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Fathers Day: पिता का सपना साकार करने को बेटे ने कुर्बान कीं अच्छे पैकेज वाली चार नौकरियां

Sun, 19 Jun 2022 11:12 AM IST
निवेदिता वर्मा वेद प्रकाश, संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव/मोहाली
वेद प्रकाश, संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव/मोहाली Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 19 Jun 2022 11:12 AM IST
सार

सुखनाज सिंह ने वाईपीएस पटियाला से स्कूली शिक्षा लेकर थापर यूनिवर्सिटी से बीटेक की। इसके साथ ही आईबीएम में उनको अच्छे पैकेज की नौकरी मिली, लेकिन पिता का पुलिस अधिकारी बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने वो नौकरी छोड़ दी।

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Mohali DSP City-1 Sukhnaaz Singh had Quit four jobs to fulfill dream of his father 
पिता के साथ सुखनाज सिंह। - फोटो : फाइल

विस्तार

एक पिता का सपना था कि उनका बेटा बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बने। इस पर बेटे ने अपने पिता के पुलिस अधिकारी बनने का सपना सच करने के लिए अच्छे पैकेज वाली तीन नौकरियां छोड़ीं। इसके बाद कड़ी मेहनत से लगातार प्रयास करते रहे, आखिर 28 साल की उम्र में पंजाब सिविल सर्विसेज की परीक्षा में उन्होंने 21वां रैंक हासिल करके बतौर डीएसपी नौकरी हासिल की। ये कहानी है मोहाली के डीएसपी सिटी-1 सुखनाज सिंह की। 

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उन्होंने बताया कि उनके पिता पवित्र सिंह वालिया खन्ना के गांव साहिबपुरा में रहते थे और पीडब्ल्यूडी विभाग में तैनात थे। उन्होंने अपनी तरह ही बेटे की कामयाबी का सपना देखा। इसके लिए वह हमें अपने साथ गांव से लाकर पटियाला में रहने लगे। उस समय वह काफी छोटे थे। पिता के पास उस समय चेतक स्कूटर था। पिता उन्हें अकसर स्कूटर पर बैठाकर घुमाया करते थे और कहते थे कि बेटा बड़े होकर आपको पुलिस अफसर बनना है। पिता के यहीं शब्द उनके लिए कब लक्ष्य बन गए पता ही नहीं चला। इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाई।
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डीएसपी सिटी-1 सुखनाज सिंह बताते हैं कि अपने पिता का पुलिस अधिकारी बनने का सपना पूरा करने के लिए मैंने मेहनत की और मैं शुक्रगुजार हूं मेरे पिता का जिन्होंने मुझे इसके लिए प्रेरित किया और इस लायक बनाया कि मैं आज उनका सपना पूरा करके पंजाब पुलिस में रहकर जनता की सेवा कर रहा हूं।   

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पुलिस अधिकारी बनने को छोड़ीं यह चार नौकरियां 

सुखनाज सिंह ने बताया कि स्कूली शिक्षा वाईपीएस पटियाला से की है और थापर यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री हासिल की थी। बीटेक करने के साथ ही आईटी कंपनी आईबीएम में उनको अच्छे पैकेज की नौकरी मिली थी, लेकिन उनके पिता का पुलिस अधिकारी बनने का सपना इस नौकरी से पूरा नहीं हो रहा था। इसलिए उन्होंने यह नौकरी मिलने के बाद भी नहीं की। इसके बाद 2011 में पंजाब एग्रो में बतौर मैनेजर, 2014 में पंजाब इंडस्ट्रीज में असिस्टेंट डायरेक्टर और 2016 में ईटीओ की नौकरी हासिल की। लेकिन सुखनाज सिंह का मकसद अपने पिता का पुलिस अधिकारी बनने का सपना पूरा करना था। नौकरी के दौरान वह आईएएस एवं पीसीएस की परीक्षा भी देते रहे। 2015 के पंजाब सिविल सर्विसेज में उनका रैंक 53वां रहा था। इस कारण वह ईटीओ लगे थे। 2016 में फिर उन्होंने दोबारा से पंजाब सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी और इस बार उनका रैंक 21वां आया। इससे उन्हें डीएसपी की नौकरी मिली। 


 

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