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अनाथ बच्चों की पालने वाली संस्था एस.ओ.एस. की कारगुजारी की खुली पोल?
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:52 PM IST
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लापता चार बच्चे साइकिल चोरी करते पकड़े
एसडीएम को सूचना देने के बाद भी तीन घंटे तक सोया रहा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
राजपुरा।
इंटरनेशनल संस्था एसओएस बाल ग्राम की ओर से पूरे पंजाब में से राजपुरा में एक मात्र खोले गये बाल ग्राम का यह हाल है कि बीते करीब 24 घण्टों से एसओएस बाल ग्राम से लापता चार बच्चों का सुबह तक बाल ग्राम के अधिकारियों को पता नहीं चला। सुबह बच्चे जब टाउन के एक स्कूल के बाहर से साइकिल चुराने लगे तो स्कूल प्रबंधक ने बच्चों को पकड़ लिया और पत्रकारों को बुलाया। पत्रकारों नें जब मामला एसडीएम राजुपरा, के ध्यान में लाया तो उन्होंने दफतर में नहीं हूं, कहकर पल्ला झाड़ लिया। जब मामला राजपुरा के विधायक स. हरदियाल सिंह कंबोज के ध्यान में लाया गया तो उसके बाद प्रशासन की नींद खुली और तहसीलदार पुलिस पार्टी और एसओएस बाल ग्राम के अधिकारी को साथ लेकर स्कूल में पहुंचे जहां पर स्कूल प्रबंधकों व पत्रकारों ने चारों बच्चों को प्रशासन के अधिकारियों के हवाले कर दिया।
पत्रकारों ने जब लापता बच्चों के संबंध में एसओएस बाल ग्राम की डायरेक्टर सुनीता कौल से बात की तो उन्होंने कहा कि बाल ग्राम से कोई भी बच्चा लापता नहीं है। इसके बाद कहा कि मैं पता कर बताती हूं। लगभग आधे घंटे बाद उनके जूनियर संतोष ने भी फोन पर बताया कि हमारा कोई बच्चा लापता नहीं है। सारे मामले को जब एसडीएम राजपुरा संजीव कुमार के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने भी इस और कोई ध्यान न देकर पुलिस से बात करने की बात कही। घंटों बीतने के बाद जब लापता बच्चों का सारा मामला विधायक राजपुरा स. हरदियाल सिंह कंबोज के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने तुरंत एसडीएम को फोन किया जिसके बाद प्रशासन की नींद खुली। जिसके बाद तहसीलदार राजपुरा पुलिस पार्टी और बाल ग्राम के अधिकारी संतोष के साथ टाउन में स्कूल में पहुंचे जहां पर स्कूल प्रबंधकों व पत्रकारों ने चारों बच्चों को तहसीलदार की मौजूदगी में बाल गाम के अधिकारी के हवाले कर दिया।
पत्रकारों ने जब बाल ग्राम अधिकारी संतोष से बच्चों के भागने के संबध में पूछा तो उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार बच्चे यहां से चले जाते हैं और शाम को घूमकर आ जाते हैं। अन्य दो जवान लड़कियों व एक लड़के के लापता होने के बारे पूछने पर भी उन्होंने कहा कि इस बारे मुझे पता नहीं है। तहसीलदार ने एसओएस बाल ग्राम की लापरवाही की बात मानते हुए कहा कि इस सारे मामले की एसडीएम राजपुरा को रिपोर्ट की जाएगी और उसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।
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एसडीएम को सूचना देने के बाद भी तीन घंटे तक सोया रहा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
राजपुरा।
इंटरनेशनल संस्था एसओएस बाल ग्राम की ओर से पूरे पंजाब में से राजपुरा में एक मात्र खोले गये बाल ग्राम का यह हाल है कि बीते करीब 24 घण्टों से एसओएस बाल ग्राम से लापता चार बच्चों का सुबह तक बाल ग्राम के अधिकारियों को पता नहीं चला। सुबह बच्चे जब टाउन के एक स्कूल के बाहर से साइकिल चुराने लगे तो स्कूल प्रबंधक ने बच्चों को पकड़ लिया और पत्रकारों को बुलाया। पत्रकारों नें जब मामला एसडीएम राजुपरा, के ध्यान में लाया तो उन्होंने दफतर में नहीं हूं, कहकर पल्ला झाड़ लिया। जब मामला राजपुरा के विधायक स. हरदियाल सिंह कंबोज के ध्यान में लाया गया तो उसके बाद प्रशासन की नींद खुली और तहसीलदार पुलिस पार्टी और एसओएस बाल ग्राम के अधिकारी को साथ लेकर स्कूल में पहुंचे जहां पर स्कूल प्रबंधकों व पत्रकारों ने चारों बच्चों को प्रशासन के अधिकारियों के हवाले कर दिया।
पत्रकारों ने जब लापता बच्चों के संबंध में एसओएस बाल ग्राम की डायरेक्टर सुनीता कौल से बात की तो उन्होंने कहा कि बाल ग्राम से कोई भी बच्चा लापता नहीं है। इसके बाद कहा कि मैं पता कर बताती हूं। लगभग आधे घंटे बाद उनके जूनियर संतोष ने भी फोन पर बताया कि हमारा कोई बच्चा लापता नहीं है। सारे मामले को जब एसडीएम राजपुरा संजीव कुमार के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने भी इस और कोई ध्यान न देकर पुलिस से बात करने की बात कही। घंटों बीतने के बाद जब लापता बच्चों का सारा मामला विधायक राजपुरा स. हरदियाल सिंह कंबोज के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने तुरंत एसडीएम को फोन किया जिसके बाद प्रशासन की नींद खुली। जिसके बाद तहसीलदार राजपुरा पुलिस पार्टी और बाल ग्राम के अधिकारी संतोष के साथ टाउन में स्कूल में पहुंचे जहां पर स्कूल प्रबंधकों व पत्रकारों ने चारों बच्चों को तहसीलदार की मौजूदगी में बाल गाम के अधिकारी के हवाले कर दिया।
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पत्रकारों ने जब बाल ग्राम अधिकारी संतोष से बच्चों के भागने के संबध में पूछा तो उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार बच्चे यहां से चले जाते हैं और शाम को घूमकर आ जाते हैं। अन्य दो जवान लड़कियों व एक लड़के के लापता होने के बारे पूछने पर भी उन्होंने कहा कि इस बारे मुझे पता नहीं है। तहसीलदार ने एसओएस बाल ग्राम की लापरवाही की बात मानते हुए कहा कि इस सारे मामले की एसडीएम राजपुरा को रिपोर्ट की जाएगी और उसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।
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