के परिवारों का हक मार रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से इस मसले को तुरंत हल करने की मांग की। साथ ही इस मुद्दे को संसद में उठाने का भी भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed