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वीकेंड लॉकडाउन के आदेश पर विरोध में उतरे व्यापारी
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मोहाली। सरकार की तरफ से शनिवार और रविवार को लॉकडाउन लगाने के मामले का विरोध शुरू हो गया है। मोहाली के व्यापारी इसके सीधे विरोध में आ गए हैं। उनका कहना है कि इससे उनके कारोबार पर असर पड़ेगा।
व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा व महासचिव सरबजीत सिंह ने कहा कि इससे पहले सरकार ने तीन महीने तक जबरदस्ती दुकानों को बंद करवाकर व्यापारियों को तबाह कर दिया है। लेकिन कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे यह साफ है कि दुकानें बंद होने से कोरोना महामारी को मात नहीं दी जा सकती है। सरकार ने पाबंदी संबंधी कोई कानून लागू करने हैं तो राजनीतिक पार्टियों की तरफ से किए जाने वाले इकट्ठ को रोका जाए। दुकानें बंद करवाकर दुकानदारों को तबाह न करें।
विनीत वर्मा ने कहा कि एक तरफ सरकार ने शराब ठेकों को हफ्ते के सातों दिन खोलने की अनुमति दी है। जबकि नए आदेशों के मुताबिक दुकानें दो दिन नहीं खोली जाएंगी। सरकार ठेकों और नेताओं पर सख्ती क्यों नहीं करती है।
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पहले तीन महीने तक किए गए लॉकडाउन से व्यापारी वर्ग को कोई राहत नहीं मिली है। काफी व्यापारी इस चक्कर में पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। इसके लिए व्यापारी नहीं बल्कि खुद सरकार जिम्मेदार है। जबरदस्ती दुकानें बंद करवाना सीधी धक्केशाही है। व्यापारी वर्ग इसके बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार ने अपने आदेश वापस नहीं लिए तो सरकार के खिलाफ संघर्ष किया जएगा।
बाजार रहे बंद, शराब ठेकों ने तोड़े नियम
जानकारी के मुताबिक शनिवार को पूरा दिन अधिकतर बाजार बंद रहे। केवल जरूरी सामान वाली दुुकानें ही खुली थीं। लेकिन शराब के ठेकों पर नियमों का उल्लंघन किया गया। ठेकों को बंद करने का समय शाम साढ़े छह बजे का है। लेकिन देर शाम तक ठेकों के शटर खुले रहे हैं। वहीं, पुलिस वाले उनके सामने मौन हैं। लोगों ने प्रशासन से इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
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व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा व महासचिव सरबजीत सिंह ने कहा कि इससे पहले सरकार ने तीन महीने तक जबरदस्ती दुकानों को बंद करवाकर व्यापारियों को तबाह कर दिया है। लेकिन कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे यह साफ है कि दुकानें बंद होने से कोरोना महामारी को मात नहीं दी जा सकती है। सरकार ने पाबंदी संबंधी कोई कानून लागू करने हैं तो राजनीतिक पार्टियों की तरफ से किए जाने वाले इकट्ठ को रोका जाए। दुकानें बंद करवाकर दुकानदारों को तबाह न करें।
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विनीत वर्मा ने कहा कि एक तरफ सरकार ने शराब ठेकों को हफ्ते के सातों दिन खोलने की अनुमति दी है। जबकि नए आदेशों के मुताबिक दुकानें दो दिन नहीं खोली जाएंगी। सरकार ठेकों और नेताओं पर सख्ती क्यों नहीं करती है।
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पहले तीन महीने तक किए गए लॉकडाउन से व्यापारी वर्ग को कोई राहत नहीं मिली है। काफी व्यापारी इस चक्कर में पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। इसके लिए व्यापारी नहीं बल्कि खुद सरकार जिम्मेदार है। जबरदस्ती दुकानें बंद करवाना सीधी धक्केशाही है। व्यापारी वर्ग इसके बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार ने अपने आदेश वापस नहीं लिए तो सरकार के खिलाफ संघर्ष किया जएगा।
बाजार रहे बंद, शराब ठेकों ने तोड़े नियम
जानकारी के मुताबिक शनिवार को पूरा दिन अधिकतर बाजार बंद रहे। केवल जरूरी सामान वाली दुुकानें ही खुली थीं। लेकिन शराब के ठेकों पर नियमों का उल्लंघन किया गया। ठेकों को बंद करने का समय शाम साढ़े छह बजे का है। लेकिन देर शाम तक ठेकों के शटर खुले रहे हैं। वहीं, पुलिस वाले उनके सामने मौन हैं। लोगों ने प्रशासन से इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।