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Mohali News: नगर परिषद अध्यक्ष उदयवीर ढिल्लों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश

Sat, 29 Jun 2024 05:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2024 05:49 AM IST
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No-confidence motion presented against Municipal Council President Udayveer Dhillon
जीरकपुर। नगर परिषद के अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लों के खिलाफ 21 पार्षदों ने बगावत शुरू कर दी है। 21 पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कार्य पदाधिकारी अशोक पथरिया को सौंपा है। इन पार्षदों में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के आठ पार्षद शामिल हैं। इस अविश्वास प्रस्ताव के पास होने पर अगले 21 दिनों में नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अगर बागी पार्षदों की योजना सिरे चढ़ी तो हरजीत सिंह मिंटा को नगर परिषद का नया अध्यक्ष चुना जा सकता है।
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जीरकपुर परिषद में कुल 31 वार्ड हैं। साल 2021 में हुए चुनाव के दौरान कांग्रेस के 23 पार्षद जीते थे, जबकि शिरोमणि अकाली दल के आठ पार्षद जीते। कांग्रेस के हलका प्रभारी दीपिंदर सिंह ढिल्लों ने 23 पार्षदों के समर्थन से अपने बेटे उदयवीर सिंह ढिल्लों को अध्यक्ष बनवा दिया था। राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्षद उदयवीर सिंह ढिल्लों के खिलाफ बगावत कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। लेकिन शिरोमणि अकाली दल के आठ पार्षदों ने बागी पार्षदों का समर्थन नहीं किया और अध्यक्ष को हटाने के लिए पार्षदों को दो-तिहाई समर्थन नहीं मिल सका। इसलिए उनकी उदयवीर सिंह ढिल्लों को जमीन पर उतारने की योजना विफल हो गई।
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अब लोकसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार एन.के. शर्मा की हार के बाद उनके आठ पार्षदों ने उदयवीर सिंह ढिल्लों से अपना समर्थन वापस ले लिया है और बागी पार्षदों के साथ खड़े हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिरोमणि अकाली दल के पार्षदों ने हरजीत सिंह मिंटा के नाम का समर्थन करने का फैसला किया है।
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नियमों के मुताबिक अध्यक्ष को हटाने के लिए 31 में से दो-तिहाई वोटों की जरूरत है। अब 22 वोट (21 पार्षदों और एक हलके के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा के वोट से) की मदद से अध्यक्ष को हटा सकते हैं। जबकि अध्यक्ष बनाने के लिए 17 वोटों की जरूरत है, जो बागी पार्षदों के बहुमत से पूरा हो जाएगा।


इस बारे में बात करने पर पार्षद हरजीत सिंह मिंटा ने कहा कि शहर में विकास कार्य ठप होने के कारण पार्षदों ने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों की सहमति से नया अध्यक्ष बनाया जायेगा। शिरोमणि अकाली दल के पार्षद और पूर्व निर्वाचन क्षेत्र विधायक एन.के. शर्मा के भाई यादविंदर शर्मा ने कहा कि शहर के विकास को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि नये अध्यक्ष के नेतृत्व में शहर का बिना पक्षपात के विकास किया जायेगा। इस संबंध में बात करने पर नगर परिषद अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लो ने फोन नहीं उठाया, जिससे उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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