{"_id":"6ab2eb4d505bbabcf5022aff","slug":"children-will-play-in-a-safe-environment-and-learn-communication-and-balance-through-activities-mohali-news-c-71-1-mli1018-147197-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: सुरक्षित माहौल में खेलेंगे बच्चे, गतिविधियों से सीखेंगे संवाद और संतुलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: सुरक्षित माहौल में खेलेंगे बच्चे, गतिविधियों से सीखेंगे संवाद और संतुलन
विज्ञापन
मोहाली। एम्स मोहाली ऑटिज्म और न्यूरो डेवलपमेंटल समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के लिए एक इनडोर चिकित्सीय खेल क्षेत्र विकसित करेगा। यह सुविधा एम्स मोहाली के सेक्टर-79 स्थित ऑटिज्म और न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों के लिए उत्कृष्टता केंद्र में स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य थेरेपी को सहज, सुरक्षित और बच्चों के अनुकूल बनाना है, ताकि वे खेल-खेल में नए कौशल सीखें। इस क्षेत्र में सुरक्षित नरम फर्श, गद्देदार सतह और बच्चों के लिए विशेष उपकरण लगाए जाएंगे। यहां बच्चों को केवल खेलने का मौका नहीं मिलेगा, बल्कि खेल और गतिविधियों के जरिये संवाद, सामाजिक व्यवहार और शारीरिक संतुलन पर काम किया जाएगा।
विकासात्मक विशेषज्ञों के साथ व्यावसायिक चिकित्सक, भौतिक चिकित्सक और विशेष शिक्षक बच्चों की जरूरतों के अनुसार गतिविधियां कराएंगे। वाक्-भाषा चिकित्सक भी बच्चों के भाषा कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। इस सुविधा का उपयोग व्यक्तिगत चिकित्सा, छोटे समूह की गतिविधियों और स्कूल तैयारी कार्यक्रम के लिए होगा। एम्स मोहाली की वरिष्ठ सलाहकार और न्यूरो डेवलपमेंटल बाल रोग विशेषज्ञ छाया प्रसाद ने बताया कि खेल बच्चों के लिए सीखने का स्वाभाविक माध्यम है। उन्होंने कहा कि खेल-आधारित गतिविधियों में बच्चे सहज होकर भाग लेते हैं और इसी दौरान उनके संचार, सामाजिक संपर्क, मोटर कौशल और संवेदी जरूरतों पर काम किया जा सकता है।
संवाद और सामाजिक कौशल का विकास
गतिविधियों के दौरान बच्चों को अपनी जरूरत बताने और चीज मांगने का अभ्यास कराया जाएगा। उन्हें मना करने, विकल्प चुनने और मदद मांगने का तरीका भी सिखाया जाएगा। संयुक्त ध्यान, नकल करना और अपनी बारी का इंतजार करना जैसी चीजें भी सिखाई जाएंगी। बच्चे चीजें साझा करना और दूसरे बच्चों के साथ मिलकर खेलना सीखेंगे, जिससे भाषा और सामाजिक संपर्क बेहतर होगा।
विज्ञापन
शारीरिक संतुलन और मोटर कौशल
नरम-खेल क्षेत्र में रेंगना, चढ़ना, कूदना और संतुलन बनाना जैसी गतिविधियां होंगी। बच्चे सुरक्षित बाधाओं को पार करना भी सीखेंगे, जिससे मोटर योजना और शारीरिक नियंत्रण सुधरेगा। दीवारों पर पहेलियां, चुंबकीय गतिविधियां और दृश्य-मोटर पैनल लगाए जाएंगे। ये बच्चों के ध्यान, समस्या समाधान और हाथ-आंख के तालमेल को विकसित करने में सहायक होंगे। पशु चाल और संवेदी मार्ग जैसी गतिविधियां भी कराई जा सकेंगी।
विज्ञापन
विकासात्मक विशेषज्ञों के साथ व्यावसायिक चिकित्सक, भौतिक चिकित्सक और विशेष शिक्षक बच्चों की जरूरतों के अनुसार गतिविधियां कराएंगे। वाक्-भाषा चिकित्सक भी बच्चों के भाषा कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। इस सुविधा का उपयोग व्यक्तिगत चिकित्सा, छोटे समूह की गतिविधियों और स्कूल तैयारी कार्यक्रम के लिए होगा। एम्स मोहाली की वरिष्ठ सलाहकार और न्यूरो डेवलपमेंटल बाल रोग विशेषज्ञ छाया प्रसाद ने बताया कि खेल बच्चों के लिए सीखने का स्वाभाविक माध्यम है। उन्होंने कहा कि खेल-आधारित गतिविधियों में बच्चे सहज होकर भाग लेते हैं और इसी दौरान उनके संचार, सामाजिक संपर्क, मोटर कौशल और संवेदी जरूरतों पर काम किया जा सकता है।
विज्ञापन
संवाद और सामाजिक कौशल का विकास
गतिविधियों के दौरान बच्चों को अपनी जरूरत बताने और चीज मांगने का अभ्यास कराया जाएगा। उन्हें मना करने, विकल्प चुनने और मदद मांगने का तरीका भी सिखाया जाएगा। संयुक्त ध्यान, नकल करना और अपनी बारी का इंतजार करना जैसी चीजें भी सिखाई जाएंगी। बच्चे चीजें साझा करना और दूसरे बच्चों के साथ मिलकर खेलना सीखेंगे, जिससे भाषा और सामाजिक संपर्क बेहतर होगा।
विज्ञापन
शारीरिक संतुलन और मोटर कौशल
नरम-खेल क्षेत्र में रेंगना, चढ़ना, कूदना और संतुलन बनाना जैसी गतिविधियां होंगी। बच्चे सुरक्षित बाधाओं को पार करना भी सीखेंगे, जिससे मोटर योजना और शारीरिक नियंत्रण सुधरेगा। दीवारों पर पहेलियां, चुंबकीय गतिविधियां और दृश्य-मोटर पैनल लगाए जाएंगे। ये बच्चों के ध्यान, समस्या समाधान और हाथ-आंख के तालमेल को विकसित करने में सहायक होंगे। पशु चाल और संवेदी मार्ग जैसी गतिविधियां भी कराई जा सकेंगी।