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पीआर-7 पर मिलेगी वाहनों को रफ्तार तो ही ट्रैफिक जाम की समस्या होगी दरकिनार

Wed, 05 Aug 2020 02:12 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 02:12 AM IST
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PR-7 will get the speed of vehicles only if there is a problem of traffic jam
जीरकपुर। शहर के लोगों को सुबह-शाम ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए सिर्फ एक ही विकल्प बचा है कि मोहाली को पंचकूला से जोड़ने के लिए बनाया जाने वाला पीआर-7 का काम रफ्तार पकड़े।
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जी हां, पीआर-7 का काम पूरा हो तो दिल्ली से चलकर डेराबस्सी की ओर से जीरकपुर के बीच से निकलने वाले ट्रैफिक के कारण लगने वाले जाम से स्थानीय लोगों को निजात मिल सकती है। वहीं, पीआर-7 बनाने के लिए मीटिंग तो कई हो चुकी हैं पर अब तक काम ही शुरू नहीं हुआ।
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बेशक यह प्रोजेक्ट गमाडा का है पर अब इसको एनएचएआई को दिया जा सकता है। पीआर-7 के निर्माण के साथ ही जीरकपुर में प्रवेश करने वाला ज्यादा ट्रैफिक उस रोड पर डायवर्ट हो जाएगा। इतना हीे नहीं, चूंकि यह रोड जीरकपुर को सीधे पंचकूला से जोड़ेगी, इस वजह से पंचकूला जाने वाले जीरकपुर पुल की ओर न जाकर इसी पीआर-7 से होकर पंचकूला सीधे निकल जाएंगे। इतना ही नहीं जो ट्रैफिक हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाला होगा वह भी जीरकपुर से पहले डायवर्ट हो जाएगा। देखा जाए तो जीरकपुर में प्रतिदिन डेढ़ लाख से ज्यादा वाहन आते और जाते हैं। इतने वाहनों के लिए चंडीगढ़ और पटियाला को कनेक्ट करने वाली एयरपोर्ट रोड और जीरकपुर-चंडीगढ़ रोड है। जिसकी वजह से वाहनों का दबाव इस रोड पर ज्यादा होता है।
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कई बैठक हो चुकी हैं इसकी
पीआर-7 के निर्माण कार्य को लेकर मंगलवार को गमाडा के अधिकारियों के साथ एनएचएआई की मीटिंग हुई। यह प्रोजेक्ट अब गमाडा ने एनएचएआई को सौंपना है।
इसको लेकर 23 जुलाई को भी गमाडा, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, डिप्टी डायरेक्टर लोकल बॉडीज और जीरकपुर नगर परिषद के अफसरों की मीटिंग हुई थी।
जहां हुआ सर्वे वहीं बनेगी रोड
पीआर-7 बनाने के लिए जिस एरिया में पहले सर्वे हुआ उसी जगह पर रोड बनाई जाएगी। कई लोगों को लग रहा था कि चंडीगढ़-अंबाला रोड पर माया गार्डन मैग्नेशिया प्वॉइंट से लेकर आगे नगला तक पीआर-7 को पंचकूला तक बनाने के लिए जगह में बदलाव किया गया है। लेकिन ऐसा नहीं है। यहां गमाडा की ओर से तैयार पीआर-7 बनाने के लिए जगह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह नक्शे में साफ देखा जा सकता है।
जीरकपुर एमसी के हिस्से में यह काम
जीरकपुर-पटियाला रोड पर पीआर-7 लाइट प्वॉइंट से लेकर आगे पीरमुछल्ला तक करीब 5 किलोमीटर तक इस रोड के दायरे में आने वाली सीवरेज, वॉटर सप्लाई और ड्रेनेज लाइन के बारे में एमसी को जानकारी देनी होगी और बताना होगा कि यहां किस एरिया में पीआर-7 बनाने में एनएचएआई को जमीन क्लियर चाहिए। इसलिए जीरकपुर एमसी को यहां यह काम करना होगा। चंडीगढ़-अंबाला रोड से लेकर पीरमुछल्ला और इसके आगे घग्गर पार तक बनने वाले करीब 4 किलोमीटर हिस्से पर किस तरह से काम होगा, इसका ले-आउट प्लान, इस पर बनने वाले फ्लाईओवर्स, रेलवे ब्रिज, सर्विस लेन और इस रोड के दोनों ओर होने वाली कॉमर्शियल एक्टिविटीज से लेकर ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम के काम को कैसे पूरा किया जाएगा, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
फ्लाईओवर बनाने के लिए होगा सर्वे
चंडीगढ़-अंबाला रोड पर जिस जगह पीआर-7 जंक्शन है, वहां फ्लाईओवर बनाने के लिए सर्वे होगा। फ्लाईओवर पीआर-7 पर बनेगा या चंडीगढ़-अंबाला रोड पर, यह रिपोर्ट कुछ दिन में तैयार हो जाएगी। पीआर-7 की कुल चौड़ाई 200 फीट है।

इसके बाहर कुछ मीटर तक नो कंस्ट्रक्शन जोन होगा। जीरकपुर एरिया में जो इस जोन के दायरे में बिल्डिंग आएंगी, उन्हें हटाया जाएगा, क्योंकि पीआर-7 एक्सप्रेस-वे की तरह बनाया जाना है।
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