{"_id":"6141115c8ebc3e3ee67ea9b7","slug":"one-arrested-for-arranging-candidates-in-written-examination-of-jobs-nine-nominated-mohali-news-pkl426786424","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरियों की लिखित परीक्षा में उम्मीदवारों के इंतजाम के बहाने ठगनेवाला एक काबू, नौ नामजद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरियों की लिखित परीक्षा में उम्मीदवारों के इंतजाम के बहाने ठगनेवाला एक काबू, नौ नामजद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। पुलिस भर्ती समेत सरकारी नौकरियों की लिखित परीक्षाओं में असल आवेदकों की जगह फर्जी उम्मीदवारों बैठाने के बहाने लोगों को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने थाना फेज-8 में एक आरोपी को गिरफ्तार कर नौ लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान हरिकृष्ण, मंजीत कुमार, वाहन सिंह, सुमित कुमार, सोनू, कुलदीप सिंह, संदीप कुमार, योगेश और छोटा राम के रूप में हुई है। इनमें से आरोपी हरिकृष्ण को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि एक अन्य आरोपी फरार है। पुलिस ने सभी आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक सीआईए स्टाफ को सूचना मिली थी कि इस गिरोह का मुखिया हरिकृष्ण सेक्टर-99 का रहने वाला है और वह गांव कुंभड़ा में आया हुआ है। साथ ही वह कुछ युवाओं को ठगने की फिराक में है। इसी बीच पुलिस ने पूरी रणनीति के साथ छापा मारकर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि वह किस तरह से युवाओं को अपना शिकार बनाता था। वहीं, पेपर संबंधी किसी तरह के रेट तय किए गए थे। बता दें कि अपनी तरह का यह पहला मामला है। हालांकि कुछ साल पहले विजिलेंस ने इसी तरह के गिरोह का पर्दाफाश कर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। यह मामला अब अदालत में विचाराधीन है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक सीआईए स्टाफ को सूचना मिली थी कि इस गिरोह का मुखिया हरिकृष्ण सेक्टर-99 का रहने वाला है और वह गांव कुंभड़ा में आया हुआ है। साथ ही वह कुछ युवाओं को ठगने की फिराक में है। इसी बीच पुलिस ने पूरी रणनीति के साथ छापा मारकर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि वह किस तरह से युवाओं को अपना शिकार बनाता था। वहीं, पेपर संबंधी किसी तरह के रेट तय किए गए थे। बता दें कि अपनी तरह का यह पहला मामला है। हालांकि कुछ साल पहले विजिलेंस ने इसी तरह के गिरोह का पर्दाफाश कर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। यह मामला अब अदालत में विचाराधीन है।
विज्ञापन