{"_id":"6935da8407c20c1d6507fbc1","slug":"the-drinking-water-line-was-broken-during-sewer-digging-causing-a-drinking-water-crisis-for-three-days-mohali-news-c-16-1-pkl1046-891297-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: सीवर की खोदाई में तोड़ दी पेयजल लाइन, तीन दिन से पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: सीवर की खोदाई में तोड़ दी पेयजल लाइन, तीन दिन से पेयजल संकट
विज्ञापन
जीरकपुर। बलटाना के विकास नगर और साथ लगती काॅलोनियों के सैकड़ों लोग तीन दिन से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। सीवर लाइन की खोदाई के दौरान टूटी पेयजल लाइन से लोग परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि शुक्रवार से बिना किसी योजना के सीवरेज बोर्ड काम करवा रहा है। तीन दिन पाइन लाइन टूटे को हो गया है, इसको ठीक करने की जगह पूरी तरह बंद कर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति ही बंद कर दी है। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द पानी की सप्लाई बहाल नहीं की गई और 8 इंच की पाइप लाइन नहीं डाली गई, तो मजबूरन पार्षद के घर और परिषद कार्यालय का घेराव करेंगे। लोगों का कहना है कि परिषद के अधिकारियों या काम कर रहे ठेकेदार को अस्थाई तौर पर इस लाइन को जोड़ना चाहिए था, या अन्य कोई व्यवस्था करनी चाहिए थी। पेयजल आपूर्ति बंद कर लोगों के लिए समस्या पैदा कर दी है। दो दिन गुजर जाने के बाद रविवार को यह संकट और गहरा हो गया। लोगों की टंकियों में बचा पानी खत्म हो गया। तीन दिन से लोग महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं। महिलाएं टूटी गलियों से गुजर कर 100-150 मीटर दूर तक बाल्टी में पानी भरकर ला रही हैं।
लोगों की परेशानी उनकी जुबानी
विकास नगर निवासी अनुराधा ने बताया कि टैंकर से मात्र पीने के लिए बाल्टियों से पानी भरा जा सका है। जरूरत के अनुसार ही पानी भर सकीं हूं। घर के अन्य कामों के लिए पानी का संकट है। शौचालय में पानी पहुंचाना में बड़ी मुश्किल है। स्थानीय निवासी नरेश ठाकुर ने बताया कि अब पानी के टैंकर बेचने वालों ने लूट मचा दी है। सामान्य ताैर पर आने वाला पानी का टैंकर जो कि 500 से 600 तक मिल जाता है, वह भी कम से कम 700 रुपये का मिल रहा है। ऑर्डर करने के 5 से 6 घंटे बाद आ रहा है। इसी काॅलोनी के अक्षय ने बताया कि यहां सभी के घर तीन मंजिला हैं। हर घर में तीन से चार परिवार रहते हैं। ऐसे में जब टैंकर से तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचाने की बात की गई तो लेबर ने 1200 रुपये मांगें हैं।
यह है टैंकर का हाल
लोगों का कहना है कि वे अपने खर्चे पर टैंकर मंगवा रहे हैं। टैंकरों की हालत भी बेहद खराब है। उनमें जंग लगा हुआ है, उनके अंदर पानी में प्लास्टिक के पैकेट और कचरा तैर रहा है। जगह–जगह से पानी रिस रहा है। उसको गंदी पॉलिथीन लगाकर रोका गया है। सामान्य तौर पर ये टैंकर निर्माण कार्य के लिए आते हैं। कोई भी अधिकारी सीधे ताैर पर आकार स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है। इससे लग रहा है कि पेयजल संकट कई दिन चलने वाला है।
विज्ञापन
बरसात में लबालब हो जाता है विकास नगर
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टैक्स भरने के बावजूद न बारिश के दिनों में राहत मिलती है, न ही अब पेजयल की समस्या से छुटकारा मिल रहा है। बारिश के दिनों में गलियां 4-4 फीट पानी में डूब जाती हैं। पानी घरों में घुस जाता है। इसी के चलते कई लोगों ने अब कोठियों को छह से आठ फीट ऊपर उठवाया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या के समाधान के लिए शिकायतें करते-करते थक चुके हैं, लेकिन न तो अधिकारियों ने निरीक्षण किया और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम उठाया गया है। लोग अब कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद का घेराव करेंगे। नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि अब संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
इसका समाधान ठेकेदार कुलदीप कर रहा है। पहले 8 इंच पानी की पाइप थी, वह एसी पाइप थी, अब हम पीवीसी पाइप डाल रहे हैं। कल मौका देखकर लोगों की समस्या सुनी जाएगी। - सवनीत, जेई नगर परिषद जीरकपुर
विज्ञापन
लोगों की परेशानी उनकी जुबानी
विकास नगर निवासी अनुराधा ने बताया कि टैंकर से मात्र पीने के लिए बाल्टियों से पानी भरा जा सका है। जरूरत के अनुसार ही पानी भर सकीं हूं। घर के अन्य कामों के लिए पानी का संकट है। शौचालय में पानी पहुंचाना में बड़ी मुश्किल है। स्थानीय निवासी नरेश ठाकुर ने बताया कि अब पानी के टैंकर बेचने वालों ने लूट मचा दी है। सामान्य ताैर पर आने वाला पानी का टैंकर जो कि 500 से 600 तक मिल जाता है, वह भी कम से कम 700 रुपये का मिल रहा है। ऑर्डर करने के 5 से 6 घंटे बाद आ रहा है। इसी काॅलोनी के अक्षय ने बताया कि यहां सभी के घर तीन मंजिला हैं। हर घर में तीन से चार परिवार रहते हैं। ऐसे में जब टैंकर से तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचाने की बात की गई तो लेबर ने 1200 रुपये मांगें हैं।
विज्ञापन
यह है टैंकर का हाल
लोगों का कहना है कि वे अपने खर्चे पर टैंकर मंगवा रहे हैं। टैंकरों की हालत भी बेहद खराब है। उनमें जंग लगा हुआ है, उनके अंदर पानी में प्लास्टिक के पैकेट और कचरा तैर रहा है। जगह–जगह से पानी रिस रहा है। उसको गंदी पॉलिथीन लगाकर रोका गया है। सामान्य तौर पर ये टैंकर निर्माण कार्य के लिए आते हैं। कोई भी अधिकारी सीधे ताैर पर आकार स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है। इससे लग रहा है कि पेयजल संकट कई दिन चलने वाला है।
विज्ञापन
बरसात में लबालब हो जाता है विकास नगर
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टैक्स भरने के बावजूद न बारिश के दिनों में राहत मिलती है, न ही अब पेजयल की समस्या से छुटकारा मिल रहा है। बारिश के दिनों में गलियां 4-4 फीट पानी में डूब जाती हैं। पानी घरों में घुस जाता है। इसी के चलते कई लोगों ने अब कोठियों को छह से आठ फीट ऊपर उठवाया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या के समाधान के लिए शिकायतें करते-करते थक चुके हैं, लेकिन न तो अधिकारियों ने निरीक्षण किया और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम उठाया गया है। लोग अब कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद का घेराव करेंगे। नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि अब संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
इसका समाधान ठेकेदार कुलदीप कर रहा है। पहले 8 इंच पानी की पाइप थी, वह एसी पाइप थी, अब हम पीवीसी पाइप डाल रहे हैं। कल मौका देखकर लोगों की समस्या सुनी जाएगी। - सवनीत, जेई नगर परिषद जीरकपुर