फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Even the corona epidemic could not deter the teacher from her responsibility

कोरोना महामारी भी शिक्षिका को नहीं डिगा सकी अपनी जिम्मेदारी से

Sat, 10 Apr 2021 01:58 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 01:58 AM IST
विज्ञापन
Even the corona epidemic could not deter the teacher from her responsibility
मोहाली। शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक होना महज एक रोजगार ही नहीं है, यह समाजसेवा और एक जिम्मेदारी भी है... भविष्य के निर्माण की। हालात कैसे भी हों, हर सूरत में इस जिम्मेदारी को निभाना ही शिक्षक होने को सार्थक करता है। ऐसी ही शिक्षिका हैं सुमन विज। वह कोरोना से संक्रमित हैं, आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। इसके बावजूद वह नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाएं ले रही हैं।
विज्ञापन

सुमन विज मोहाली के फेज-4 में रहती हैं और शहर के ही एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। प्राइमरी कक्षा के छोटे बच्चों को भविष्य का काबिल नागरिक बनाने की जिम्मेदारी इन पर है। सुमन पिछले 15 साल से बतौर शिक्षिका अपनी सेवाएं दे रही हैं। पिछले सप्ताह सेहत खराब होने पर उन्होंने अपना कोरोना टेस्ट करवाया था। सोमवार को आई रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। वहीं, पिछले साल ही सुमन की ओपन हार्ट सर्जरी भी हुई थी। अब कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जब उनके अन्य टेस्ट किए गए तो उनके फेफड़ों में निमोनिया की शिकायत भी पाई गई। उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। शहर के एक बड़े निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में उनका इलाज चल रहा है। इतनी दिक्कत होने के बावजूद सुमन ने नन्हें बच्चों को शिक्षा देना नहीं छोड़ा। अस्पताल के आईसीयू वार्ड से ही वह सुबह-शाम बच्चों की ऑनलाइन क्लासें ले रही हैं।
विज्ञापन

सुमन पूरी तरह सकारात्मक हैं और अपने काम के प्रति सजग हैं। यही वजह है कि जब डॉक्टर्स ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा तो वह अपने साथ किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री लेकर अस्पताल पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि संक्रमण से सुरक्षा के मद्देनजर डॉक्टर्स ने कोविड आईसीयू वार्ड में उन्हें किताबें ले जाने की अनुमति नहीं दी। सुमन कहती हैं कि इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि पिछले 15 साल से वह बच्चों को पढ़ाती आ रही हैं, लिहाजा उन्हें पता है कि बच्चों को क्या पढ़ाना है और कैसे सिखाना है। एक शिक्षक के तौर पर सुमन की प्रतिबद्धता के देखकर डॉक्टर्स ही नहीं अन्य मरीज भी उनसे सकारात्मक बने रहने के लिए प्रेरणा ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed