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Mohali News: ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश, आठ ठग गिरफ्तार
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मोहाली। साइबर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के आठ ऑनलाइन ठगों को गिरफ्तार भी किया है। यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग एप में उच्च रिटर्न का वादा कर पूरे भारत में आम नागरिकों को फंसाया था। जांच में सामने आया है कि उसने पीड़ितों से लगभग 18 करोड़ रुपये की ठगी की है।
आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी मोहाली हरमनदीप हंस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पंकज गोस्वामी निवासी हनुमानगढ़ राजस्थान, भैवन कुमार निवासी नागपुर महाराष्ट्र, गुरप्रीत सिंह निवासी हनुमानगढ़ राजस्थान, मंजीत सिंह निवासी टिब्बी राजस्थान, निखिल कुमार निवासी जौनपुर बिहार, अजय निवासी टिब्बी राजस्थान, हर्ष कुमार निवासी मध्य प्रदेश और रितेश माझी निवासी सुभाष चौक मध्य-प्रदेश हैं। इन लोगों से पांच लैपटॉप, 51 मोबाइल फोन, 70 सिम कार्ड, 127 डेबिट कार्ड और ढाई लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है। सभी आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
एसएसपी ने बताया कि डीएसपी साइबर क्राइम रुपिंदर कौर सोही को खुफिया सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई कर साइबर पुलिस ने खरड़ के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में एक साथ छापे मारे। इसमें कोइयान सिटी होम्स गिल्को वैली और रॉयल अपार्टमेंट शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने https://www.allpanelexch.com वेबसाइट को ऑनलाइन गेम खेलने और ज्यादा मुनाफा कमाने के प्लेटफार्म के रूप में प्रचारित करते थे। शुरुआत में वे व्हाट्सएप पर नकली डेमो दिखाकर पीड़ितों को लुभाते थे।
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यूजर आईडी बनाने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन देते थे। लोगों को एक लिंक के जरिए लॉग इन करने के लिए कहा जाता था। जांच से पता चला है कि यह धोखाधड़ी का धंधा खरड़ में दो अलग-अलग जगहों से चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में इस धंधे के पीछे मास्टरमाइंड की पहचान विजय नाम से हुई है। वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके नाम एक लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। साइबर पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन गेम या निवेश के अवसर प्रदान करने वाली वेबसाइटों के साथ बातचीत करते समय सावधानी रखें।
6 माह में मोहाली में 8 फर्जी कॉल सेंटर पकड़े, 203 गिरफ्तार
छह माह में मोहाली पुलिस ने नौ फर्जी कॉल सेंटर पकड़े हैं। यहां से कुल 203 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कर्मचारियों पर भी केस दर्ज किया गया है। हालांकि कर्मचारियों की कोर्ट में दलील रहती है कि वे महज कर्मचारी हैं, उनका इसमें कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट उनसे सवाल करती है कि वे भले ही कर्मचारी हैं, लेकिन बालिग हैं। उन्हें अच्छी तरह से पता होता है कि वे कॉल सेंटर में क्या काम कर रहे हैं। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को 20 से 25 हजार महीने वेतन पर रखा जाता था। वे प्रति महीना लाखों रुपये की कमाई करते थे। कर्मचारियों को उनकी ठगी के हिसाब से कमीशन दिया जाता है।
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आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी मोहाली हरमनदीप हंस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पंकज गोस्वामी निवासी हनुमानगढ़ राजस्थान, भैवन कुमार निवासी नागपुर महाराष्ट्र, गुरप्रीत सिंह निवासी हनुमानगढ़ राजस्थान, मंजीत सिंह निवासी टिब्बी राजस्थान, निखिल कुमार निवासी जौनपुर बिहार, अजय निवासी टिब्बी राजस्थान, हर्ष कुमार निवासी मध्य प्रदेश और रितेश माझी निवासी सुभाष चौक मध्य-प्रदेश हैं। इन लोगों से पांच लैपटॉप, 51 मोबाइल फोन, 70 सिम कार्ड, 127 डेबिट कार्ड और ढाई लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है। सभी आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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एसएसपी ने बताया कि डीएसपी साइबर क्राइम रुपिंदर कौर सोही को खुफिया सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई कर साइबर पुलिस ने खरड़ के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में एक साथ छापे मारे। इसमें कोइयान सिटी होम्स गिल्को वैली और रॉयल अपार्टमेंट शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने https://www.allpanelexch.com वेबसाइट को ऑनलाइन गेम खेलने और ज्यादा मुनाफा कमाने के प्लेटफार्म के रूप में प्रचारित करते थे। शुरुआत में वे व्हाट्सएप पर नकली डेमो दिखाकर पीड़ितों को लुभाते थे।
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यूजर आईडी बनाने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन देते थे। लोगों को एक लिंक के जरिए लॉग इन करने के लिए कहा जाता था। जांच से पता चला है कि यह धोखाधड़ी का धंधा खरड़ में दो अलग-अलग जगहों से चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में इस धंधे के पीछे मास्टरमाइंड की पहचान विजय नाम से हुई है। वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके नाम एक लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। साइबर पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन गेम या निवेश के अवसर प्रदान करने वाली वेबसाइटों के साथ बातचीत करते समय सावधानी रखें।
6 माह में मोहाली में 8 फर्जी कॉल सेंटर पकड़े, 203 गिरफ्तार
छह माह में मोहाली पुलिस ने नौ फर्जी कॉल सेंटर पकड़े हैं। यहां से कुल 203 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कर्मचारियों पर भी केस दर्ज किया गया है। हालांकि कर्मचारियों की कोर्ट में दलील रहती है कि वे महज कर्मचारी हैं, उनका इसमें कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट उनसे सवाल करती है कि वे भले ही कर्मचारी हैं, लेकिन बालिग हैं। उन्हें अच्छी तरह से पता होता है कि वे कॉल सेंटर में क्या काम कर रहे हैं। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को 20 से 25 हजार महीने वेतन पर रखा जाता था। वे प्रति महीना लाखों रुपये की कमाई करते थे। कर्मचारियों को उनकी ठगी के हिसाब से कमीशन दिया जाता है।