{"_id":"692de7e7a3e66a39d4099e76","slug":"the-committee-will-gather-suggestions-objections-and-information-about-potential-damage-from-villagers-mohali-news-c-71-1-spkl1025-136333-2025-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: ग्रामीणों से सुझाव, आपत्तियां और संभावित नुकसान की लेगी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: ग्रामीणों से सुझाव, आपत्तियां और संभावित नुकसान की लेगी जानकारी
विज्ञापन
मोहाली। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग पंजाब ने सेक्टर-87, सेक्टर-101 के शेष हिस्सों और सेक्टर-103 में प्रस्तावित अधिग्रहण के संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। इन तीनों सेक्टरों में से एक सेक्टर-87 को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। सेक्टर-101 और 103 को औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित किया जाना है। इस संदर्भ में सोशल इंपैक्ट असेसमेंट की शुरूआत हो गई है। लैंड एक्विजिशन कलेक्टर ने नोटिस में बताया गया कि विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीम 22 दिसंबर को मोहाली के गांव मानकमाजरा, नानूमाजरा, सोहाना और 23 दिसंबर को गांव संभालकी, दुराली व सनेटा में जाकर लोगों से मुलाकात करेगी।
टीम गांवों का दौरा कर यह पता लगाएगी कि भूमि अधिग्रहण से स्थानीय लोगों, किसानों, रहवासियों और कारोबारियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। साथ ही टीम प्रभावित परिवारों की जरूरतें, उनकी आर्थिक-सामाजिक स्थिति और संभावित नुकसान का विस्तृत अध्ययन करेगी। उनके सुझाव, आपत्तियां और मांगों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अध्ययन पूरा होने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। इसके बाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत पब्लिक हीयरिंग, आपत्तियों की सुनवाई और अंतिम अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद
24 अक्तूबर को जारी हो गई थी अधिसूचना
विभाग ने बताया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2011 की धारा-4 के तहत जारी निर्देशों के अनुसार अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सोशल इंपैक्ट असेसमेंट की औपचारिक शुरूआत कर दी गई है। विभाग के अनुसार इस संबंध में अधिसूचना 24 अक्टूबर 2025 को जारी की गई थी। अब अधिनियम की आवश्यकताओं को पूरा कर गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर को सोशल इंपैक्ट असेसमेंट करने का कार्य सौंपा गया है। यह अध्ययन उन गांवों और परिवारों पर भूमि अधिग्रहण के संभावित प्रभाव का आकलन करेगा, जिनकी जमीन प्रस्तावित सेक्टरों में आती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसआईए की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी और जनता की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि जब टीम उनके गांव पहुंचे तो वे पूरे तथ्यों के साथ अपनी बात रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम गांवों का दौरा कर यह पता लगाएगी कि भूमि अधिग्रहण से स्थानीय लोगों, किसानों, रहवासियों और कारोबारियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। साथ ही टीम प्रभावित परिवारों की जरूरतें, उनकी आर्थिक-सामाजिक स्थिति और संभावित नुकसान का विस्तृत अध्ययन करेगी। उनके सुझाव, आपत्तियां और मांगों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अध्ययन पूरा होने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। इसके बाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत पब्लिक हीयरिंग, आपत्तियों की सुनवाई और अंतिम अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद
विज्ञापन
24 अक्तूबर को जारी हो गई थी अधिसूचना
विभाग ने बताया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2011 की धारा-4 के तहत जारी निर्देशों के अनुसार अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सोशल इंपैक्ट असेसमेंट की औपचारिक शुरूआत कर दी गई है। विभाग के अनुसार इस संबंध में अधिसूचना 24 अक्टूबर 2025 को जारी की गई थी। अब अधिनियम की आवश्यकताओं को पूरा कर गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर को सोशल इंपैक्ट असेसमेंट करने का कार्य सौंपा गया है। यह अध्ययन उन गांवों और परिवारों पर भूमि अधिग्रहण के संभावित प्रभाव का आकलन करेगा, जिनकी जमीन प्रस्तावित सेक्टरों में आती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसआईए की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी और जनता की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि जब टीम उनके गांव पहुंचे तो वे पूरे तथ्यों के साथ अपनी बात रखे।
विज्ञापन