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सरकारी कंट्रोल अधीन लिए जाएं सभी प्राइवेट अस्पताल : सुखदेव कोकरी कलां
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भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के पुडा ग्राउंड में चल रहे धरने के दूसरे दिन शनिवार को यूनियन के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने पंजाब सरकार से मांग की कि कोविड मरीजों से हो रही लूट को रोकने के लिए सभी बड़े प्राइवेट अस्पतालों को सरकारी कंट्रोल अधीन लिया जाए। साथ ही कहा कि सभी लोगों की वैक्सीनेशन मुफ्त में हो और कोविड टेस्ट का हरेक शहर, कस्बे और गांव में प्रबंध किया जाए। इसके अलावा केंद्र से कोरोना की रोकथाम को जरूरी प्रबंध करने के लिए बजट बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों से भारी-भरकम टैक्स की वसूली करके जुटाने को कहा।
वैक्सीनेशन करने या कोविड सैंपल लेने के लिए लोगों साथ जबरदस्ती न की जाए, बल्कि उनमें इस बारे में जो भी भ्रम हों उन्हें समझाकर जागरूक किया जाए। इस मौके पर प्रदेश महासचिव ने दिल्ली मोर्चों में अब तक शहीद हो चुके 500 के करीब किसानों और मजदूरों के वारिसों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा और उनके परिवारों के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस मौके पर खेती कानून रद करने समेत बिजली बिल 2020 और पराली आर्डिनेंस रद करने और एमएसपी पर सारी फसलों की खरीद की गारंटी का कानून बनाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली सभी गरीब लोगों के लिए लागू करने की मांगें उठाई गईं।
यूनियन के जिला प्रधान मनजीत सिंह न्याल ने केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से मोर्चों में शामिल किसानों पर कोरोना फैलाने के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे आंदोलन को कमजोर करने की सरकारी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना इसलिए फैला, क्योंकि सरकार ने रोकथाम के लिए प्रबंध नहीं किए।
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इस मौके पर पीपुल्स आर्ट पटियाला की टीम की ओर से नाटक जिन्हा दी अनख जिउंदी ए का मंचन किया गया। मांगें पूरी न होने पर कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए धरना रविवार को भी जारी रखने का एलान किया गया।
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वैक्सीनेशन करने या कोविड सैंपल लेने के लिए लोगों साथ जबरदस्ती न की जाए, बल्कि उनमें इस बारे में जो भी भ्रम हों उन्हें समझाकर जागरूक किया जाए। इस मौके पर प्रदेश महासचिव ने दिल्ली मोर्चों में अब तक शहीद हो चुके 500 के करीब किसानों और मजदूरों के वारिसों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा और उनके परिवारों के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस मौके पर खेती कानून रद करने समेत बिजली बिल 2020 और पराली आर्डिनेंस रद करने और एमएसपी पर सारी फसलों की खरीद की गारंटी का कानून बनाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली सभी गरीब लोगों के लिए लागू करने की मांगें उठाई गईं।
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यूनियन के जिला प्रधान मनजीत सिंह न्याल ने केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से मोर्चों में शामिल किसानों पर कोरोना फैलाने के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे आंदोलन को कमजोर करने की सरकारी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना इसलिए फैला, क्योंकि सरकार ने रोकथाम के लिए प्रबंध नहीं किए।
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इस मौके पर पीपुल्स आर्ट पटियाला की टीम की ओर से नाटक जिन्हा दी अनख जिउंदी ए का मंचन किया गया। मांगें पूरी न होने पर कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए धरना रविवार को भी जारी रखने का एलान किया गया।