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Mohali News: फेज-4, 5 और शाहीमाजरा के लोग कूड़े से परेशान, निदान की मांग
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मोहाली। फेज-4, फेज-5, शाहीमाजरा और आसपास के इलाकों के निवासियों में दोबारा कूड़े के डंपिंग पॉइंट को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि हाल ही में शाहीमाजरा स्थित आरएमसी पॉइंट बंद होने के बाद क्षेत्र का माहौल काफी बेहतर हुआ था। हवा साफ हुई, बदबू खत्म हुई और मच्छर-पतंगे कम हुए। अब यह आशंका जताई जा रही है कि नई कूड़ा प्रोसेसिंग साइट तय न होने के कारण फिर से मोहाली का कूड़ा शाहीमाजरा आरएमसी पॉइंट पर ही डाला जा रहा है।
ग्रीन पार्क रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान मोहिंदर सिंह ने मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि किसी भी हालत में यह डंपिंग जोन आवासीय इलाकों के पास दोबारा शुरू न किया जाए। सोसाइटी ने कहा कि शाहीमाजरा के आसपास स्कूल, धार्मिक स्थल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। ऐसे में अगर कूड़ा वहीं फेंका गया, तो न सिर्फ बदबू और प्रदूषण बढ़ेगा बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी असर पड़ेगा। निवासियों का कहना है कि जब आरएमसी पॉइंट बंद हुआ था, तब पूरे क्षेत्र में राहत की सांस ली गई थी। लोगों को लगा कि अब उनके घरों के पास से गंदगी, धुआं और कीड़े-मकौड़े खत्म होंगे।
सोसाइटी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि गमाडा ने अभी तक कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट के लिए कोई वैकल्पिक जगह तय नहीं की है। ऐसे में प्रशासनिक देरी से फिर वही पुराना डंपिंग स्थल सक्रिय हो सकता है। निवासियों ने विधायक से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर पर्यावरण सुधार की दिशा में किए गए अब तक के प्रयासों को बेकार न होने दें। लोगों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र को दोबारा कूड़ा घर नहीं बनने देंगे।
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ग्रीन पार्क रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान मोहिंदर सिंह ने मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि किसी भी हालत में यह डंपिंग जोन आवासीय इलाकों के पास दोबारा शुरू न किया जाए। सोसाइटी ने कहा कि शाहीमाजरा के आसपास स्कूल, धार्मिक स्थल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। ऐसे में अगर कूड़ा वहीं फेंका गया, तो न सिर्फ बदबू और प्रदूषण बढ़ेगा बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी असर पड़ेगा। निवासियों का कहना है कि जब आरएमसी पॉइंट बंद हुआ था, तब पूरे क्षेत्र में राहत की सांस ली गई थी। लोगों को लगा कि अब उनके घरों के पास से गंदगी, धुआं और कीड़े-मकौड़े खत्म होंगे।
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सोसाइटी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि गमाडा ने अभी तक कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट के लिए कोई वैकल्पिक जगह तय नहीं की है। ऐसे में प्रशासनिक देरी से फिर वही पुराना डंपिंग स्थल सक्रिय हो सकता है। निवासियों ने विधायक से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर पर्यावरण सुधार की दिशा में किए गए अब तक के प्रयासों को बेकार न होने दें। लोगों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र को दोबारा कूड़ा घर नहीं बनने देंगे।
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