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आगामी विधानसभा चुनाव-2022 के लिए माहौल बनाने को राजनीतिक पार्टियां भूलीं कोरोना दिशानिर्देश
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मोहाली। चुनावी माहौल तैयार करने की कवायद में अकालियों ने पिछले दस दिनों के दौरान दूसरी बार कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन किया है। 7 जून के बाद मंगलवार को दूसरी बार शिअद नेता सरकार पर कोरोना काल में घोटाले का आरोप लगाकर कोरोना नियमों को तोड़कर सड़क पर उतरे।
राज्य में आगामी विधान सभा चुनाव-2022 के लिए चुनावी माहौल बनाने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां सरगर्म हैं। अपनी इसी कवायद में सियासी दल कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। सरकार और सेहत मंत्री पर कोरोना वैक्सीन निजी अस्पतालों को बेचे जाने का आरोप लगते ही अन्य राजनीतिक दलों के हाथ विरोध करने का मौका लग गया है। राजनीतिक पार्टियां चुनावी लाभ के लिए इस मौके को भुनाने की चाह में कोरोना के नियमों की भी परवाह नहीं कर रही हैं। 7 जून को भी शिअद और आम आदमी पार्टी ने सेहत मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करते हुए कोरोना नियमों का उल्लंघन किया था।
इसके बाद अब मंगलवार को फिर से इसी मुद्दे को लेकर अकाली-बसपा नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरे तो कोरोना गाइडलाइन का पालन करना बिलकुल ही भूल गए और इसे कोई तवज्जो नहीं दी। इस प्रदर्शन के दौरान उग्र होते हुए कार्यकर्ताओं को देखकर पुलिस ने मंगलवार को कुराली में शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल सहित सभी प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। जिन्हें आधे घंटे के बाद छोड़ दिया गया।
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हालांकि 7 जून को सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं समेत 300 लोगों के खिलाफ कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर केस दर्ज हुआ था। साथ ही सभी पर सरकारी कामों में बाधा डालने और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। शिअद नेताओं में पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल, पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, विधायक शरनजीत सिंह ढिल्लों, विधायक डेराबस्सी एनके शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा, पवन कुमार टीनू पूर्व एमएलए, एमएलए सुखविंदर सिंह सुक्खी, पूर्व मंत्री सोहन सिंह थंडल, पूर्व विधायक गुरवचन सिंह बबहाली, पूर्व विधायक हीरा सिंह गाबड़िया, पूर्व मंत्री विरसा सिंह वल्टोहा, पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, पूर्व मंत्री गुरप्रताप सिंह वडाला, लखविंदर सिंह लोधी नंगल, चरनजीत सिंह बराड़, हरचरन सिंह, हरदेव सिंह नोनीमामल, हरमनप्रीत सिंह प्रिंस, सिमरनजीत सिंह चंदूमाजरा, रोजी बरकंदी, बंटी रोमाना और रंजीत सिंह गिल का नाम शामिल था।
जबकि ‘आप’ नेताओं में पंजाब विधान में नेता प्रतिपक्ष की उप नेता सरबजीत कौर माणूंके, विधायक जय कृष्ण सिंह रोड़ी, विधायक अमरजीत सिंह संदोआ, यूथ विंग की सह-प्रधान अनमोल गगन मान और वरिष्ठ नेता मनविंदर सिंह समेत 150 नेता और समर्थक शामिल थे।
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राज्य में आगामी विधान सभा चुनाव-2022 के लिए चुनावी माहौल बनाने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां सरगर्म हैं। अपनी इसी कवायद में सियासी दल कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। सरकार और सेहत मंत्री पर कोरोना वैक्सीन निजी अस्पतालों को बेचे जाने का आरोप लगते ही अन्य राजनीतिक दलों के हाथ विरोध करने का मौका लग गया है। राजनीतिक पार्टियां चुनावी लाभ के लिए इस मौके को भुनाने की चाह में कोरोना के नियमों की भी परवाह नहीं कर रही हैं। 7 जून को भी शिअद और आम आदमी पार्टी ने सेहत मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करते हुए कोरोना नियमों का उल्लंघन किया था।
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इसके बाद अब मंगलवार को फिर से इसी मुद्दे को लेकर अकाली-बसपा नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरे तो कोरोना गाइडलाइन का पालन करना बिलकुल ही भूल गए और इसे कोई तवज्जो नहीं दी। इस प्रदर्शन के दौरान उग्र होते हुए कार्यकर्ताओं को देखकर पुलिस ने मंगलवार को कुराली में शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल सहित सभी प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। जिन्हें आधे घंटे के बाद छोड़ दिया गया।
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हालांकि 7 जून को सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं समेत 300 लोगों के खिलाफ कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर केस दर्ज हुआ था। साथ ही सभी पर सरकारी कामों में बाधा डालने और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। शिअद नेताओं में पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल, पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, विधायक शरनजीत सिंह ढिल्लों, विधायक डेराबस्सी एनके शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा, पवन कुमार टीनू पूर्व एमएलए, एमएलए सुखविंदर सिंह सुक्खी, पूर्व मंत्री सोहन सिंह थंडल, पूर्व विधायक गुरवचन सिंह बबहाली, पूर्व विधायक हीरा सिंह गाबड़िया, पूर्व मंत्री विरसा सिंह वल्टोहा, पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, पूर्व मंत्री गुरप्रताप सिंह वडाला, लखविंदर सिंह लोधी नंगल, चरनजीत सिंह बराड़, हरचरन सिंह, हरदेव सिंह नोनीमामल, हरमनप्रीत सिंह प्रिंस, सिमरनजीत सिंह चंदूमाजरा, रोजी बरकंदी, बंटी रोमाना और रंजीत सिंह गिल का नाम शामिल था।
जबकि ‘आप’ नेताओं में पंजाब विधान में नेता प्रतिपक्ष की उप नेता सरबजीत कौर माणूंके, विधायक जय कृष्ण सिंह रोड़ी, विधायक अमरजीत सिंह संदोआ, यूथ विंग की सह-प्रधान अनमोल गगन मान और वरिष्ठ नेता मनविंदर सिंह समेत 150 नेता और समर्थक शामिल थे।