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छतबीड़ चिड़ियाघर में नामकरण समारोह : गौरी के तीन शावक नाम पड़े गरिमा, गुंजन और गजल
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जीरकपुर। छतबीड़ चिड़ियाघर में वीरवार को आयोजित समारोह में तीन मादा शावकों का नामकरण किया गया। तीनों शावक मादा होने के कारण इनके नाम मां गौरी के पहले अक्षर जी से रखे गए हैं। इसमें एक का नाम गरिमा-शान, गंभीरता और महानता, दूसरी का नाम गुंजन-मधुर और संगीतपूर्ण ध्वनि जबकि तीसरी का नाम नाम गजल- सुरमयी काव्य शैली रखा गया है। शावकों का जन्म सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व वाले दिन हुआ था। इसे एक शुभ संयोग और आशीर्वाद के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2024 में भी दीपावली के दिन इसी बाघ की जोड़ी ने दो नर शावकों को जन्म दिया था।
उनका नामकरण पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया था। चिड़ियाघर के स्टडबुक नियमों के अनुसार वैज्ञानिक रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए शावकों का नाम रखा जाता है। नर शावक का नाम पिता के नाम के पहले अक्षर से और मादा शावक का नाम मां के नाम के पहले अक्षर से रखा जाता है। नामकरण समारोह में पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक बताैर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब के मुख्य वन्यजीव वार्डन बसंता राज कुमार की अगुवाई में किया गया। चिड़ियाघर की सफेद मादा बाघ गौरी ने 5 नवंबर 2025 को तीन शावकों को जन्म दिया था। गौरी को वर्ष 2019 में राजकोट चिड़ियाघर से छतबीड़ लाया गया था। इन शावकों के पिता बंगाल टाइगर का अर्जुन है। इसका जन्म वर्ष 2019 में छतबीड़ चिड़ियाघर में ही हुआ था।
50 साल पूरे होने पर विशेष आयोजन
13 अप्रैल 2026 को बैसाखी के दिन छतबीड़ चिड़ियाघर अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर पर बाघ शावकों को दर्शकों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा और कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चिड़ियाघर की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram और Facebook पर आधिकारिक पेज बनाए गए हैं। बैसाखी समारोह पर सोशल मीडिया में प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसमें हैश छतबीड़ हैशटैग के साथ फोटो और रील अपलोड करने वालों में से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
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उनका नामकरण पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया था। चिड़ियाघर के स्टडबुक नियमों के अनुसार वैज्ञानिक रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए शावकों का नाम रखा जाता है। नर शावक का नाम पिता के नाम के पहले अक्षर से और मादा शावक का नाम मां के नाम के पहले अक्षर से रखा जाता है। नामकरण समारोह में पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक बताैर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब के मुख्य वन्यजीव वार्डन बसंता राज कुमार की अगुवाई में किया गया। चिड़ियाघर की सफेद मादा बाघ गौरी ने 5 नवंबर 2025 को तीन शावकों को जन्म दिया था। गौरी को वर्ष 2019 में राजकोट चिड़ियाघर से छतबीड़ लाया गया था। इन शावकों के पिता बंगाल टाइगर का अर्जुन है। इसका जन्म वर्ष 2019 में छतबीड़ चिड़ियाघर में ही हुआ था।
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50 साल पूरे होने पर विशेष आयोजन
13 अप्रैल 2026 को बैसाखी के दिन छतबीड़ चिड़ियाघर अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर पर बाघ शावकों को दर्शकों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा और कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चिड़ियाघर की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram और Facebook पर आधिकारिक पेज बनाए गए हैं। बैसाखी समारोह पर सोशल मीडिया में प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसमें हैश छतबीड़ हैशटैग के साथ फोटो और रील अपलोड करने वालों में से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
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