फादर्स डे: सपनों को हकीकत में बदल वायुसेना में अफसर बने दो बेटे, पिता को समर्पित की सफलता
पठानकोट के प्रीतइंदर पाल सिंह भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बने हैं। वहीं अमृतसर के सहज शर्मा वायुसेना के हेलीकॉप्टर विंग का हिस्सा होंगे। प्रीतइंदर पाल सिंह के पिता सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। माता अमनप्रीत कौर शिक्षिका हैं। सहज शर्मा के पिता अमृतसर में रेडक्रास सोसाइटी में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात हैं। उनकी माता गीता शर्मा गृहिणी हैं। दोनों जवानों ने अपनी सफलता फादर्स डे पर अपने पिता को समर्पित की है।
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पंजाब के दो बेटों ने सपनों को उड़ान देकर अपनी कामयाबी को फादर्स डे पर अपने पिता को समर्पित किया है। इनमें पठानकोट के प्रीतइंदर पाल सिंह बाठ और अमृतसर के सहज शर्मा शनिवार को भारतीय वायु सेना में अधिकारी के तौर पर शामिल हुए।
जहां बाठ ने फाइटर पायलट बनने का सपना पूरा किया, वहीं सहज ने आसमान छूने की ख्वाहिश साकार कर हेलीकॉप्टर विंग में जगह हासिल की। इन दोनों ने मोहाली के महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्स प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
महाराजा रणजीत सिंह एएफपीआई के दो कैडेट शनिवार को हैदराबाद की डुंडीगल वायु सेना अकादमी में हुई ज्वाइंट ग्रेजुएशन परेड का हिस्सा बने। इसके बाद दोनों कैडेट विधिवत रूप से भारतीय वायुसेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुए।
तीन साल एनडीए में और एक साल वायुसेना अकादमी में कड़ा प्रशिक्षण हासिल करने के बाद पंजाब के इन दो युवाओं ने वायुसेना में कमीशन हासिल किया। पासिंग आउट परेड में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरएस भदौरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
शनिवार को डुंडीगल वायुसेना अकादमी में 24 महिला कैडेट्स सहित 152 कैडेट्स ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। यह सभी अब वायुसेना अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेंगे।
पठानकोट में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल राजिंदर सिंह बाठ और शिक्षिका अमनप्रीत कौर के बेटे हैं। प्रीतइंदर पाल सिंह बाठ की नई पहचान भारतीय वायुसेना के फाइटर पायलट के तौर पर बन चुकी है। वहीं सहज शर्मा के पिता धरविंदर शर्मा अमृतसर में रेडक्रास सोसाइटी में वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत हैं, जबकि माता गीता शर्मा गृहिणी हैं।
मध्यम वर्गीय परिवारों से ताल्लुक रखने वाले दोनों युवाओं ने अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की है। सहज ने बताया कि असफलताएं हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं, इनसे हार मान कर बैठने वालों के सपने कभी पूरे नहीं होते। प्रीतइंदर पाल सिंह बाठ अब भारतीय वायुसेना की फाइटर विंग का हिस्सा होंगे और सहज शर्मा वायुसेना की हेलीकॉप्टर विंग मेें हिस्सा बनेंगे।
बाठ ने 2017 में पास किया एनडीए
प्रीतइंदर सिंह बाठ ने बताया कि उनका परिवार पठानकोट से है, वहीं 10वीं तक की पढ़ाई उन्होंने की। इसके बाद 2015 में उन्होंने मोहाली के महाराजा रणजीत सिंह एएफपीआई से प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
2017 में उन्होंने एनडीए की परीक्षा पास की। उनके परिवार से कोई सेना में नहीं था, कई लोगों ने मार्गदर्शन किया। बचपन में जब पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनता तो मन चाहता था कि उनके साथ उड़ूं, तभी ठान लिया था कि एक दिन मैं भी फाइटर पायलट बनूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी सफलता के पीछे मेरे पिता का खास योगदान है।