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छतबीड़ जू में देखने को मिलेंगे 100 से ज्यादा रंगबिरंगे विदेशी पक्षी, जानिए कौन हैं और कहां से
Thu, 28 Nov 2019 02:11 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 02:11 PM IST
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रंगबिरंगे पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
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अब विदेशी पशु और पक्षी छतबीड़ जू की शोभा बढ़ाएंगे। डायरेक्टर रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) की ओर से जब्त किए विदेशी पशु-पक्षियों को आने वाले एक-दो माह के भीतर पर्यटकों के बीच छोड़ा जाएगा। अभी ये वन्य प्राणी छतबीड़ जू में ऑजर्वेशन में रखे गए हैैं। इसके बाद इनका प्रॉपर मेडिकल चेकअप होगा। उसके बाद छतबीड़ जू के दूसरे वन्य प्राणियों की तरह ये लोगों का मनोरंजन करेंगे।
बता दें कि मध्य प्रदेश स्थित इंदौर के गोराकुंड चौराहा स्थित एक सेंटर पर मई 2019 में दिल्ली से डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की टीम ने छापेमारी की थी। टीम ने छापे में यहां से करीब 134 विदेशी पक्षी, एक बंदर सहित अन्य पालतू जंगली जानवरों को जब्त किया था। इनकी कीमत लाखों में है।
सेंटर संचालक ने इन पक्षियों को महज तीन से पांच फीट तक के पिंजरों में कैद कर रखा हुआ था। इन वन्य प्राणियों का सेंटर मालिक डीआरआई के समक्ष विधिक दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद डीआरआई की टीम ने कार्रवाई की। ये वही वन्य प्राणी हैं, जिन्हें चंडीगढ़ लाया गया है।
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बता दें कि मध्य प्रदेश स्थित इंदौर के गोराकुंड चौराहा स्थित एक सेंटर पर मई 2019 में दिल्ली से डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की टीम ने छापेमारी की थी। टीम ने छापे में यहां से करीब 134 विदेशी पक्षी, एक बंदर सहित अन्य पालतू जंगली जानवरों को जब्त किया था। इनकी कीमत लाखों में है।
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सेंटर संचालक ने इन पक्षियों को महज तीन से पांच फीट तक के पिंजरों में कैद कर रखा हुआ था। इन वन्य प्राणियों का सेंटर मालिक डीआरआई के समक्ष विधिक दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद डीआरआई की टीम ने कार्रवाई की। ये वही वन्य प्राणी हैं, जिन्हें चंडीगढ़ लाया गया है।
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विदेशी मूल के ये पशु पक्षी छतबीड़ जू में लोगों का करेंगे मनोरंजन
डीआरआई की ओर से जब्त किए गए विदेशी मूल के पशु-पक्षियों में दक्षिण अफ्रीका के 3 मारमोसेट (बंदर), ऑस्ट्रेलिया की 6 रेड इगुआना (पहाड़ी छिपकली) और 11 ग्रीन इगुआना, सिंगापुर के 2 रेड ईयर स्लाइडर (कछुए), 1 अमेरिकन फॉक्स स्क्यूरल (गिलहरी), 1 अफ्रीकन ग्रे पैरट (कबूतर जैसा तोता), 2 ऑस्ट्रेलियन इक्लेटस पैरट (हरा-लाल तोता), 2 ऑस्ट्रेलियन सल्फर क्रेस्टेड कोकाटू (दुर्लभ पक्षी), 2 गाला कोकाटू (लाल-सफेद पक्षी), 1 अफ्रीकन येलो फ्रंटेड अमाजोन (पीला, हरा, लाल तोता), 1 ग्रीन विंग मकाऊ (हरे पंख वाला लाल तोता), नार्थ अमेरिका के 2 एलीगेटर, दक्षिण अफ्रीका के 6 ब्लू गोलेड मकाऊ (नीले-पीले तोते) और 1 अंब्रेला कोकाटू (सिर पर छतरी वाला पक्षी)।
लाखों रुपये में है वन्य प्राणियों की कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीले रंग के मकाऊ की कीमत 1.20 लाख, लाल रंग के मकाऊ की कीमत 1.80 लाख से दो लाख और हरे रंग वाले की 2 से 2.25 लाख रुपये है। वहीं इगुआना (विदेशी छिपकली) तीन हजार से 1.25 लाख रुपये तक में बेची जाती है। पॉकेट मंकी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2.30 लाख रुपये है।
इंदौर से वन्य प्राणियों को इसलिए लाया गया छतबीड़
विदेशी पशु-पक्षियों को रखने के लिए जो सुविधाएं या संसाधन चाहिएं, वे मध्य प्रदेश के वन विभाग के पास नहीं है। ये सुविधाएं सिर्फ छतबीड़ जू में हैं। इसलिए हाई कोर्ट के आदेश के बाद पशु-पक्षियों की कस्टडी लेने से पहले वन विभाग मध्य प्रदेश वन विभाग पंजाब से इस बारे में पत्राचार किया गया और वहां से अनुमति मिलने के बाद इन वन्य प्राणियों को चंडीगढ़ लाया गया।
क्या कहते हैं छतबीड़ जू के डायरेक्टर
छतबीड़ जू के डायरेक्टर डॉ. एमसुधागर ने बताया कि डीआरआई द्वारा जब्त किए गए विदेशी पशु पक्षियों को मध्य प्रदेश से छतबीड़ जू में लाया गया है। अभी इन्हें अंडर अबजर्वेशन में रखा गया है। एक-दो माह के भीतर इन्हें पर्यटकों के बीच छतबीड़ जू में छोड़ा जाएगा ताकि यह पर्यटकों का अन्य वन्य प्राणियों की तरह मनोरजंन कर सकें।
लाखों रुपये में है वन्य प्राणियों की कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीले रंग के मकाऊ की कीमत 1.20 लाख, लाल रंग के मकाऊ की कीमत 1.80 लाख से दो लाख और हरे रंग वाले की 2 से 2.25 लाख रुपये है। वहीं इगुआना (विदेशी छिपकली) तीन हजार से 1.25 लाख रुपये तक में बेची जाती है। पॉकेट मंकी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2.30 लाख रुपये है।
इंदौर से वन्य प्राणियों को इसलिए लाया गया छतबीड़
विदेशी पशु-पक्षियों को रखने के लिए जो सुविधाएं या संसाधन चाहिएं, वे मध्य प्रदेश के वन विभाग के पास नहीं है। ये सुविधाएं सिर्फ छतबीड़ जू में हैं। इसलिए हाई कोर्ट के आदेश के बाद पशु-पक्षियों की कस्टडी लेने से पहले वन विभाग मध्य प्रदेश वन विभाग पंजाब से इस बारे में पत्राचार किया गया और वहां से अनुमति मिलने के बाद इन वन्य प्राणियों को चंडीगढ़ लाया गया।
क्या कहते हैं छतबीड़ जू के डायरेक्टर
छतबीड़ जू के डायरेक्टर डॉ. एमसुधागर ने बताया कि डीआरआई द्वारा जब्त किए गए विदेशी पशु पक्षियों को मध्य प्रदेश से छतबीड़ जू में लाया गया है। अभी इन्हें अंडर अबजर्वेशन में रखा गया है। एक-दो माह के भीतर इन्हें पर्यटकों के बीच छतबीड़ जू में छोड़ा जाएगा ताकि यह पर्यटकों का अन्य वन्य प्राणियों की तरह मनोरजंन कर सकें।