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मोहाली में ईडी की रेड: 348 करोड़ के घोटाले में खंगाले दस्तावेज, सनटेक सिटी प्रोजेक्ट का मामला
Tue, 22 Sep 2026 07:54 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 22 Sep 2026 07:54 PM IST
सार
मामले में सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी ईडी की जांच के दायरे में है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की तत्कालीन डायरेक्टर कंवलप्रीत बराड़ से 18 और 27 अगस्त को पूछताछ की जा चुकी है।
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रेड करने के लिए पहुंची ईडी की टीम
- फोटो : संवाद
विस्तार
न्यू चंडीगढ़ स्थित सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में फर्जी चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मंजूरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के दफ्तर तक पहुंच गई है। मंगलवार को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की टीम ने गमाडा कार्यालय में दबिश देकर कई घंटे तक रिकॉर्ड खंगाला। कार्रवाई के दौरान प्रोजेक्ट से जुड़ी सीएलयू मंजूरियों, जमीन के रिकॉर्ड और अप्रूवल प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। 348 करोड़ रुपये की अवैध आय के मामले में खबर लिखे जाने तक ईडी की रेड जारी थी।
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सूत्रों के मुताबिक ईडी की टीम तीन गाड़ियों में गमाडा कार्यालय पहुंची। तलाशी के दौरान कार्यालय के दो फ्लोर खाली करा दिए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों को तलाशी पूरी होने तक संबंधित हिस्से से बाहर रहने के लिए कहा गया। सूत्रों ने यह भी बताया कि गमाडा के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन ईडी ने अपने कब्जे में लिए। चीफ इंजीनियर का कार्यालय सील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
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प्लानिंग, एस्टेट और इंजीनियरिंग अधिकारियों से पूछताछ
ईडी की टीम ने गमाडा की प्लानिंग, एस्टेट और इंजीनियरिंग शाखाओं से जुड़े अधिकारियों से सनटेक सिटी प्रोजेक्ट की मंजूरियों को लेकर पूछताछ की। अधिकारियों से यह जानकारी ली गई कि प्रोजेक्ट के लिए सीएलयू की प्रक्रिया कब और किस आधार पर शुरू हुई, किन अधिकारियों ने फाइलों पर कार्रवाई की और बाद में मंजूरियों या लेआउट में क्या बदलाव किए गए। जांच टीम ने जमीन अधिग्रहण, सीएलयू अनुमति, निजी डेवलपर्स को दी गई मंजूरियों और प्रोजेक्ट से जुड़े लेनदेन से संबंधित फाइलें और दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान कई अधिकारियों से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ किए जाने की जानकारी है।
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फर्जी सहमति पत्रों से सीएलयू लेने का आरोप
ईडी की जांच का एक प्रमुख आधार आरोप है कि सनटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी हासिल करने में जमीन मालिकों के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाले सहमति पत्र इस्तेमाल किए गए। एजेंसी यह भी जांच रही है कि इन दस्तावेजों के आधार पर सीएलयू और अन्य सरकारी मंजूरियां किस तरह हासिल की गई। जांच में कथित तौर पर प्रोजेक्ट से होने वाली आय और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल को भी देखा जा रहा है। ईडी की ओर से लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
348 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय की जांच
ईडी की जांच में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से करीब 348 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय का एंगल सामने आया है। इसमें एजेंसी के अनुसार करीब 212.58 करोड़ रुपये की बिक्री से प्राप्त रकम और करीब 135.41 करोड़ रुपये के बिना बिके स्टॉक की अनुमानित राशि शामिल है। एजेंसी इन रकम के स्रोत और इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।
दो आईएएस अधिकारियों से हो चुकी पूछताछ
मामले में सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी ईडी की जांच के दायरे में है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की तत्कालीन डायरेक्टर कंवलप्रीत बराड़ से 18 और 27 अगस्त को पूछताछ की जा चुकी है। पूछताछ में सनटेक सिटी और ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े सीएलयू की प्रक्रिया और बाद में हुए बदलावों से संबंधित जानकारी ली गई थी। पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा से भी ईडी ने इस मामले में पूछताछ की है। जांच में उनके कार्यकाल के दौरान हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े अप्रूवल और प्रोजेक्ट के लेआउट में हुए बदलावों से संबंधित पहलुओं को देखा गया।
मोहाली एसएसपी से भी मांगा था रिकॉर्ड
ईडी ने इससे पहले सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में किसानों और जमीन मालिकों से कथित धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े पुलिस रिकॉर्ड भी मोहाली एसएसपी से मांगे थे। इसके अलावा गमाडा से सनटेक सिटी और ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स को जारी सीएलयू से संबंधित पूरी फाइल और अप्रूवल प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की जानकारी मांगी गई थी। मंगलवार को गमाडा कार्यालय में हुई तलाशी को इसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। कार्रवाई के दौरान ईडी ने किन दस्तावेजों को जब्त किया और आगे किन अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, इस संबंध में एजेंसी की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
ईडी की जांच में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से करीब 348 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय का एंगल सामने आया है। इसमें एजेंसी के अनुसार करीब 212.58 करोड़ रुपये की बिक्री से प्राप्त रकम और करीब 135.41 करोड़ रुपये के बिना बिके स्टॉक की अनुमानित राशि शामिल है। एजेंसी इन रकम के स्रोत और इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।
दो आईएएस अधिकारियों से हो चुकी पूछताछ
मामले में सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी ईडी की जांच के दायरे में है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की तत्कालीन डायरेक्टर कंवलप्रीत बराड़ से 18 और 27 अगस्त को पूछताछ की जा चुकी है। पूछताछ में सनटेक सिटी और ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े सीएलयू की प्रक्रिया और बाद में हुए बदलावों से संबंधित जानकारी ली गई थी। पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा से भी ईडी ने इस मामले में पूछताछ की है। जांच में उनके कार्यकाल के दौरान हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े अप्रूवल और प्रोजेक्ट के लेआउट में हुए बदलावों से संबंधित पहलुओं को देखा गया।
मोहाली एसएसपी से भी मांगा था रिकॉर्ड
ईडी ने इससे पहले सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में किसानों और जमीन मालिकों से कथित धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े पुलिस रिकॉर्ड भी मोहाली एसएसपी से मांगे थे। इसके अलावा गमाडा से सनटेक सिटी और ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स को जारी सीएलयू से संबंधित पूरी फाइल और अप्रूवल प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की जानकारी मांगी गई थी। मंगलवार को गमाडा कार्यालय में हुई तलाशी को इसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। कार्रवाई के दौरान ईडी ने किन दस्तावेजों को जब्त किया और आगे किन अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, इस संबंध में एजेंसी की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।