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जीरकपुर की मार्केट में भीषण आग: करोड़ों का सामान जलकर राख, शॉर्ट सर्किट बताई जा रही वजह
Wed, 04 Nov 2026 08:29 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 04 Nov 2026 08:29 PM IST
सार
टीन शेड से बनी इस मार्केट में एक टेंट हाउस का गोदाम था, जबकि अन्य दुकानों में फर्नीचर और मॉड्यूलर किचन बनाने के कारखाने चल रहे थे।
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मार्केट में लगी भीषण आग
- फोटो : संवाद
विस्तार
जीरकपुर की एक मार्केट में बुधवार सुबह करीब 4:15 बजे शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी थिनर पर गिरने से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और महज 15 मिनट में मार्केट की सभी दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को सामान बाहर निकालने तक का मौका नहीं मिला। इस हादसे में फर्नीचर, मशीनरी, कच्चा माल और अन्य सामान जलकर राख हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक दुकानदारों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
थिनर के कारण तेजी से फैली आग, महंगी मशीनें भी जलीं
टीन शेड से बनी इस मार्केट में एक टेंट हाउस का गोदाम था, जबकि अन्य दुकानों में फर्नीचर और मॉड्यूलर किचन बनाने के कारखाने चल रहे थे। हादसे के समय बृजेश नाम का एक कारीगर नाइट ड्यूटी पर फर्नीचर तैयार कर रहा था। उसकी आंखों के सामने शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी थिनर पर गिरी और आग फैल गई। दुकानों में रखा तैयार फर्नीचर, कच्चा माल और महंगी मशीनरी पूरी तरह जल गई। मॉड्यूलर किचन बनाने में इस्तेमाल होने वाली करीब 25 लाख रुपये की एक मशीन भी आग की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा करीब चार दोपहिया वाहन भी जलकर राख हो गए।
12 दमकल गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इनमें जीरकपुर, डेराबस्सी, मोहाली, पंचकूला और एयरफोर्स स्टेशन से बुलाई गई दमकल गाड़ियां शामिल थीं। दमकल कर्मियों ने करीब ढाई से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटनास्थल पर तीन से चार गैस सिलिंडर भी रखे हुए थे। गनीमत रही कि आग की चपेट में आने के बावजूद सिलेंडरों में विस्फोट नहीं हुआ। वहीं, साथ लगती दूसरी मार्केट की करीब 20 दुकानें आग की चपेट में आने से बच गईं। दोबारा आग सुलगने की आशंका को देखते हुए दमकल विभाग की टीम आग बुझने के बाद भी मौके पर मौजूद रही।
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थिनर के कारण तेजी से फैली आग, महंगी मशीनें भी जलीं
टीन शेड से बनी इस मार्केट में एक टेंट हाउस का गोदाम था, जबकि अन्य दुकानों में फर्नीचर और मॉड्यूलर किचन बनाने के कारखाने चल रहे थे। हादसे के समय बृजेश नाम का एक कारीगर नाइट ड्यूटी पर फर्नीचर तैयार कर रहा था। उसकी आंखों के सामने शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी थिनर पर गिरी और आग फैल गई। दुकानों में रखा तैयार फर्नीचर, कच्चा माल और महंगी मशीनरी पूरी तरह जल गई। मॉड्यूलर किचन बनाने में इस्तेमाल होने वाली करीब 25 लाख रुपये की एक मशीन भी आग की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा करीब चार दोपहिया वाहन भी जलकर राख हो गए।
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12 दमकल गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इनमें जीरकपुर, डेराबस्सी, मोहाली, पंचकूला और एयरफोर्स स्टेशन से बुलाई गई दमकल गाड़ियां शामिल थीं। दमकल कर्मियों ने करीब ढाई से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटनास्थल पर तीन से चार गैस सिलिंडर भी रखे हुए थे। गनीमत रही कि आग की चपेट में आने के बावजूद सिलेंडरों में विस्फोट नहीं हुआ। वहीं, साथ लगती दूसरी मार्केट की करीब 20 दुकानें आग की चपेट में आने से बच गईं। दोबारा आग सुलगने की आशंका को देखते हुए दमकल विभाग की टीम आग बुझने के बाद भी मौके पर मौजूद रही।
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2024 में भी इसी जगह जल चुकी थीं 24 दुकानें
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी इसी जगह भीषण आग लगी थी, जिसमें 24 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय स्तर पर दुकानों के अवैध तरीके से निर्माण के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। पहले हादसे के बाद भी उसी स्थान पर दुकानें और कारखाने दोबारा चलने लगे।
एडवांस लेकर तैयार किया था सामान, अब कर्ज चुकाने की चिंता
आग से प्रभावित दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने ग्राहकों से फर्नीचर और मॉड्यूलर किचन तैयार करने के लिए एडवांस राशि ली हुई थी। कई लोगों का सामान तैयार था और उसकी डिलीवरी होनी बाकी थी। कुछ दुकानदारों ने उधार पर कच्चा माल खरीदकर ऑर्डर तैयार किए थे। अब सब कुछ जलने के बाद उनके सामने ग्राहकों के पैसे लौटाने और उधार चुकाने की चिंता खड़ी हो गई है। दुकानदारों के मुताबिक, कई लोगों को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया उन्हें सुबह करीब साढ़े चार बजे आग लगने की सूचना मिली थी। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर 12 फायर टेंडरों की मदद से करीब ढाई से तीन घंटे में आग पर काबू पाया। दो-तीन साल पहले भी इस स्थान पर आग लगने की घटना हुई थी। अधिकारी ने बताया कि दोबारा आग सुलगने की आशंका के चलते दमकल कर्मियों को मौके पर तैनात रखा गया था। -राजीव कुमार, इंस्पेक्टर दमकल विभाग जीरकपुर
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी इसी जगह भीषण आग लगी थी, जिसमें 24 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय स्तर पर दुकानों के अवैध तरीके से निर्माण के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। पहले हादसे के बाद भी उसी स्थान पर दुकानें और कारखाने दोबारा चलने लगे।
एडवांस लेकर तैयार किया था सामान, अब कर्ज चुकाने की चिंता
आग से प्रभावित दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने ग्राहकों से फर्नीचर और मॉड्यूलर किचन तैयार करने के लिए एडवांस राशि ली हुई थी। कई लोगों का सामान तैयार था और उसकी डिलीवरी होनी बाकी थी। कुछ दुकानदारों ने उधार पर कच्चा माल खरीदकर ऑर्डर तैयार किए थे। अब सब कुछ जलने के बाद उनके सामने ग्राहकों के पैसे लौटाने और उधार चुकाने की चिंता खड़ी हो गई है। दुकानदारों के मुताबिक, कई लोगों को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया उन्हें सुबह करीब साढ़े चार बजे आग लगने की सूचना मिली थी। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर 12 फायर टेंडरों की मदद से करीब ढाई से तीन घंटे में आग पर काबू पाया। दो-तीन साल पहले भी इस स्थान पर आग लगने की घटना हुई थी। अधिकारी ने बताया कि दोबारा आग सुलगने की आशंका के चलते दमकल कर्मियों को मौके पर तैनात रखा गया था। -राजीव कुमार, इंस्पेक्टर दमकल विभाग जीरकपुर