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Mohali News: छठी मैया के गीतों से गूंजा मोहाली, ढलते सूरज को अर्घ्य देने उमड़े हजारों श्रद्धालु
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मोहाली/जीरकपुर/खरड़। सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा सोमवार को पूरे जिले में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। फेज-1, फेज-11, बलौंगी, जुझार नगर और खरड़ के अज्ज सरोवर में हजारों श्रद्धालु परिवार सहित जुटे और ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया। पूर्वांचल वासियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हर जगह भक्ति, स्वच्छता और अनुशासन का सुंदर मेल देखने को मिला। छठी मैया के पारंपरिक गीतों और दीपों की झिलमिलाहट ने वातावरण को पवित्र बना दिया।
बलौंगी में इस बार छठ पूजा का आयोजन विशेष रूप से भव्य रहा। करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर 15 कृत्रिम जलकुंड तैयार किए गए थे। महिलाएं पीले वस्त्रों में पारंपरिक गीत गाती हुई घाटों पर पहुंचीं और जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। भोजपुरी कलाकार प्रिया शर्मा और शिव सागर ने अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और नगर निगम मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, प्रकाश, स्वच्छता और प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की।
फेज-1 और फेज-11 में भक्तिमय माहौल
फेज-1 के दशहरा मैदान में श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी की ओर से छठ महापर्व का आयोजन किया गया। जैसे ही सूरज ढलने लगा, घाटों पर दीपों की रोशनी और गीतों की गूंज ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। व्रती महिलाओं ने सूप में फल, फूल और दीप रखकर सूर्य देव की उपासना की। कमेटी के प्रधान आशु सूद ने बताया कि यह पर्व सूर्योपासना के साथ-साथ स्वच्छता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त प्रकाश और सफाई की व्यवस्था की गई है।
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फेज-11 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी छठ पूजा का आयोजन पूरे विधि-विधान से हुआ। दोपहर 3 बजे से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। शाम को व्रती महिलाओं ने जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। भाजपा जिला प्रधान संजीव वशिष्ठ भी इस मौके पर पहुंचे और पूजा में शामिल होकर छठी माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति के प्रधान प्रमोद मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को चरणामृत (दूध) का प्रसाद दिया गया। समिति ने यह भी सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें। जुझार नगर और खरड़ के अज्ज सरोवर में भी छठ पूजा का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। स्थानीय पूर्वांचल समुदाय के लोगों ने परिवार सहित घाटों पर पहुंचकर सूर्य देव की उपासना की। आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की।
आयोजकों ने बताया कि छठ महापर्व का दूसरा और अंतिम अर्घ्य मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालुओं में मंगलवार की सुबह होने वाले उदीयमान सूर्य अर्घ्य को लेकर उत्साह चरम पर है। घाटों पर रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं ताकि यह पावन पर्व शांतिपूर्वक और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
बलौंगी में इस बार छठ पूजा का आयोजन विशेष रूप से भव्य रहा। करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर 15 कृत्रिम जलकुंड तैयार किए गए थे। महिलाएं पीले वस्त्रों में पारंपरिक गीत गाती हुई घाटों पर पहुंचीं और जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। भोजपुरी कलाकार प्रिया शर्मा और शिव सागर ने अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और नगर निगम मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, प्रकाश, स्वच्छता और प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की।
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फेज-1 और फेज-11 में भक्तिमय माहौल
फेज-1 के दशहरा मैदान में श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी की ओर से छठ महापर्व का आयोजन किया गया। जैसे ही सूरज ढलने लगा, घाटों पर दीपों की रोशनी और गीतों की गूंज ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। व्रती महिलाओं ने सूप में फल, फूल और दीप रखकर सूर्य देव की उपासना की। कमेटी के प्रधान आशु सूद ने बताया कि यह पर्व सूर्योपासना के साथ-साथ स्वच्छता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त प्रकाश और सफाई की व्यवस्था की गई है।
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फेज-11 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी छठ पूजा का आयोजन पूरे विधि-विधान से हुआ। दोपहर 3 बजे से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। शाम को व्रती महिलाओं ने जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। भाजपा जिला प्रधान संजीव वशिष्ठ भी इस मौके पर पहुंचे और पूजा में शामिल होकर छठी माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति के प्रधान प्रमोद मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को चरणामृत (दूध) का प्रसाद दिया गया। समिति ने यह भी सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें। जुझार नगर और खरड़ के अज्ज सरोवर में भी छठ पूजा का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। स्थानीय पूर्वांचल समुदाय के लोगों ने परिवार सहित घाटों पर पहुंचकर सूर्य देव की उपासना की। आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की।
आयोजकों ने बताया कि छठ महापर्व का दूसरा और अंतिम अर्घ्य मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालुओं में मंगलवार की सुबह होने वाले उदीयमान सूर्य अर्घ्य को लेकर उत्साह चरम पर है। घाटों पर रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं ताकि यह पावन पर्व शांतिपूर्वक और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।