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पटियाला में दावों के विपरीत किसान बेहाल, टमाटर के नहीं मिल रहे सही दाम

Thu, 04 Mar 2021 10:53 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 10:53 PM IST
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Contrary claims in Patiala farmers suffering tomatoes are not getting right price
पटियाला। पंजाब में किसानों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। मुख्यमंत्री के अपने ही जिले में टमाटर उत्पादक किसान बेहाल हैं। इस बार टमाटरों के वाजिब दाम न मिलने कारण किसानों के लिए खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। बड़ी मुसीबत उन छोटे किसानों आन पड़ी है, जो कर्ज लेकर ठेके पर जमीन कर रहे थे। अब उनके लिए कर्ज उतारना भी बड़ा सिरदर्द बन गया है। ऐसे में किसानों ने पंजाब सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। साथ ही किसानों ने मिलकर विधायक हरिंदरपाल चंदूमाजरा को ज्ञापन सौंपकर जिले के हलका सन्नौर में टमाटर की प्यूरी तैयार करने वाली फैक्टरी लगाने की मांग की है।
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खास तौर से जिले के हलका सन्नौर के कई गांवों में 70 फीसदी से ज्यादा किसान टमाटरों की खेती करते हैं। इस बार अकेले सन्नौर में 1500 एकड़ पर टमाटरों की खेती की गई थी। जहां पहले इन किसानों को 25 किलो के एक क्रेट का 200 रुपये से लेकर 225 रुपये तक दाम मिलता था, वहीं इस बार केवल 60 रुपये से 100 रुपये में एक क्रेट बिक रही है। सन्नौर के किसान प्रीतम सिंह ने बताया कि एक एकड़ पर टमाटरों की खेती करने पर करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आ जाता है। जिसमें लेबर से लेकर दवा के स्प्रे व तुड़ाई आदि सारा खर्च शामिल है। जहां पहले अच्छी कमाई हो जाती थी, वहीं इस बार घाटे की तगड़ी मार पड़ रही है। प्रति एक किलो टमाटर चार रुपये तक ही बिका है, जबकि खर्च आठ रुपये तक आया है।
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बड़े व्यापारियों ने मनचाहे दाम में खरीदी फसल
किसानों ने बताया कि पहले पाकिस्तान से छोटे व्यापारी आकर उनकी फसल अच्छे दाम में खरीद कर ले जाते थे। लेकिन इस बार सख्ती के कारण कोई नहीं आया। ऐसे में बड़े व्यापारियों ने मनचाहे दाम में उनकी फसल खरीदी। किसान गुरमीत सिंह ने कहा कि सरकार कहती है कि गेहूं व धान को छोड़कर अन्य फसलें लगाएं। लेकिन जब उन्हें सही दाम ही नहीं मिलेंगे, तो फिर वह अन्य फसलों की खेती क्यों करेंगे। किसानों ने मांग की है कि सरकार को उनकी आर्थिक मदद करे। साथ ही भविष्य के लिए मूंगी, सरसों, मसर जैसी फसलों के दाम तय करे, ताकि किसान धान व गेहूं को छोड़कर इन फसलों की खेती कर सकें।
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