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Punjab: दशहरे की आड़ में एक दिन में सबसे अधिक जली पराली, 398 मामले सामने आए, एक्यूआई 126 तक पहुंचा
Thu, 26 Oct 2023 03:20 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 26 Oct 2023 03:20 PM IST
सार
मंगलवार रात को दशहरे की आड़ में पंजाब में ज्यादा पराली जलाई गई। इससे कई शहरों के एक्यूआई के स्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पंजाब में मंगलवार को अमृतसर का एक्यूआई 97 था, जो बुधवार को 126 दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 74 से बढ़कर 77, जालंधर का 101 से बढ़कर 107, खन्ना का 79 से 81, लुधियाना का 101 से 116 पहुंच गया।
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पराली
- फोटो : PTI
विस्तार
पंजाब में बुधवार को पराली जलाने के 398 मामले सामने आए, जो इस सीजन में अब तक सबसे अधिक हैं। साथ ही लगातार दूसरे दिन सूबे में पराली जलाने की घटनाएं 350 से ज्यादा रहीं। राज्य में अब तक के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2704 पहुंच गई है। वहीं, पराली जलाने के बढ़ते मामलों के कारण एक्यूआई के स्तर में भी वृद्धि होने लगी है।
अमृतसर में बुधवार को एक्यूआई 126 दर्ज किया गया, जो मंगलवार को 97 था। पराली जलाने के सबसे अधिक 79 मामले अमृतसर में सामने आए, जबकि फिरोजपुर में 61, पटियाला में 47, संगरूर में 29, कपूरथला में 23, तरनतारन में 31, फतेहगढ़ साहिब में 20, मोगा में 12, जालंधर में 11, फरीदकोट में 9 और होशियापुर में केवल एक केस सामने आया। साल 2021 में आज के ही दिन पराली जलाने के 76 व साल 2022 में 181 मामले रिपोर्ट हुए थे। कुल मामलों की संख्या के हिसाब से साल 2021 में अब तक 6134 और 2022 में 5798 मामले सामने आ चुके थे।
यह भी पढ़ें: Punjab: एक नवंबर को होगी खुली बहस 'मैं पंजाब बोल्दा हां'... सीएम भगवंत मान ने आम लोगों को दिया न्योता
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दशहरे की आड़ में ज्यादा पराली जलने से बढ़ा प्रदूषण
मंगलवार रात को दशहरे की आड़ में पंजाब में ज्यादा पराली जलाई गई। इससे कई शहरों के एक्यूआई के स्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पंजाब में मंगलवार को अमृतसर का एक्यूआई 97 था, जो बुधवार को 126 दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 74 से बढ़कर 77, जालंधर का 101 से बढ़कर 107, खन्ना का 79 से 81, लुधियाना का 101 से 116 और पटियाला का 100 से बढ़कर 104 रिकॉर्ड किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक 51 से 100 तक के एक्यूआई में लोगों को सांस लेने में थोड़ी तकलीफ हो सकती है, जबकि 101 से 200 तक के एक्यूआई में फेफड़ों की बीमारी, अस्थमा व दिल के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
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अमृतसर में बुधवार को एक्यूआई 126 दर्ज किया गया, जो मंगलवार को 97 था। पराली जलाने के सबसे अधिक 79 मामले अमृतसर में सामने आए, जबकि फिरोजपुर में 61, पटियाला में 47, संगरूर में 29, कपूरथला में 23, तरनतारन में 31, फतेहगढ़ साहिब में 20, मोगा में 12, जालंधर में 11, फरीदकोट में 9 और होशियापुर में केवल एक केस सामने आया। साल 2021 में आज के ही दिन पराली जलाने के 76 व साल 2022 में 181 मामले रिपोर्ट हुए थे। कुल मामलों की संख्या के हिसाब से साल 2021 में अब तक 6134 और 2022 में 5798 मामले सामने आ चुके थे।
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दशहरे की आड़ में ज्यादा पराली जलने से बढ़ा प्रदूषण
मंगलवार रात को दशहरे की आड़ में पंजाब में ज्यादा पराली जलाई गई। इससे कई शहरों के एक्यूआई के स्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पंजाब में मंगलवार को अमृतसर का एक्यूआई 97 था, जो बुधवार को 126 दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 74 से बढ़कर 77, जालंधर का 101 से बढ़कर 107, खन्ना का 79 से 81, लुधियाना का 101 से 116 और पटियाला का 100 से बढ़कर 104 रिकॉर्ड किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक 51 से 100 तक के एक्यूआई में लोगों को सांस लेने में थोड़ी तकलीफ हो सकती है, जबकि 101 से 200 तक के एक्यूआई में फेफड़ों की बीमारी, अस्थमा व दिल के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।