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Mohali News: अधूरे वार्ड का स्वास्थ्य मंत्री ने किया उद्घाटन, एक माह बाद भी काम अधूरा

Wed, 24 Dec 2025 01:30 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 01:30 AM IST
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Health Minister inaugurates incomplete ward; work remains unfinished even after a month
मोहाली। फेज-6 स्थित एम्स के नए पीडियाट्रिक वार्ड का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 14 नवंबर को बाल दिवस पर किया था। तब से कल, परसों करते-करते एक माह से ज्यादा समय हो गया है लेकिन यह वार्ड मरीजों के लिए ऑपरेशनल नहीं हो सका है। यह वार्ड लगातार देरी और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बना हुआ है, जबकि अस्पताल के पुराने वार्डों में अत्यधिक भीड़ से दयनीय स्थिति बनी हुई है। शहर के लोगों का कहना है कि जब वार्ड का काम पूरा नहीं हुआ था तो स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ड का उद्घाटन क्यों किया।
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अस्पताल के एसडीओ दिनेश कुमार ने शनिवार को समय दिया था कि वार्ड सोमवार 23 दिसंबर तक चालू हो जाएगा। इस अवधि तक बिजली का काम पूरा होने की बात कही गई थी। हालांकि, सोमवार को भी वादा पूरा नहीं हुआ। अब 23 दिसंबर को एसडीओ ने बताया कि उनकी ओर से तकनीकी कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन फायर एग्जिट के आकार को बढ़ाने का काम बाकी है, जो कभी भी हो सकता है। बाकी अस्पताल प्रशासन वार्ड चालू कर सकता है। एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) डॉ. नवदीप सैनी ने नई समय सीमा के बारे में बताया कि पीडियाट्रिक्स विभाग के प्रमुख से बातचीत के बाद उम्मीद है कि यह वार्ड अगले तीन-चार दिनों में शुरू हो जाएगा।
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नए वार्ड की देरी से पुराने वार्डों पर पड़ रहा दबाव
50 बिस्तरों के इस नए वार्ड के चालू न होने का सीधा असर मौजूदा सुविधाओं पर पड़ रहा है। इससे मरीजों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
- पीडियाट्रिक वार्ड : पहली और दूसरी मंजिल पर मौजूद पुराने वार्ड (22 और 18 बेड) में अब बच्चों के साथ-साथ बड़े मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है, जिससे जगह की भारी कमी है।
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- गायनी वार्ड : दूसरी मंजिल पर स्थित इस वार्ड की स्थिति और भी गंभीर है। यहां एक बिस्तर पर दो-दो मरीज (दो मां और उनके दो नवजात शिशु) हैं। प्रत्येक के साथ एक अटेंडेंट की मौजूदगी से कमरों में इतनी भीड़ है कि सर्दी के मौसम में भी गर्मी और उमस बनी रहती है। यह स्थिति मरीजों के लिए तनावपूर्ण होने के साथ-साथ संक्रमण फैलने के जोखिम को भी बढ़ाती है।




देश भर में सर्दी और स्वास्थ्य चुनौतियों का संदर्भ
यह विलंब ऐसे समय में हो रहा है जब पूरे उत्तर भारत में सर्दी ने कहर बरपाया हुआ है। कई राज्यों में स्कूल बंद किए गए हैं या उनके समय में बदलाव किया गया है ताकि बच्चों को ठंड और प्रदूषण से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि सर्दियों में बच्चों के बीमार पड़ने और संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में, एक प्रमुख अस्पताल में बाल चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने वाला वार्ड समय पर न खुल पाना, स्वास्थ्य सेवाओं में एक गंभीर चूक मानी जा रही है।
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