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सोलह मुख्यमंत्री बदले, लेकिन नहीं बदली गांव छोटी नंगल की किस्मत

Fri, 11 Feb 2022 02:21 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 11 Feb 2022 02:21 AM IST
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Sixteen chief ministers changed, but did not change the fate of village Choti Nangal
नयागांव। पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर शिवालिक की पहाड़ियों में गांव छोटी नंगल बसा है। लेकिन राजधानी के नजदीक होने पर भी अभी तक इस गांव को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। यहां के निवासी स्कूल से लेकर सेहत केंद्र और अन्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जबकि यहां के लोग आजादी के बाद से अब तक गोपीचंद भार्गव से लेकर चरणजीत सिंह चन्नी तक 16 मुख्यमंत्रियों को बदलते देख चुके हैं। लेकिन अभी तक इस गांव की किस्मत नहीं बदली है।
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जानकारी के मुताबिक गांव छोटी नंगल पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के फार्म हाउस से महज 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। 75 साल में पंजाब में हर राजनीतिक पार्टी की सरकार बनी। लेकिन राजधानी के पास बसे गांव को भी सरकारें भूल गई हैं। आलम यह है कि गांव के रास्ते टूटे-फूटे हैं। स्वास्थ्य केंद्र से लेकर स्कूल तक गांव में उपलब्ध नहीं है। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे गांव बड़ी नंगल स्थित प्राइमरी स्कूल का रुख करना पड़ता है। गांव के गरीबों के लिए सरकारी आवास योजना भी एक सपना बनकर रह गई है। बारिश के दिनों में कच्चे मकान और झोपड़ियों से टपकता हुआ पानी इस गांव के विकास की तस्वीर दिखाता है।
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गांव में रह गए मात्र 45 घर
गांव में इस समय मात्र 40 से 45 घर रह गए हैं। गांव की कुल आबादी करीब 250 है। यहां पर करीब 120 मतदाता हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटा गांव होने के कारण राजनेता गांव के विकास पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। गांव के लोग बेबसी में अपनी जिंदगी जी रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक चुनाव प्रचार के लिए गांव में कोई राजनेता नहीं पहुंचा है। वह किसी भी पार्टी के उम्मीदवार को नहीं जानते।
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अंतिम संस्कार के लिए करते बारिश रुकने का इंतजार
गांव में श्मशान घाट तो बना हुआ है। लेकिन इसमें किसी भी प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस कारण बारिश के दिनों में अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों को बारिश के रुकने का इंतजार करना पड़ता है। यह गांव की बड़ी समस्या है और लंबे अर्से से इस परेशानी को झेलते आ रहे हैं।
गांव में नहीं सरकारी स्कूल
गांव में कोई भी सरकारी स्कूल न होने के कारण बच्चों को बड़ी नंगल में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इस कारण गांव के काफी बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। -परमजीत सिंह, पंच छोटी नंगल।
ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं
गांव में कोई भी स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध नहीं है। इससे लोगों को दवा लेने के लिए दूर जाना पड़ता है। वहीं यहां पर कोई यातायात का साधन नहीं है। जिससे गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में काफी परेशान होना पड़ता है। -अमरनाथ, स्थानीय निवासी छोटी नंगल।
सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं मिल पाया
हमारे मकान कच्चे हैं। बारिश के दिनों मे इनमें से पानी टपकता है । सरकारी आवास योजना के लिए हमने फार्म भरे थे । लेकिन अभी तक हमें कोई पैसा नहीं मिला है। -जगीरो देवी स्थानीय निवासी छोटी नंगल
गांव की धर्मशाला का बुरा हाल
गांव की धर्मशाला का बुरा हाल है। गांव की धर्मशाला जर्जर हालत में है। न ही गांव के श्मशान घाट में कोई सुविधा उपलब्ध है। बरसात के दिनों में ग्रामीणों को काफी परेशान होना पड़ता है। -गुरमुख सिंह, स्थानीय निवासी छोटी नंगल।

जल्द होंगे विकास कार्य
गांव में जल्द विकास कार्य किए जाएंगे। यहां की गलियों को पक्का कर दिया गया है। मनरेगा के तहत गांव की सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। जल्द ही गांव की धर्मशाला की भी मरम्मत करवाई जाएगी। -जसप्रीत कौर, बीडीपीओ माजरी।
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