फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Information given on domestic violence, cruelty and sexual harassment at workplace

Mohali News: घरेलू हिंसा, क्रूरता और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की दी जानकारी

Wed, 19 Mar 2025 02:11 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Mar 2025 02:11 AM IST
विज्ञापन
Information given on domestic violence, cruelty and sexual harassment at workplace
मोहाली। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न/मृत्यु, पोश अधिनियम और पीड़ित मुआवजा योजनाओं के मामलों में कानूनी पहलुओं पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चंडीगढ़ में केंद्रीय जासूसी प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित किया गया। इसमें दहेज उत्पीड़न/मृत्यु, क्रूरता और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की व्याख्या कर विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एसएएस नगर की सह-सचिव सुरभि पराशर ने सभा को संबोधित किया।
विज्ञापन

उन्होंने लोक अभियोजकों को दहेज निषेध अधिनियम (1961 का अधिनियम 28), दहेज निषेध (संशोधन) अधिनियम, 1984 तथा बीएनएस-2023 के तहत दहेज उत्पीड़न/मृत्यु के मामलों के तहत विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दहेज निषेध (संशोधन) अधिनियम, 1986 के अनुसार दहेज हत्याओं की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए धारा-80 बीएनएस, 2023 में प्रावधान है कि जहां किसी महिला की मृत्यु जलने या शारीरिक चोट लगने से होती है, या शादी के सात साल के भीतर सामान्य परिस्थितियों से अलग होती है।
विज्ञापन

उसमें यह दर्शाया जाता है कि महिला की मृत्यु से ठीक पहले उसके पति या उसके रिश्तेदारों ने उसे दहेज की मांग के लिए या उसके संबंध में क्रूरता या उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। ऐसी मृत्यु को दहेज मृत्यु कहा जाएगा और पति या रिश्तेदारों को उसकी मृत्यु का कारण माना जाएगा। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में विस्तार से बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed