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बेकाबू कोरोना के कारण उद्योगों पर फिर से मंडरा रहा कोरोना का साया, मांग में गिरावट और कामगारों के पलायन से बढ़ी चिंता
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मोहाली। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले और संक्रमितों की हो रही मौत के कारण वीआईपी सिटी के उद्योगों पर फिर से कोरोना का साया मंडराने लगा। कामगारों में फिर से लॉकडाउन का डर बना है और वहीं, कच्चे माल की सप्लाई भी प्रभावित होने लगी है। ऑटो सेक्टर में डिमांड होने के कारण उद्योग राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन रेलवे औ ट्रैक्टर पार्ट की डिमांड में कमी आने से उद्योगों की चिंता बढ़ी है।
कोरोना के फिर से बढ़ते कहर ने उद्योगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, कामगारों के पलायन ने इस समस्या को और भी बढ़ा दिया है। प्रवासी मजदूरों के पलायन के कारण इस समय मोहाली के उद्योगों में 30 से 35 प्रतिशत तक कामगारों की कमी आई है। वैसे तो फसलों की कटाई और विवाह-शादियों के चलते यह समय प्रवासी मजदूरों के घर जाने का होता है, लेकिन इस बार घर जा रहे प्रवासी मजदूर औद्योगिक प्रबंधकों को बिना बताए ही पलायन कर रहे हैं। जिससे उद्योगों की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के कारण बिगड़ते हालातों का असर कच्चे माल की सप्लाई पर नजर आने लगा है। कच्चे माल की कीमतों में पिछले समय के दौरान भारी उछाल आया है। हालांकि हाल के दिनों में मोहाली के उद्योगों के पास अच्छी डिमांड आने से स्थिति में सुधार हुआ था। अब फिर से बेकाबू होते कोरोना ने चिंता बढ़ा दी है। कामगारों में डर है कि फिर से लॉकडाउन होने से वे लोग फंस न जाएं। कामगारों के इस डर ने प्रवासी मजदूरों के पलायन को बढ़ा दिया है।
उद्योगपति भी कामगारों के इस डर को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए सेहत विभाग के साथ मिल कर इंडस्ट्रियल एरिया में टीकाकरण शिविर लगाए जा रहे हैं। जिन फैक्ट्रियों में कामगारों की संख्या 250 से अधिक है, उन फैक्ट्रियों में शिविर लगाकर टीकाकरण करवाया जा रहा है। इसके अलावा मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के ऑफिस में नियमित अंतराल पर टीकाकरण कैंप लगाए जा रहे हैं। जिनमें 3000 से ज्यादा कामगारों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।
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कोरोना के फिर से बढ़ते कहर ने उद्योगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, कामगारों के पलायन ने इस समस्या को और भी बढ़ा दिया है। प्रवासी मजदूरों के पलायन के कारण इस समय मोहाली के उद्योगों में 30 से 35 प्रतिशत तक कामगारों की कमी आई है। वैसे तो फसलों की कटाई और विवाह-शादियों के चलते यह समय प्रवासी मजदूरों के घर जाने का होता है, लेकिन इस बार घर जा रहे प्रवासी मजदूर औद्योगिक प्रबंधकों को बिना बताए ही पलायन कर रहे हैं। जिससे उद्योगों की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के कारण बिगड़ते हालातों का असर कच्चे माल की सप्लाई पर नजर आने लगा है। कच्चे माल की कीमतों में पिछले समय के दौरान भारी उछाल आया है। हालांकि हाल के दिनों में मोहाली के उद्योगों के पास अच्छी डिमांड आने से स्थिति में सुधार हुआ था। अब फिर से बेकाबू होते कोरोना ने चिंता बढ़ा दी है। कामगारों में डर है कि फिर से लॉकडाउन होने से वे लोग फंस न जाएं। कामगारों के इस डर ने प्रवासी मजदूरों के पलायन को बढ़ा दिया है।
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उद्योगपति भी कामगारों के इस डर को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए सेहत विभाग के साथ मिल कर इंडस्ट्रियल एरिया में टीकाकरण शिविर लगाए जा रहे हैं। जिन फैक्ट्रियों में कामगारों की संख्या 250 से अधिक है, उन फैक्ट्रियों में शिविर लगाकर टीकाकरण करवाया जा रहा है। इसके अलावा मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के ऑफिस में नियमित अंतराल पर टीकाकरण कैंप लगाए जा रहे हैं। जिनमें 3000 से ज्यादा कामगारों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।
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