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Mohali News: मोहाली उपभोक्ता आयोग का फैसले रद्द, सिम्फनी को भरना होगा हर्जाना महिला के खराब कूलर के मामले में निचले आयोग के फैसले को पाया गलत
Fri, 09 Feb 2024 08:02 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Fri, 09 Feb 2024 08:02 PM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। खराब कूलर ठीक न करने के एक मामले में पंजाब राज्य उपभोक्ता आयोग ने मोहाली उपभोक्ता आयोग के फैसले को रद्द करते हुए महिला शिकायतकर्ता की अपील को मंजूर की गई। मामले में फेज 2 स्थित प्रेम पैलेस और अहमदाबाद स्थित सिम्फनी लिमिटेड को शिकायतकर्ता को हुई मानसिक पीड़ा, शोषण और अदालती खर्च के रूप में 5100 रुपये भरने के आदेश जारी हुए हैं। दोनों प्रतिवादी पक्षों को आदेश दिया गया है कि मुफ्त में कूलर को ठीक कर बेहतर स्थिति में लाएं।
मामले में फेज एक निवासी जानकी देवी ने प्रेम पैलेस और सिम्फनी लिमिटेड को प्रतिवादी बनाया था। इस मामले में मोहाली जिला उपभोक्ता आयोग के 1 फरवरी, 2022 के फैसले को आयोग में चुनौती दी गई थी। उस फैसले में महिला की शिकायत को रद्द कर दिया गया था। राज्य उपभोक्ता आयोग ने कहा कि जिला उपभोक्ता आयोग महिला शिकायतकर्ता के साक्ष्यों को जांचने में नाकाम रहा। ऐसे में निचले आयोग के फैसले को रद्द करते हुए महिला की अपील को आंशिक मंजूर किया गया।
दायर मामले के मुताबिक 1 जून, 2018 को शिकायतकर्ता ने सिम्फनी कंपनी का एक कूलर प्रेम पैलेस, मोहाली से खरीदा था। यह ढंग से नहीं चल रहा था। जिसे लेकर इसे बदलने की मांग की गई थी। एक सप्ताह बाद इसे बदला गया, मगर बदले गए कूलर की इनवॉइस नहीं दी गई। इस कूलर में भी खराबी पाई गई, क्योंकि इसका पंप काम नहीं कर रहा था। मांग करने के बाद भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, जिसे लेकर उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की गई थी।
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दुकानदार पेश ही नहीं हुआ, एक्सपार्टी घोषित किया गया
निचले आयोग में प्रेम पैलेस की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ और इसे एक्सपार्टी कर दिया गया था। वहीं सिम्फनी ने जवाब में कहा कि शिकायतकर्ता ने प्रेम पैलेस से कूलर खरीदा था और इसे बाद में दूसरे मॉडल के साथ बदला गया। हालांकि इस दौरान शिकायतकर्ता ने उचित बिल की मांग नहीं की थी। वहीं बाद में सर्विस रिक्वेस्ट की। जब टेक्निकल व्यक्ति ने वारंटी अवधि जानने के लिए इनवाइस मांगा तो पाया गया कि यह आउट ऑफ वारंटी था। ऐसे में शिकायतकर्ता से आवश्यक रकम मांगी तो महिला ने इन्कार कर दिया। ऐसे में शिकायत को रद्द करने की मांग की गई। इस पर महिला ने अपने केस के पक्ष में सबूत रखे मगर सिम्फनी की ओर से काेई पेश नहीं हुआ। मामला बहस के लिए रखा गया और 1 फरवरी, 2022 को शिकायत रद्द कर दी गई। इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई थी।
ऊपरी आयोग ने निचले आयोग के फैसले को ठहराया गलत
ऊपरी आयोग की ओर से प्रतिवादियों को नाोटिस जारी हुआ मगर कोई पेश नहीं हुआ। ऐसे में उन्हें एक्सपार्टी कर दिया गया। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने यह भी कहा था कि कूलर पर स्क्रैच लगे थे। पंप काम नहीं कर रहा था। मौके पर टेक्नीशियन के आने से साबित होता है कि कूलर में खराबी थी। ऐसे में यह प्रोडक्ट शिकायतकर्ता के लिए बेकार था। ऐसे में कूलर की रकम रिफंड की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने कूलर 13,500 रुपये में खरीदा था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि कूलर एक साल के लिए वारंटी में था। वहीं प्रतिवादी पक्ष ने कहा था कि कूलर आउट ऑफ वारंटी था।
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मोहाली। खराब कूलर ठीक न करने के एक मामले में पंजाब राज्य उपभोक्ता आयोग ने मोहाली उपभोक्ता आयोग के फैसले को रद्द करते हुए महिला शिकायतकर्ता की अपील को मंजूर की गई। मामले में फेज 2 स्थित प्रेम पैलेस और अहमदाबाद स्थित सिम्फनी लिमिटेड को शिकायतकर्ता को हुई मानसिक पीड़ा, शोषण और अदालती खर्च के रूप में 5100 रुपये भरने के आदेश जारी हुए हैं। दोनों प्रतिवादी पक्षों को आदेश दिया गया है कि मुफ्त में कूलर को ठीक कर बेहतर स्थिति में लाएं।
मामले में फेज एक निवासी जानकी देवी ने प्रेम पैलेस और सिम्फनी लिमिटेड को प्रतिवादी बनाया था। इस मामले में मोहाली जिला उपभोक्ता आयोग के 1 फरवरी, 2022 के फैसले को आयोग में चुनौती दी गई थी। उस फैसले में महिला की शिकायत को रद्द कर दिया गया था। राज्य उपभोक्ता आयोग ने कहा कि जिला उपभोक्ता आयोग महिला शिकायतकर्ता के साक्ष्यों को जांचने में नाकाम रहा। ऐसे में निचले आयोग के फैसले को रद्द करते हुए महिला की अपील को आंशिक मंजूर किया गया।
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दायर मामले के मुताबिक 1 जून, 2018 को शिकायतकर्ता ने सिम्फनी कंपनी का एक कूलर प्रेम पैलेस, मोहाली से खरीदा था। यह ढंग से नहीं चल रहा था। जिसे लेकर इसे बदलने की मांग की गई थी। एक सप्ताह बाद इसे बदला गया, मगर बदले गए कूलर की इनवॉइस नहीं दी गई। इस कूलर में भी खराबी पाई गई, क्योंकि इसका पंप काम नहीं कर रहा था। मांग करने के बाद भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, जिसे लेकर उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की गई थी।
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दुकानदार पेश ही नहीं हुआ, एक्सपार्टी घोषित किया गया
निचले आयोग में प्रेम पैलेस की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ और इसे एक्सपार्टी कर दिया गया था। वहीं सिम्फनी ने जवाब में कहा कि शिकायतकर्ता ने प्रेम पैलेस से कूलर खरीदा था और इसे बाद में दूसरे मॉडल के साथ बदला गया। हालांकि इस दौरान शिकायतकर्ता ने उचित बिल की मांग नहीं की थी। वहीं बाद में सर्विस रिक्वेस्ट की। जब टेक्निकल व्यक्ति ने वारंटी अवधि जानने के लिए इनवाइस मांगा तो पाया गया कि यह आउट ऑफ वारंटी था। ऐसे में शिकायतकर्ता से आवश्यक रकम मांगी तो महिला ने इन्कार कर दिया। ऐसे में शिकायत को रद्द करने की मांग की गई। इस पर महिला ने अपने केस के पक्ष में सबूत रखे मगर सिम्फनी की ओर से काेई पेश नहीं हुआ। मामला बहस के लिए रखा गया और 1 फरवरी, 2022 को शिकायत रद्द कर दी गई। इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई थी।
ऊपरी आयोग ने निचले आयोग के फैसले को ठहराया गलत
ऊपरी आयोग की ओर से प्रतिवादियों को नाोटिस जारी हुआ मगर कोई पेश नहीं हुआ। ऐसे में उन्हें एक्सपार्टी कर दिया गया। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने यह भी कहा था कि कूलर पर स्क्रैच लगे थे। पंप काम नहीं कर रहा था। मौके पर टेक्नीशियन के आने से साबित होता है कि कूलर में खराबी थी। ऐसे में यह प्रोडक्ट शिकायतकर्ता के लिए बेकार था। ऐसे में कूलर की रकम रिफंड की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने कूलर 13,500 रुपये में खरीदा था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि कूलर एक साल के लिए वारंटी में था। वहीं प्रतिवादी पक्ष ने कहा था कि कूलर आउट ऑफ वारंटी था।