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Mohali News: जीरकपुर से गैंगस्टर लॉरेंस के पांच गुर्गे गिरफ्तार, तीन पिस्टल बरामद
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जीरकपुर/मोहाली। कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी सुक्खा के तीन गुर्गों को पकड़ने के बाद स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने शनिवार रात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से .32 बोर की दो पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए गए। आरोपी इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। वहीं, जीरकपुर पुलिस ने रविवार को गाजीपुर रोड से लॉरेंस बिश्नोई के एक और गुर्गे को .30 कैलिबर की पिस्टल समेत गिरफ्तार किया।स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने जिन चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सुप्रीत सिंह उर्फ प्रीत निवासी गांव जमीतगढ़ (फतेहगढ़ साहिब), अरमानदीप सिंह उर्फ अरमान निवासी गांव लोहारका (अमृतसर), जजबीर सिंह निवासी तेरहा कलां, अजनाला (अमृतसर) और हरदीप सिंह निवासी पुडा साहिब, सिंहपुरा, जीरकपुर (मोहाली) के रूप में हुई है। वहीं, जीरकपुर पुलिस की ओर से पकड़े गए आरोपी की पहचान अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी वासी जीरकपुर के रूप में हुई है।
एसएसओसी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जीरकपुर में लॉरेंस गैंग के कुछ शातिर अपराधी अवैध हथियारों के साथ घूम रहे हैं और इलाके में किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के बाद टीम ने दबिश देकर लॉरेंस बिश्नोई के चारों गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने की कवायद की जा रही है।
एसएसओसी के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला है कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई के खास सहयोगी तरसेम सिंह उर्फ सबा निवासी गोबिंदगढ़, अबोहर (फाजिल्का) के निर्देश पर काम कर रहे थे। तरसेम वर्तमान में कनाडा में है। उन्हें जल्द ही मोहाली जिले में कुछ आपराधिक वारदातों को अंजाम देना था, लेकिन उससे पहले सभी पकड़े गए। वारदात में इस्तेमाल किया जाने वाले अवैध हथियार और कारतूस भी उन्हें तरसेम सिंह उर्फ सबा ने मुहैया करवाए थे।
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मनी टोपी ने की भागने की कोशिश, टूटी टांग, जीएसीएच में भर्ती
जीरकपुर पुलिस की ओर से गिरफ्तार लॉरेंस बिश्नोई का गुर्गे मनी टोपी पर कई संगीन मामले दर्ज हैं। वह मीत बाउंसर की हत्या में भी शामिल था। उसके खिलाफ जीरकपुर थाने में आर्म्स एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मनी टोपी को पकड़ने के बाद हथियार बरामद करने के लिए पुलिस उसे साथ लेकर गई थी। इस बीच उसने भागने की कोशिश की, जिस कारण भागते समय उसकी टांग टूट गई। मनी टोपी को जीएससीएच-32 में भर्ती करवाया गया है।
कोट
सूचना के बाद आरोपी मनी टोपी की गिरफ्तारी के लिए एसएचओ सिमरजीत सिंह शेरगिल की अगुवाई में टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने एक संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारकर मनी टोपी को गिरफ्तार किया। बाद में उसने भागने की कोशिश की, जिसमें उसकी टांग टूट गई। फिलहाल उसका अस्पताल चल रहा है।
- विक्रम बराड़, डीएसपी, जीरकपुर
गैंगस्टरों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है जीरकपुर
जीरकपुर। पिछले काफी समय से शहर से गैंगस्टर और आतंकियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। आबादी बढ़ने के साथ-साथ मोहाली-जीरकपुर में अपराध भी बढ़ गए हैं। जीरकपुर गैंगस्टरों के छिपने की पसंदीदा जगह बन गया है। जीरकपुर की आबादी पांच से छह लाख के बीच है और यहां इतने ज्यादा फ्लैट और पीजी बन चुके हैं कि इनका रिकॉर्ड रखना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। समस्या यह है कि कुछ गैंगस्टर ऐसे साथियों के नाम से फ्लैट ले लेते हैं जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता और उनके साथ नामी और इनामी गैंगस्टर रहने लगते हैं। वहीं बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं जो चंद पैसों की खातिर किराएदारों का सत्यापन ही नहीं करवाते। ऐसे में यह शहर गैंगस्टरों के लिए सबसे मुफीद बन चुका है। कुछ समय पहले मोहाली के सेक्टर-79 से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का गुर्गा राजवीर रवि दबोचा गया था। लुधियाना लूट कांड में
शामिल आरोपी और गैंगस्टर भी जीरकपुर में पकड़े गए थे। गैंगस्टर भुप्पी राणा गैंग के गुर्गों के अलावा दिल्ली का गैंगस्टर अमित भूरा को भी पुलिस ने जीरकपुर से दबोचा था। आठ फरवरी, 2019 को ओकु टीम ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में वांछित लॉरेंस गैंग राइट हैंड माने जाने वाले 50 हजार के इनामी गैंगस्टर अंकित भादू का एनकाउंटर पीरमुछल्ला में किया था।
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एसएसओसी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जीरकपुर में लॉरेंस गैंग के कुछ शातिर अपराधी अवैध हथियारों के साथ घूम रहे हैं और इलाके में किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के बाद टीम ने दबिश देकर लॉरेंस बिश्नोई के चारों गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने की कवायद की जा रही है।
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एसएसओसी के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला है कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई के खास सहयोगी तरसेम सिंह उर्फ सबा निवासी गोबिंदगढ़, अबोहर (फाजिल्का) के निर्देश पर काम कर रहे थे। तरसेम वर्तमान में कनाडा में है। उन्हें जल्द ही मोहाली जिले में कुछ आपराधिक वारदातों को अंजाम देना था, लेकिन उससे पहले सभी पकड़े गए। वारदात में इस्तेमाल किया जाने वाले अवैध हथियार और कारतूस भी उन्हें तरसेम सिंह उर्फ सबा ने मुहैया करवाए थे।
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मनी टोपी ने की भागने की कोशिश, टूटी टांग, जीएसीएच में भर्ती
जीरकपुर पुलिस की ओर से गिरफ्तार लॉरेंस बिश्नोई का गुर्गे मनी टोपी पर कई संगीन मामले दर्ज हैं। वह मीत बाउंसर की हत्या में भी शामिल था। उसके खिलाफ जीरकपुर थाने में आर्म्स एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मनी टोपी को पकड़ने के बाद हथियार बरामद करने के लिए पुलिस उसे साथ लेकर गई थी। इस बीच उसने भागने की कोशिश की, जिस कारण भागते समय उसकी टांग टूट गई। मनी टोपी को जीएससीएच-32 में भर्ती करवाया गया है।
कोट
सूचना के बाद आरोपी मनी टोपी की गिरफ्तारी के लिए एसएचओ सिमरजीत सिंह शेरगिल की अगुवाई में टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने एक संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारकर मनी टोपी को गिरफ्तार किया। बाद में उसने भागने की कोशिश की, जिसमें उसकी टांग टूट गई। फिलहाल उसका अस्पताल चल रहा है।
- विक्रम बराड़, डीएसपी, जीरकपुर
गैंगस्टरों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है जीरकपुर
जीरकपुर। पिछले काफी समय से शहर से गैंगस्टर और आतंकियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। आबादी बढ़ने के साथ-साथ मोहाली-जीरकपुर में अपराध भी बढ़ गए हैं। जीरकपुर गैंगस्टरों के छिपने की पसंदीदा जगह बन गया है। जीरकपुर की आबादी पांच से छह लाख के बीच है और यहां इतने ज्यादा फ्लैट और पीजी बन चुके हैं कि इनका रिकॉर्ड रखना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। समस्या यह है कि कुछ गैंगस्टर ऐसे साथियों के नाम से फ्लैट ले लेते हैं जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता और उनके साथ नामी और इनामी गैंगस्टर रहने लगते हैं। वहीं बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं जो चंद पैसों की खातिर किराएदारों का सत्यापन ही नहीं करवाते। ऐसे में यह शहर गैंगस्टरों के लिए सबसे मुफीद बन चुका है। कुछ समय पहले मोहाली के सेक्टर-79 से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का गुर्गा राजवीर रवि दबोचा गया था। लुधियाना लूट कांड में
शामिल आरोपी और गैंगस्टर भी जीरकपुर में पकड़े गए थे। गैंगस्टर भुप्पी राणा गैंग के गुर्गों के अलावा दिल्ली का गैंगस्टर अमित भूरा को भी पुलिस ने जीरकपुर से दबोचा था। आठ फरवरी, 2019 को ओकु टीम ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में वांछित लॉरेंस गैंग राइट हैंड माने जाने वाले 50 हजार के इनामी गैंगस्टर अंकित भादू का एनकाउंटर पीरमुछल्ला में किया था।