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पटियाला में सेना प्रमुख बोले: भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए परंपरागत हथियार नाकाफी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का बढ़ेगा दखल
Mon, 06 Dec 2021 09:59 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 06 Dec 2021 09:59 PM IST
सार
थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे सोमवार को पंजाब के पटियाला पहुंचे। पंजाबी यूनिवर्सिटी में एक सेमिनार में हिस्सा लिया और भविष्य के युद्ध नीति पर व्याख्यान दिया। सेना प्रमुख इसी विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे हैं।
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सेमिनार में भाग लेते सेना प्रमुख एमएम नरवणे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे सोमवार को पंजाब के पटियाला में कहा कि भविष्य में जंग का स्वरूप बिल्कुल बदल जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दखल से बिल्कुल नया ढंग इजाद हो जाएगा। भारत को तकनीक व शोध के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा विकास करने की जरूरत है, क्योंकि भविष्य में परंपरागत हथियार देश की संपूर्ण सुरक्षा के लिए नाकाफी होंगे।
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वह सोमवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी (पीयू) के सुरक्षा व युद्धनीति अध्ययन विभाग की ओर से 1971 की भारत-पाक जंग के 50 साल पूरे होने के मौके पर राष्ट्रीय सेमिनार में बतौर मुख्य मेहमान शिरकत करने पहुंचे थे। सेमिनार कोआर्डिनेटर डॉ. उमराओ सिंह ने बताया कि पंजाबी यूनिवर्सिटी के लिए बड़े गौरव की बात है कि थल सेना प्रमुख एमएम नरवणे वर्तमान में यहां से पीएचडी कर रहे हैं।
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सेना प्रमुख नरवणे ने अपने संबोधन में वीसी प्रोफेसर अरविंद को अपना वाइस चांसलर कहकर पुकारा। उन्होंने सुरक्षा नीति व इस क्षेत्र में भविष्य की विशेष जरूरतों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब समय बहुत बदल गया है। देश को भविष्य की ऐसी चुनौतियों को केंद्र में रखकर सोचना पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब भी दिया।
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वीसी प्रोफेसर अरविंद ने एलान किया है कि पीयू द्वारा विधिवत रूप में 1971 की जंग का इतिहास लिखा जाएगा। इस प्रोजेक्ट में सुरक्षा व युद्धनीति अध्ययन विभाग अहम भूमिका निभाएगा। लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग और मेजर जनरल बीएस ग्रेवाल ने इस मौके पर 1971 की जंग से जुड़ी बहुत सारी यादों को सांझा किया। सेमिनार के बाद सेना प्रमुख ने यूनिवर्सिटी के बॉटनिकल गार्डन में पौधरोपण किया।