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Mohali News: पंजाब के डीएसपी की जांच पर नहीं विश्वास, आईपीएस अधिकारी से करवाएं पड़ताल

Sun, 14 Jul 2024 05:15 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2024 05:15 AM IST
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No confidence in investigation of Punjab DSP, get investigation done by IPS officer
मोहाली। अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज हरसिमरनजीत सिंह ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को स्पेशल शाखा में तैनात डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की ओर से इमिग्रेशन धोखाधड़ी के मामले में की गई जांच की दोबारा से जांच-पड़ताल करने का आदेश दिया है। इसमें अदालत ने डीजीपी से कहा है कि इस मामले की जांच किसी आईपीएस अधिकारी से करवाई जाए। अदालत का यह फैसला डीएसपी के खिलाफ सुनवाई पूरी होने के बाद आया है। इसमें पाया गया है कि डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की ओर से की गई जांच में गड़बड़ी थी। अपने आदेशों में अदालत ने संधू की ओर से की गई जांच में दोहरे मानकों पर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने कहा है कि जांच से यह मालूम पड़ता है कि पीड़ितों की शिकायत पर ध्यान देने के बजाय उनको और अधिक पीड़ित किया गया है। इसके साथ ही बार-बार नामजद आरोपियों दो इमिग्रेशन कंपनी के मालिकों को जांच अधिकारी संधू ने शुरू में ही क्लीन चिट दे दी थी। अदालत को संदेह है कि डीएसपी की ओर से अयोग्यता या अन्य उद्देश्य का कारण हो सकता है। वहीं, दूसरी ओर संपर्क करने पर डीएसपी गुरशेर सिंह संधू ने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। डीएसपी ने संधू ने कहा कि वह कानूनी ढंग से ही आगे बढ़ेंगे।
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बता दें कि डीएसपी गुरशेर सिंह संधू को गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने मेडल देकर सम्मानित किया था। इस मामले में अदालत की ओर से पत्र लिखकर जांच की जिम्मेदारी डीजीपी गौरव यादव को सौंपी गई है। आदेश में कोर्ट ने कहा है कि यह जांच किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से कराई जाए। इमिग्रेशन के दो मामलों में डीएसपी संधू की ओर से की गई जांच संदिग्ध पाई गई है। यह मामला इमिग्रेशन धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है।
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यह है मामला
बता दें कि डीएसपी गुरशेर सिंह संधू इमिग्रेशन धोखाधड़ी के दो मामलों की जांच कर रहे थे। एक मामला 15 नवंबर, 2023 को सोहाना थाने में दर्ज किया गया था। दूसरा मामला 6 जनवरी, 2023 को खरड़ (सदर) थाने में दर्ज किया गया था। खरड़ में दर्ज मामले में करीब 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, सोहाना थाने में दर्ज मामले में 2.6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। जब मामले की जांच डीएसपी संधू ने की तो अदालत को लगा कि डीएसपी संधू ने मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश की है। इसलिए अब अदालत के आदेश पर जल्द ही दोबारा जांच शुरू की जाएगी।
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डीएसपी संधू की जांच रिपोर्ट को देखते हुए अदालत ने कहा कि डीएसपी पहले ही आरोपियों को क्लीन चिट दे चुके हैं, लेकिन इन लोगों ने कई निर्दोष लोगों को ठगा है। पीड़ितों में गुरविंदर सिंह, मलकीत सिंह, जोबनप्रीत सिंह, शमशेर सिंह, शेरा और चरणजीत सिंह शामिल हैं।
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