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ड्रोन की मदद से किसान कर सकेंगे पानी का छिड़काव
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मोहाली। पंजाब के किसान को खेत में पानी देने के लिए खुद नहीं जाना पड़ेगा बल्कि ड्रोन की मदद से पूरी फसल पर एक ही बार में पानी का छिड़काव कर दिया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कही। आधुनिक युग में हर चीज का तेजी से बदलाव हो रहा है जिसका फायदा लोगों को मिल रहा है। अगर किसान ड्रोन की मदद लेकर पानी का छिड़काव करेगा तो समय के साथ-साथ पानी की बचत होगी।
शनिवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने कहा कि पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों वाले राज्यों के लिए ड्रोन जैसी उभरती हुई तकनीकों को अपनाना समय की मांग है, ताकि देश का माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर समय रहते काबू पाया जा सके। वहीं यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थित कल्पना चावला सेंटर फॉर रिसर्च इन स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी में मानव रहित एरियल व्हीकल सेंटर का उद्घाटन किया और डीजीसीए द्वारा स्वीकृत ड्रोन फ्लाइंग साइट का भी दौरा किया। मुख्यमंत्री ने ड्रोन फ्लाइंग साइट पर विभिन्न ड्रोनों की लाइव उड़ान की समीक्षा की, जिस दौरान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ड्रोन (2 फुट), कृषि ड्रोन डेमो 16 लीटर पेलोड के साथ, 150 किमी प्रतिघंटे की दूरी के साथ तेज ड्रोन और निगरानी ड्रोन उड़ाने का अनुभव प्राप्त किया। इस मौके पर हलका चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह, यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू और सीजीसी कॉलेज के प्रेसिडेंट डॉ. रशपाल सिंह धालीवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
शिक्षक रनवे की तरह आसमान तक पहुंचने का देते हैं मौका
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक रनवे के रूप में छात्रों को आसमान तक पहुंचने का मौका देते हैं, लेकिन यह छात्रों पर निर्भर करता है कि उन्हें अपनी मंजिल तक कितनी तेजी से जाना है। भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के व्यक्तित्व को ऊंचा करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन सबसे महत्वपूर्ण चीज है। छात्रों को कभी हार न मानने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गूगल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी की शुरुआत एक छोटे से गैरेज से हुई थी। उन्होंने कहा कि ‘शीर्ष पर पहुंचना थोड़ा आसान है, लेकिन शीर्ष पर बने रहना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए अपनी ओर से हमेशा अच्छा काम करते रहें। राज्य के लोगों की अभिलाषाओं ने हमारी जिम्मेदारी बढ़ा दी है और इसलिए पंजाब को फिर से समृद्ध बनाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।
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ड्रोन पायलट कोर्स कराएगा सेंटर
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में स्थापित ड्रोन ट्रेनिंग हब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा स्वीकृत होने वाला राज्य का पहला सेंटर है। इसके अलावा यूएवी ड्रोन के लिए उत्कृष्टता केंद्र डीजीसीए द्वारा स्वीकृत ड्रोन पायलटिंग कोर्स प्रदान करने के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर के रूप में कार्य करेगा, जहां प्रशिक्षुओं को हाइड्रोजन संचालित ड्रोन, निगरानी ड्रोन, ड्रोन प्रौद्योगिकी और कृषि आदि में इनके प्रयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा तथा आपदा प्रबंधन, उपग्रह परीक्षण, सर्वेक्षण और भारी पेलोड ड्रोन पर शोध कार्य शुरू किया जाएगा।
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शनिवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने कहा कि पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों वाले राज्यों के लिए ड्रोन जैसी उभरती हुई तकनीकों को अपनाना समय की मांग है, ताकि देश का माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर समय रहते काबू पाया जा सके। वहीं यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थित कल्पना चावला सेंटर फॉर रिसर्च इन स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी में मानव रहित एरियल व्हीकल सेंटर का उद्घाटन किया और डीजीसीए द्वारा स्वीकृत ड्रोन फ्लाइंग साइट का भी दौरा किया। मुख्यमंत्री ने ड्रोन फ्लाइंग साइट पर विभिन्न ड्रोनों की लाइव उड़ान की समीक्षा की, जिस दौरान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ड्रोन (2 फुट), कृषि ड्रोन डेमो 16 लीटर पेलोड के साथ, 150 किमी प्रतिघंटे की दूरी के साथ तेज ड्रोन और निगरानी ड्रोन उड़ाने का अनुभव प्राप्त किया। इस मौके पर हलका चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह, यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू और सीजीसी कॉलेज के प्रेसिडेंट डॉ. रशपाल सिंह धालीवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
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शिक्षक रनवे की तरह आसमान तक पहुंचने का देते हैं मौका
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक रनवे के रूप में छात्रों को आसमान तक पहुंचने का मौका देते हैं, लेकिन यह छात्रों पर निर्भर करता है कि उन्हें अपनी मंजिल तक कितनी तेजी से जाना है। भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के व्यक्तित्व को ऊंचा करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन सबसे महत्वपूर्ण चीज है। छात्रों को कभी हार न मानने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गूगल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी की शुरुआत एक छोटे से गैरेज से हुई थी। उन्होंने कहा कि ‘शीर्ष पर पहुंचना थोड़ा आसान है, लेकिन शीर्ष पर बने रहना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए अपनी ओर से हमेशा अच्छा काम करते रहें। राज्य के लोगों की अभिलाषाओं ने हमारी जिम्मेदारी बढ़ा दी है और इसलिए पंजाब को फिर से समृद्ध बनाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।
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ड्रोन पायलट कोर्स कराएगा सेंटर
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में स्थापित ड्रोन ट्रेनिंग हब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा स्वीकृत होने वाला राज्य का पहला सेंटर है। इसके अलावा यूएवी ड्रोन के लिए उत्कृष्टता केंद्र डीजीसीए द्वारा स्वीकृत ड्रोन पायलटिंग कोर्स प्रदान करने के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर के रूप में कार्य करेगा, जहां प्रशिक्षुओं को हाइड्रोजन संचालित ड्रोन, निगरानी ड्रोन, ड्रोन प्रौद्योगिकी और कृषि आदि में इनके प्रयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा तथा आपदा प्रबंधन, उपग्रह परीक्षण, सर्वेक्षण और भारी पेलोड ड्रोन पर शोध कार्य शुरू किया जाएगा।