मोहाली। पंजाब पेंशनर्स महासंघ और सहयोगी संगठनों ने फेज-8 स्थित पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के पास जोरदार धरना देकर सरकार से अपनी लंबित मांगों का तत्काल निपटारा करने की अपील की। बुजुर्ग पेंशनर्स ने डीए की बकाया किश्तें, पुरानी पेंशन की बहाली और नेशनल पेंशन फिक्स करने जैसी प्रमुख मांगों को उठाया। सरकार ने पेंशनर्स को 27 अक्टूबर को बैठक का समय देकर उनकी मांगों पर चर्चा का आश्वासन दिया। इसके बाद महासंघ ने धरने को शांतिपूर्ण तरीके से स्थगित कर दिया। सुबह से ही पंजाब के विभिन्न जिलों से आए 60 से 90 साल के हजारों बुजुर्गों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस प्रशासन ने कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।
फायर टेंडर तक मौके पर मौजूद था। महासंघ के अध्यक्ष डॉ. एनके कलसी ने चेतावनी दी कि अगर 27 अक्टूबर की बैठक में कोई समाधान नहीं निकला तो महासंघ और सहयोगी संगठन सख्त आंदोलन और भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि दिवाली से पहले डीए की लंबित किश्तें और अन्य पेंशन संबंधित मुद्दों को तुरंत हल किया जाए। धरने के दौरान पेंशनर्स ने मुख्यमंत्री पंजाब के निवास की तरफ मार्च करने की योजना भी बनाई थी, लेकिन बैठक के समय की घोषणा के बाद यह शांतिपूर्ण रूप से स्थगित कर दिया गया। महासंघ के नेताओं ने कहा कि पिछले साढ़े तीन सालों में सरकार केवल वादे करती रही, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बुजुर्ग सड़क पर बैठकर अपने हक की मांग कर रहे हैं।