{"_id":"684c67908788ff00440c540b","slug":"people-of-zirakpur-are-finding-it-difficult-to-live-without-electricity-and-water-in-45-degree-temperature-mohali-news-c-71-1-mli1010-130115-2025-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: 45 डिग्री तापमान पर बिना बिजली-पानी से जीरकपुर के लोगों का जीना हुआ मुहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: 45 डिग्री तापमान पर बिना बिजली-पानी से जीरकपुर के लोगों का जीना हुआ मुहाल
विज्ञापन
जीरकपुर। नगर परिषद जीरकपुर ने इस साल भी ट्यूबवेल चलाने के लिए जनरेटर और पॉवर बैकअप की व्यवस्था नहीं की है। इसके चलते गर्मियों में किसी कारण लगने वाले पावर कट के कारण शहरवासियों को पानी की सप्लाई नहीं मिल रही। जीरकपुर की आबादी छह लाख से अधिक पहुंच गई है। ऐसे में पानी सबके लिए मूल जरूरत है। गर्मी आते ही पानी की आवश्यकता बढ़ने लगती है। दूसरा गर्मी में बिजली की भी अधिक खपत होने शुरू हो जाती है। कटौती के अलावा गर्मी में आंधी तूफान से भी बिजली की सप्लाई प्रभावित होती है।
ऐसे में शहरवासियों को पानी की भी सप्लाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कारण, शहर में पानी की सप्लाई के लिए 126 ट्यूबवेल तो लगे हैं पर इनमें से एक पर भी जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बिजली का कट लगने की स्थिति में शहरवासियों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। जीरकपुर में लोगों का कहना है कि यहां गर्मी ने भी धीरे धीरे अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अभी गर्मी का पूरा सीजन पड़ा है। पिछले एक हफ्ते में हर क्षेत्र में प्रतिदिन 12- 12 घंटे बिजली बंद रही, जिस कारण पानी की सप्लाई भी बुरी तरह से प्रभावित हुई। कुछ क्षेत्रों में तो लोगों द्वारा पानी के टैंकर मंगवा कर उसी से गुजारा करना पड़ा। वहीं पावरकॉम के अधिकारियों का दावा है कि बिजली की सप्लाई को पटरी पर लाने के लिए पावरकॉम पुख्ता इंतजाम कर रहा है।
ट्यूबवेल्स पर पावर बैकअप का बंदोबस्त नहीं
शहर में पानी सप्लाई के लिए 126 ट्यूबवेल है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि किसी भी ट्यूबवेल पर पावर बैकअप का इंतजाम नहीं है। ऐसा नहीं कि पावर बैकअप के लिए जेनरेटर सेट नहीं थे। कुछ साल पहले नगर परिषद ने ट्यूबवेल चलाने 10 के करीब जेनरेटर सेट खरीदे गए थे। एक-दो साल चलाने के बाद उनको कबाड़ की तरह छोड़ दिया गया। सभी जेनरेटर ट्यूबवेल्स के आसपास झाड़ियां, कचरे और खुले में खराब हो गए। अब किसी भी ट्यूबवेल पर जनरेटर नजर नहीं आता और पहले वाले जनरेटर संबंधी किसी भी अधिकारी को कोई जानकारी नहीं है कि वह जनरेटर कहां गए, चोरी हो गई या बेच दिए गए।
विज्ञापन
जिस भी ट्यूबवेल पर ज्यादा कॉलोनियों या ज्यादा आबादी निर्भर हैं, हम उन ट्यूबवेल से संबंधित जानकारी इकट्ठी करके और एस्टीमेट बनाकर उन पर जनरेटर लगाने संबंधी जल्द ही कार्यवाही शुरू कर रहे हैं। - जितेंद्र सिंह बैंस एसडीओ नगर परिषद जीरकपुर।
विज्ञापन
ऐसे में शहरवासियों को पानी की भी सप्लाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कारण, शहर में पानी की सप्लाई के लिए 126 ट्यूबवेल तो लगे हैं पर इनमें से एक पर भी जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बिजली का कट लगने की स्थिति में शहरवासियों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। जीरकपुर में लोगों का कहना है कि यहां गर्मी ने भी धीरे धीरे अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अभी गर्मी का पूरा सीजन पड़ा है। पिछले एक हफ्ते में हर क्षेत्र में प्रतिदिन 12- 12 घंटे बिजली बंद रही, जिस कारण पानी की सप्लाई भी बुरी तरह से प्रभावित हुई। कुछ क्षेत्रों में तो लोगों द्वारा पानी के टैंकर मंगवा कर उसी से गुजारा करना पड़ा। वहीं पावरकॉम के अधिकारियों का दावा है कि बिजली की सप्लाई को पटरी पर लाने के लिए पावरकॉम पुख्ता इंतजाम कर रहा है।
विज्ञापन
ट्यूबवेल्स पर पावर बैकअप का बंदोबस्त नहीं
शहर में पानी सप्लाई के लिए 126 ट्यूबवेल है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि किसी भी ट्यूबवेल पर पावर बैकअप का इंतजाम नहीं है। ऐसा नहीं कि पावर बैकअप के लिए जेनरेटर सेट नहीं थे। कुछ साल पहले नगर परिषद ने ट्यूबवेल चलाने 10 के करीब जेनरेटर सेट खरीदे गए थे। एक-दो साल चलाने के बाद उनको कबाड़ की तरह छोड़ दिया गया। सभी जेनरेटर ट्यूबवेल्स के आसपास झाड़ियां, कचरे और खुले में खराब हो गए। अब किसी भी ट्यूबवेल पर जनरेटर नजर नहीं आता और पहले वाले जनरेटर संबंधी किसी भी अधिकारी को कोई जानकारी नहीं है कि वह जनरेटर कहां गए, चोरी हो गई या बेच दिए गए।
विज्ञापन
जिस भी ट्यूबवेल पर ज्यादा कॉलोनियों या ज्यादा आबादी निर्भर हैं, हम उन ट्यूबवेल से संबंधित जानकारी इकट्ठी करके और एस्टीमेट बनाकर उन पर जनरेटर लगाने संबंधी जल्द ही कार्यवाही शुरू कर रहे हैं। - जितेंद्र सिंह बैंस एसडीओ नगर परिषद जीरकपुर।