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Mohali News: विद्वान पंडित होकर भी प्रभु राम को जान नहीं सका रावण

Fri, 26 Sep 2025 02:32 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 02:32 AM IST
सार

कुराली के नगर खेड़ा धर्मशाला में श्रीराम कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। इस धार्मिक आयोजन में समाज के प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कथा के माध्यम से आस्था और भाईचारे का संदेश प्रसारित हुआ।

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Despite being a learned scholar, Ravana could not understand Lord Rama

विस्तार

कुराली। शहर के नगर खेड़ा धर्मशाला में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा दौरान विशेष तौर पर पहुंचे भाजपा नेता रणजीत सिंह गिल,सुखविंदर सिंह गोल्डी, पूर्व पार्षद गोरव गुप्ता, नौजवान आशु गोयल को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया।
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अग्रवाल सभा की ओर से महाराज अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में करवाई श्रीराम कथा के अंतिम दिन कथावाचक परम श्रद्धेय श्री स्वामी अतुल कृष्ण जी महाराज ने ने कहा कि रावण एक महान विद्वान पंडित होने के बाद भी प्रभु राम को जान नहीं सका और अपने अहंकार वश सब कुछ गंवा बैठा। दूसरी ओर विभीषण ने अधर्म का साथ छोड़ धर्म का साथ दिया और रावण की मृत्यु का रहस्य उजागर कर राम को सदा सदा के लिए प्राप्त कर लिया। विभीषण और रावण एक ही कुल के थे, अगर विभीषण राम को प्राप्त कर पाया तो उसका कारण संत की संगति थी। विभीषण के जीवन में जब हनुमान रूपी संत का आगमन हुआ तब विभीषण में विवेक और भक्ति का जन्म हुआ।
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रामराज्य की स्थापना बिना हनुमान रूपी संत के असंभव है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने जीवन में दुख सहे, उसी प्रकार प्रत्येक प्राणी भी इस जीवन में दुखी है। इस मौके रणजीत सिंह गिल ने सभा की ओर से करवाई श्रीराम कथा की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक समागम सभी में आस्था और आपसी भाईचारे की भावना पैदा करते है। इस मौके प्रधान राकेश अग्रवाल, पंकज गोयल,प्रिंस अग्रवाल और अरविंद अग्रवाल भी उपस्थित थे।
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