{"_id":"645956febce14f494b036626","slug":"gamada-did-not-build-swimming-pool-and-club-now-will-give-50-thousand-rupees-to-each-allottee-mohali-news-c-71-1-mli1002-379-2023-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: गमाडा ने नहीं बनाया स्विमिंग पूल और क्लब, अब हर अलॉटी को देगा 50 हजार रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: गमाडा ने नहीं बनाया स्विमिंग पूल और क्लब, अब हर अलॉटी को देगा 50 हजार रुपये
Tue, 09 May 2023 01:39 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Tue, 09 May 2023 01:39 AM IST
विज्ञापन
गमाडा ने नहीं बनाया स्विमिंग पूल और क्लब, अब हर अलॉटी को देगा 50 हजार रुपये
राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत से गमाडा को लगा झटका, 60 दिन के अंदर देना होगा पूरब अपार्टमेंट में फ्लैट का कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत से सोमवार को गमाडा को बड़ा झटका लगा है। पूरब अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की पूरब अपार्टमेंट अलॉटी एसोसिएशन ने गमाडा पर कई प्रकार के आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से मुख्य मांग की गई थी कि उन्हें गमाडा ने पूरब अपार्टमेंट में बनाए गए फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया है और इस प्रोजेक्ट को लांच करते समय जो सुविधाएं देने का वादा गमाडा की ओर से किया गया था, वह भी मुहैया नहीं करवाई गई हैं। गमाडा ने स्विमिंग पूल और क्लब देने का वादा किया था, जो कि दिया नहीं गया है। ये सुविधाएं नहीं देने पर हर उपभोक्ता को 50 हजार रुपये का मुआवजा देना होगा।
जानकारी के मुताबिक फ्लैट मालिकों ने अदालत में शिकायत दी थी कि गमाडा ने बिना उन्हें सूचित किए कवर्ड एरिया को घटा दिया था। लेकिन अलॉटमेंट लेटर के हिसाब से उपभोक्ता को दिए जाने वाले कुल एरिया (सुपर बिल्ट एरिया) को बढ़ा दिया था। अदालत ने इस बढ़े हुए एरिया का गमाडा को अतिरिक्त चार्ज नहीं करने के आदेश दिए हैं। वहीं, शिकायतकर्ताओं ने कहा था कि गमाडा की तरफ से उनसे तीन साल के रखरखाव चार्ज की मांग की जा रही है। इस मामले में शिकायतकर्ताओं को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। गमाडा ने करीब 15 महीने की देरी से जब उपभोक्ताओं को कब्जा दिया था तो उस समय अथॉरिटी से बिल्डिंग कंप्लीटेशन सर्टिफिकेट और आक्यूपेशन सर्टिफिकेट हासिल नहीं किए थे। अब अदालत के आदेश अनुसार 45 दिन के अंदर ये दोनों सर्टिफिकेट हासिल करने पड़ेंगे।
गमाडा को कब्जा देने में देरी करने पर उपभोक्ता की ओर से दी गई राशि पर छह प्रतिशत ब्याज देने के आदेश दिए हैं। जिन उपभोक्ताओं को अब तक कब्जा नहीं दिया है, उन्हें 60 दिन के अंदर कब्जा देना होगा। अगर किसी उपभोक्ता का बकाया है तो उसे 30 दिन के अंदर गमाडा के बकाया का भुगतान करना होगा लेकिन गमाडा इस पर किसी प्रकार का ब्याज या जुर्माना नहीं वसूलेगा। जिन लोगों को कब्जा दे रखा है लेकिन किसी वजह से उनके जरूरी दस्तावेज (डीड आदि) पूरे नहीं हैं, वे 30 दिन के अंदर पूरे करने होंगे।
विज्ञापन
हर तीन महीने में गमाडा को करनी होगी बैठक
हर तीन महीने में गमाडा हाउसिंग और सुविधा संबंधी दो कमेटियां बनाकर कम से कम एक बैठक जरूर करेगा ताकि ये कमेटियां लोगों की समस्याओं को साथ के साथ खत्म कर सकें। गमाडा को पूरब अपार्टमेंट अलॉटी एसोसिएशन को इस केस पर खर्च हुए पैसे के रूप में 25 हजार रुपये देने होंगे। अदालत ने आखिर में गमाडा को बाध्य करते हुए फैसला सुनाया है कि ये सभी भुगतान आदेश के तीन महीने के अंदर देने होंगे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत से गमाडा को लगा झटका, 60 दिन के अंदर देना होगा पूरब अपार्टमेंट में फ्लैट का कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत से सोमवार को गमाडा को बड़ा झटका लगा है। पूरब अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की पूरब अपार्टमेंट अलॉटी एसोसिएशन ने गमाडा पर कई प्रकार के आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से मुख्य मांग की गई थी कि उन्हें गमाडा ने पूरब अपार्टमेंट में बनाए गए फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया है और इस प्रोजेक्ट को लांच करते समय जो सुविधाएं देने का वादा गमाडा की ओर से किया गया था, वह भी मुहैया नहीं करवाई गई हैं। गमाडा ने स्विमिंग पूल और क्लब देने का वादा किया था, जो कि दिया नहीं गया है। ये सुविधाएं नहीं देने पर हर उपभोक्ता को 50 हजार रुपये का मुआवजा देना होगा।
जानकारी के मुताबिक फ्लैट मालिकों ने अदालत में शिकायत दी थी कि गमाडा ने बिना उन्हें सूचित किए कवर्ड एरिया को घटा दिया था। लेकिन अलॉटमेंट लेटर के हिसाब से उपभोक्ता को दिए जाने वाले कुल एरिया (सुपर बिल्ट एरिया) को बढ़ा दिया था। अदालत ने इस बढ़े हुए एरिया का गमाडा को अतिरिक्त चार्ज नहीं करने के आदेश दिए हैं। वहीं, शिकायतकर्ताओं ने कहा था कि गमाडा की तरफ से उनसे तीन साल के रखरखाव चार्ज की मांग की जा रही है। इस मामले में शिकायतकर्ताओं को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। गमाडा ने करीब 15 महीने की देरी से जब उपभोक्ताओं को कब्जा दिया था तो उस समय अथॉरिटी से बिल्डिंग कंप्लीटेशन सर्टिफिकेट और आक्यूपेशन सर्टिफिकेट हासिल नहीं किए थे। अब अदालत के आदेश अनुसार 45 दिन के अंदर ये दोनों सर्टिफिकेट हासिल करने पड़ेंगे।
विज्ञापन
गमाडा को कब्जा देने में देरी करने पर उपभोक्ता की ओर से दी गई राशि पर छह प्रतिशत ब्याज देने के आदेश दिए हैं। जिन उपभोक्ताओं को अब तक कब्जा नहीं दिया है, उन्हें 60 दिन के अंदर कब्जा देना होगा। अगर किसी उपभोक्ता का बकाया है तो उसे 30 दिन के अंदर गमाडा के बकाया का भुगतान करना होगा लेकिन गमाडा इस पर किसी प्रकार का ब्याज या जुर्माना नहीं वसूलेगा। जिन लोगों को कब्जा दे रखा है लेकिन किसी वजह से उनके जरूरी दस्तावेज (डीड आदि) पूरे नहीं हैं, वे 30 दिन के अंदर पूरे करने होंगे।
विज्ञापन
हर तीन महीने में गमाडा को करनी होगी बैठक
हर तीन महीने में गमाडा हाउसिंग और सुविधा संबंधी दो कमेटियां बनाकर कम से कम एक बैठक जरूर करेगा ताकि ये कमेटियां लोगों की समस्याओं को साथ के साथ खत्म कर सकें। गमाडा को पूरब अपार्टमेंट अलॉटी एसोसिएशन को इस केस पर खर्च हुए पैसे के रूप में 25 हजार रुपये देने होंगे। अदालत ने आखिर में गमाडा को बाध्य करते हुए फैसला सुनाया है कि ये सभी भुगतान आदेश के तीन महीने के अंदर देने होंगे।