मोहाली निगम चुनाव : वार्ड 42 में सबसे बड़ा उलटफेर, अपनी सीट नहीं बचा पाए पूर्व मेयर कुलवंत सिंह
मोहाली नगर निगम चुनाव में भले ही कांग्रेस के बाद आजाद और आप ग्रुप का शानदार प्रदर्शन रहा है लेकिन ग्रुप के प्रमुख पूर्व मेयर कुलवंत सिंह इस चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाए। यह मोहाली चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर था। कुलवंत सिंह को कांग्रेस के सीनियर नेता अमरीक सिंह सोमल ने 267 मतों से करारी शिकस्त दी। हालांकि उनके बेटे चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक वार्ड नंबर 42 से आजाद ग्रुप व आम आदमी पार्टी के साझे उम्मीदवार के रूप में कुलवंत सिंह चुनावी मैदान में थे। जबकि कांग्रेस की तरफ से सीनियर नेता अमरीक सिंह सोमल यहां से अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इस वार्ड में कुल 1764 मत पड़े थे। इसमें से कुलवंत सिंह को मात्र 680 मिले जबकि अमरीक सिंह सोमल को 947 मत हासिल करने में कामयाब रहे।
इस वार्ड में कुल आठ उम्मीदवारों में टक्कर थी। जबकि मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आजाद ग्रुप में ही था। अमरीक सिंह सोमल ने जीत की हैट्रिक लगाई है। जबकि शिरोमणि अकाली दल के गुरजीत सिंह को 62 मत मिले। वहीं, बीजेपी के रोहित गर्ग को मात्र 58 मत मिले। आजाद उम्मीदवार गुरशरण सिंह रियाड़ को पांच मत मिले।
दो अन्य उम्मीदवारों जसपिंदर पाल सिंह और परमिंदर सिंह एक भी मत हासिल नहीं कर पाए हैं। वहीं, चुनाव जीतने के बाद अमरीक सिंह सोमल ने कहा कि जो वायदे चुनाव के दिनों में उन्होंने किए थे। उन्होंने सभी वोटरों को मतदान करने के लिए धन्यवाद किया।
2014 में फतेहगढ़ साहिब से भी मिली थी हार
कुलवंत सिंह के लिए यह पहला मौका नहीं है, जब उन्हें किसी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2014 में लोकसभा चुनाव में वह अकाली दल के उम्मीदवार के रूप में फतेहगढ़ साहिब से चुनावी मैदान में उतरे थे। चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद जब 2015 में नगर निगम मोहाली के चुनाव हुए तो अकाली दल ने उन्हें दरकिनार कर अन्य नेताओं को महत्ता दी। इसके बाद उन्होंने अकाली दल से बगावत कर आजाद ग्रुप बनाया था।
उनका आजाद ग्रुप उस चुनाव में दस सीटें हासिल कर पाया था। इसके बाद कांग्रेस और आजाद ग्रुप मिल गए थे। साथ ही वे मोहाली नगर निगम के पहले मेयर बने थे। इस चुनाव से ठीक पहले भी 2015 वाले हालात बने थे। कुलवंत सिंह ने अकाली दल को अलविदा कर आजाद ग्रुप बनाया था। आजाद ग्रुप करीब 11 सीटें जीतने में कामयाब रहा है। कुलवंत सिंह 1995 में पहली बार वार्ड नंबर से 21 से पार्षद चुने गए थे। साथ ही उस समय मोहाली नगर परिषद होती थी। उसके वह वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने। वह 2000 से 2005 तक परिषद के अध्यक्ष बने रहे।