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आपात स्थिति में आने वाले मरीज पहले देखें, कागजी काम बाद में हों : सिविल सर्जन
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मोहाली। सेहत विभाग द्वारा मरीजों को मुुहैया करवाई जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने फेज-छह स्थित जिला सिविल अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान वह इमरजेंसी वार्ड देखने भी गई। मरीजों को फ्री में दी जाने वाली दवाइयां की उपलब्धता व मेडिकल साजो सामान की भी चेकिंग की। वह अस्पताल के कई कमरों कमरों में गई। इस दौरान सारा स्टाफ हाजिर पाया गया। सिविल सर्जन ने अस्पताल के प्रबंधों पर तसल्ली प्रकट की।
सिविल सर्जन ने कहा कि उन्हें अक्सर मरीजों को इमरजेंसी में उचित सुविधाएं न मिलने और डॉक्टरों के न होने की शिकायतें मिलती थीं। ऐसे में आज के दौरे में इन सभी चीजों को परखा गया। उन्होंने डॉक्टरों सहित पूरे सेहत मुलाजिमों को कहा कि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को पहले देखा जाए जबकि कागजी काम बाद में पूरे किए जाएं। अस्पताल का पहला काम मरीजों की देखभाल करना और इलाज शुरू करना है। मरीजों को बाहर से दवा लाने के लिए कहने के बजाय अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां दी जाएं। इसके साथ ही साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाए।
‘डॉक्टर व स्टाफ विपरीत परिस्थितियों में भी आपा न खोएं’
डॉ. आदर्श पाल कौर ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मरीज के साथ डॉक्टरों को भी मरीजों के साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए। सिविल सर्जन ने अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को समझाया कि मरीजों के साथ प्रेम भरा और हमदर्दी वाला माहौल रखा जाए। विपरीत स्थिति उत्पन्न होने पर भी वे अपना आपा न खोएं। डॉक्टर और मरीज के बीच का रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब डॉक्टर मरीज के प्रति सहानुभूति दिखाता है तो रोगी अपनी बीमारी के बारे में खुलकर बात कर पाएगा जिससे उसका इलाज जल्दी हो सकेगा।
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सिविल सर्जन ने कहा कि उन्हें अक्सर मरीजों को इमरजेंसी में उचित सुविधाएं न मिलने और डॉक्टरों के न होने की शिकायतें मिलती थीं। ऐसे में आज के दौरे में इन सभी चीजों को परखा गया। उन्होंने डॉक्टरों सहित पूरे सेहत मुलाजिमों को कहा कि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को पहले देखा जाए जबकि कागजी काम बाद में पूरे किए जाएं। अस्पताल का पहला काम मरीजों की देखभाल करना और इलाज शुरू करना है। मरीजों को बाहर से दवा लाने के लिए कहने के बजाय अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां दी जाएं। इसके साथ ही साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाए।
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‘डॉक्टर व स्टाफ विपरीत परिस्थितियों में भी आपा न खोएं’
डॉ. आदर्श पाल कौर ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मरीज के साथ डॉक्टरों को भी मरीजों के साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए। सिविल सर्जन ने अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को समझाया कि मरीजों के साथ प्रेम भरा और हमदर्दी वाला माहौल रखा जाए। विपरीत स्थिति उत्पन्न होने पर भी वे अपना आपा न खोएं। डॉक्टर और मरीज के बीच का रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब डॉक्टर मरीज के प्रति सहानुभूति दिखाता है तो रोगी अपनी बीमारी के बारे में खुलकर बात कर पाएगा जिससे उसका इलाज जल्दी हो सकेगा।
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