Mohali: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शातिर लग्जरी कार और 11 पिस्टल समेत काबू, मोहाली पुलिस को मिली सफलता
आरोपी भीमा को खरड़ स्थित क्रिश्चियन स्कूल के पास से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। अदालत से मिलने वाले रिमांड के दौरान उससे कई ओर खुलासे होने की संभावना है।
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मोहाली पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक गुर्गे को लग्जरी कार और 11 पिस्टल सहित गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ भीमा निवासी दोराहा, लुधियाना के रूप में हुई हैं, जो पेशेवर अपराधी होने के साथ-साथ गैंग के अन्य साथियों को हथियारों से संबंधित रासायनिक पदार्थ को आदान प्रदान करने का काम भी करता था। शनिवार को एसएसपी विवेकशील सोनी ने प्रेसवार्ता में बताया कि मनप्रीत की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है। इससे बिश्नोई गैंग को नुकसान पहुंचेगा।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को मनप्रीत खरड़ के क्रिश्चियन स्कूल के पास टी-प्वाइंट पर बीएमडब्लयू कार में सवार होकर आया था। जबकि पुलिस मनप्रीत का पहले से पीछा कर रही थी और उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए थी। शुक्रवार शाम साढ़े 4 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कार की तलाशी के दौरान पुलिस को .9 एमएम आस्ट्रेलिया मेड की कुल 11 पिस्टल बरामद हुई है। पता चला कि मनप्रीत खरड़ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की रणनीति के तहत किसी वारदात को अंजाम देने आया था।
जानकारी के अनुसार, आरोपी मनप्रीत उर्फ भीमा का संपर्क गैंग के अन्य सदस्य सुनील उर्फ मोनू गुज्जर निवासी होशियारपुर, जसमीत सिंह उर्फ लक्की निवासी होशियारपुर और निखिल कांत शर्मा निवासी पटियाला से है। जबकि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंदर मनप्रीत का काम हथियारों के रासायनिक पदार्थों की डिलीवरी साथियों तक पहुंचाना है।
पेशेवर अपराधी है मनप्रीत उर्फ भीमा
मनप्रीत उफ भीमा एक पेशेवर अपराधी है, जिसके लिए पंजाब के अलग-अलग जिलों में नशा तस्करी से लेकर, लूटपाट, फिरौती सहित कई केस पहले से दर्ज है। मनप्रीत खिलाफ मार्च 2019 में लुधियाना में लूटपाट करने और जून 2022 में नशे की तस्करी करने के आरोप में केस दर्ज है। इसके साथ ही हरियाणा नंबर बीएमडब्लयू कार जसमीत सिंह उर्फ लक्की के नाम पर रजिस्टर्ड है और इस कार का इस्तेमाल हथियारों के रासायनिक पदार्थों को सप्लाई के लिए किया जाता था। बीएमडब्लयू कार की मदद से नशे की तस्करी की वारदात भी की जाती थी।
बीएमडब्लयू कार होने से नहीं होता था शक
एसएसपी वीके सोनी ने बताया कि मनप्रीत का नशा तस्करी की वारदात को अंजाम देने का तरीक बिल्कुल अलग था, जिस कारण आज तक मनप्रीत पुलिस की पकड़ में नहीं आया। मनप्रीत नशा तस्करी की वारदात को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर जसमीत सिंह नाम पर रजिस्टर्ड बीएमडब्लयू कार का इस्तेमाल करता था और लग्जरी कार को देख कोई जल्दी इसको चेकिंग करने के लिए नहीं रोकता था। जबकि मनप्रीत लग्जरी कार की आड़ में बड़े आराम से नशा तस्करी की वारदात को अंजाम देकर चुपचाप निकल जाता था।