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समाजसेवा: कैंसर रोगियों के लिए 14 माह बाल बढ़ाकर कटवाए, पठानकोट के रकित चला रहे जनजागरूकता अभियान

Mon, 04 Apr 2022 01:51 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
नवदीप शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 04 Apr 2022 01:51 PM IST
सार

रकित का कहना है कि अपने एक कैंसर पीड़ित जानकार की हालत और मनोदशा देखकर उन्होंने यह फैसला किया। फिर उन्होंने इंटरनेट पर सर्च करके ऐसी संस्था का पता लगाया जो दान किए गए कुदरती बालों से विग बनाकर कैंसर रोगियों को मुफ्त में देती हो।

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Pathankot Rakit Mahajan donate his hairs for cancer patients
पठानकोट के रकित महाजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कीमोथैरेपी से कैंसर रोगियों के बाल गिर जाते हैं। सिर पर प्राकृतिक बाल देर से वापस आते हैं। हर कैंसर रोगी प्राकृतिक बालों से बनी महंगी विग नहीं खरीद सकता। ऐसे मरीजों की एक मुस्कान के लिए पठानकोट का रकित महाजन प्रयासरत है। यही वजह है कि रकित ने 14 महीने अपने बाल 14 इंच तक लंबे किए। फिर उनको कटवाकर कैंसर मरीजों की विग के लिए महाराष्ट्र भेज दिए।

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रकित का कहना है कि अपने एक कैंसर पीड़ित जानकार की हालत और मनोदशा देखकर उन्होंने यह फैसला किया। फिर उन्होंने इंटरनेट पर सर्च करके ऐसी संस्था का पता लगाया जो दान किए गए कुदरती बालों से विग बनाकर कैंसर रोगियों को मुफ्त में देती हो। रकित ने बताया कि उन्होंने मदद चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र द्वारा चलाए गए ‘कॉप विद कैंसर’ अभियान का पता चला। संस्था के ई-मेल के जरिए राबता कायम कर नियम समझे और जनवरी 2021 में बाल बढ़ाने शुरू किए। 14 महीने तक बालों को बढ़ाया। जब बाल 14 इंच तक लंबे हुए तो शनिवार को उन्हें कटवाकर उक्त संस्था के नाम कोरियर कर दिया। रकित का कहना है कि अब यह सिलसिला जारी रहेगा।

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कैंसर पीड़ित जानकार की मनोदशा देख किया था फैसला

बीएससी (एमएलटी) से ग्रेजुएट रकित का कहना है कि उनके एक जानकार को कैंसर था। छोटी उम्र में उसके बाल गिर गए। बीमारी दूर से दिखाई नहीं देती। गंजेपन के कारण उसे क्या महसूस होता होगा। हालांकि, कई प्रयासों के बावजूद वह उसे बचा नहीं पाए। उसके साथ बिताए पलों में उसकी मनोदशा का अंदाजा हो गया। जिसके चलते उसने बाल बढ़ाने शुरू कर दिए। रकित ने बताया कि उक्त संस्था 12 इंच से छोटे बाल नहीं लेती। कुदरती बालों की विग बनाने की लंबी प्रक्रिया है। जिसे उक्त संस्था बखूबी पूरा करती है।

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अंग दान की प्रक्रिया पूरी की, 18 बार रक्तदान और पांच बार डोनेट किए एसडीपी सैंपल

पठानकोट के मोहल्ला सराय के रहने वाले रकित महाजन कई समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े हैं। इनमें अधिकतर रक्त मुहैया करवाने वाली संस्था हैं। रकित 18 बार रक्तदान कर चुके हैं। पांच बार एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट) डोनेट कर चुके हैं। इसके अलावा थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए अपना बॉन मैरो सैंपल दे चुके हैं। रकित ने बताया कि गत वर्ष उन्होंने अपने सभी अंगदान करने के लिए सभी प्रक्रिया फोर्टिस अस्पताल में पूरी कर ली है।

ऐसे काम करने से मिलती है अजीब खुशी-रकित

रकित का कहना है कि किसी की मदद करने से उन्हें अजीब खुशी मिलती है। रकित अब युवाओं को रक्तदान के साथ-साथ कैंसर पीड़ितों की सहायता के लिए बाल बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। रकित ने बताया कि जब उसने बाल बढ़ाने शुरू किए तो लोगों ने फैशन समझा। अब जब लोगों को पता चल रहा है तो वही लोग शाबाशी दे रहे हैं। रकित ने कहा कि कई लोगों ने उन्हें सनकी कहा तो कईयों ने उसका मजाक उड़ाया। लेकिन, परिवार ने उनके हर फैसले पर साहस बढ़ाया। परिवार के साहस के कारण यह काम कर पाया।

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