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मोहाली जिले में चार हजार घरों में मिला डेंगू फैलाने वाला लारवा, 143 मकान मालिकों के चालान कटे
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मोहाली। जिले में डेंगू से जंग के लिए सेहत विभाग ने पूरी ताकत झोंकी हुई है। मार्च से लेकर अब तक सेहत विभाग ने एक लाख 16 हजार 524 मकानों का सर्वे किया। इनमें से 4066 में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लारवा मिला है। इतना ही नहीं डेंगू से बचाव में लापरवाही बरतने के आरोप में 143 मकान मालिकों के चालान तक किए गए हैं। जबकि अधिकतर मकानों में लारवा पहली बार मिला था। ऐसे में उन्हें चेेतावनी देकर छोड़ा। इस दौरान जांच में डेंगू के 62 मरीज भी सामने आए हैं। सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह लारवा से बचाव में कोई लापरवाही न बरतें।
सेहत विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मकानों का सर्वे करने के लिए 13 टीमें गठित की गईं थीं। पूरे जिले को विभिन्न हिस्सों में बांटकर टीमों ने प्रत्येक मकान में दस्तक दी। इस दौरान कुछ मकान मालिकों के चालान ही नहीं किए गए, बल्कि लोगों को बीमारी से बचने के प्रति जागरूक भी किया। इस दौरान टीमों ने घरों में कूलरों, फ्रिजों की ट्रे, गमलों, खाली पड़े टायरों की जांच की, कि उनमें पानी तो नहीं भरा है।
इस जांच के दौरान 4 लाख 43 हजार 388 कंटेनर भी चेक किए गए। सेहत विभाग की टीम ने लोगों को 30 नवंबर तक डेंगू के प्रति चौकस रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों को समझाया कि अपने मकानों घरों में या आसपास गंदा पानी जमा न होने दें। साथ ही जब आपके इलाके में नगर निगम की टीम फॉगिंग के लिए आती है तो घरों के दरवाजे और खिड़कियां खुले रखें, ताकि मच्छरों का खात्मा हो सके। डेंगू के लारवा की जांच टीमों में हेल्थ सुपरवाइजर, हेल्थ वर्कर और ब्रीडिंग चेकर शामिल थे।
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अभी दो महीने सावधान रहने की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौन ने कहा कि डेंगू बुखार की चपेट में आने का कोई पक्का मौसम नहीं है। फिर भी जुलाई से लेकर नवंबर तक खतरा अधिक रहता है। ऐसे में अक्टूबर और नवंबर में जरा सी भी ढील न बरती जाए। ऐसे कपड़े पहने जाएं, जिनसे शरीर पूरी तरह से ढका रहता है। अगर कोई व्यक्ति डेंगू का संदिग्ध मरीज लगता है तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए। सरकारी अस्पतालों में डेंगू का इलाज मुफ्त होता है, डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन के समय काटता है और साफ सफाई में पैदा होता है।
डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू एक बुखार है जो एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज सिरदर्द और तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंख, नाक, मुंह और मसूड़ों के पिछले हिस्से में दर्द, स्थिति बिगड़ने पर खून बहना और उल्टी आती है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर कहीं भी जमा साफ पानी में जैसे कूलर, पानी की टंकियों, फूलों के गमलों, रेफ्रिजरेटर के पीछे ट्रे, टूटे-फूटे बर्तन और खाली टायर और पानी के कंटेनरों में प्रजनन करते हैं।
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सेहत विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मकानों का सर्वे करने के लिए 13 टीमें गठित की गईं थीं। पूरे जिले को विभिन्न हिस्सों में बांटकर टीमों ने प्रत्येक मकान में दस्तक दी। इस दौरान कुछ मकान मालिकों के चालान ही नहीं किए गए, बल्कि लोगों को बीमारी से बचने के प्रति जागरूक भी किया। इस दौरान टीमों ने घरों में कूलरों, फ्रिजों की ट्रे, गमलों, खाली पड़े टायरों की जांच की, कि उनमें पानी तो नहीं भरा है।
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इस जांच के दौरान 4 लाख 43 हजार 388 कंटेनर भी चेक किए गए। सेहत विभाग की टीम ने लोगों को 30 नवंबर तक डेंगू के प्रति चौकस रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों को समझाया कि अपने मकानों घरों में या आसपास गंदा पानी जमा न होने दें। साथ ही जब आपके इलाके में नगर निगम की टीम फॉगिंग के लिए आती है तो घरों के दरवाजे और खिड़कियां खुले रखें, ताकि मच्छरों का खात्मा हो सके। डेंगू के लारवा की जांच टीमों में हेल्थ सुपरवाइजर, हेल्थ वर्कर और ब्रीडिंग चेकर शामिल थे।
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अभी दो महीने सावधान रहने की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौन ने कहा कि डेंगू बुखार की चपेट में आने का कोई पक्का मौसम नहीं है। फिर भी जुलाई से लेकर नवंबर तक खतरा अधिक रहता है। ऐसे में अक्टूबर और नवंबर में जरा सी भी ढील न बरती जाए। ऐसे कपड़े पहने जाएं, जिनसे शरीर पूरी तरह से ढका रहता है। अगर कोई व्यक्ति डेंगू का संदिग्ध मरीज लगता है तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए। सरकारी अस्पतालों में डेंगू का इलाज मुफ्त होता है, डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन के समय काटता है और साफ सफाई में पैदा होता है।
डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू एक बुखार है जो एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज सिरदर्द और तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंख, नाक, मुंह और मसूड़ों के पिछले हिस्से में दर्द, स्थिति बिगड़ने पर खून बहना और उल्टी आती है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर कहीं भी जमा साफ पानी में जैसे कूलर, पानी की टंकियों, फूलों के गमलों, रेफ्रिजरेटर के पीछे ट्रे, टूटे-फूटे बर्तन और खाली टायर और पानी के कंटेनरों में प्रजनन करते हैं।