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बेटे की अस्थियां लेकर किया सोहाना थाने का घेराव
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:04 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-66 के पार्क में संदिग्ध परिस्थितियों में शुक्रवार को पेड़ से लटके मिले जगबीर सिंह जग्गू के शव का मामला गरमा गया है। बुधवार को जग्गू की अस्थियां हाथों में लेकर परिजनों ने सोहाना थाने का घेराव किया। इसमें इलाके के हर उम्र के लोग शामिल हुए। परिजनों का आरोप है कि जग्गू ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि कार मालिक राजपाल वालिया ने उसकी हत्या की है।
हत्या के बाद शव को पेड़ से लटका दिया है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ धारा-302 के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी भी इस मामले में शामिल थे। इसलिए आरोपी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। लोग कई घंटे तक थाने के बाहर डटे रहे। एसपी सिटी गुरसेवक सिंह व डीएसपी सिटी दो समेत कई थाने के एसएचओ मौके पर पहुंच गए। साथ ही एआरपी की फोर्स थाने के बाहर तैनात कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को दो दिनों में केस की नए सिरे से जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। परिजनों ने कीरतपुर साहिब में जग्गू की अस्थियां विसर्जित की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वालिया जब जग्गू को थाने में छोड़कर गया था, उस समय वह नशे की हालत में था। उसे पुलिस ने छुआ तक नहीं। हालांकि, इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदे भी पहुंचे। उन्होंने इसे राजनीति का रंग देने की कोशिश की।
जग्गू के शरीर पर थे चोट के निशान
बुधवार सुबह करीब 10 बजे से इलाके के लोग सोहाना थाने के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर पहुंचे। लोगों का आरोप था कि पुलिस इस केस को हलके में ले रही है। जग्गू खुद सुसाइड करने वाला नहीं था, बल्कि उसे मारा गया है। जग्गू की टांगों पर चोट के निशान थे।
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फोन पर कहा था वालिया से झगड़ा हो गया
मृतक के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल को सुबह नौ बजे चौ माजरा स्थित घर से जग्गू निकला था। इसके बाद मनौली में उसने अपने दोस्त से बाइक लेकर वालिया के पास पहुंचा। पेमेंट को लेकर वालिया से उसकी बहस हो गई थी। इसके बाद दोनों में मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि वालिया खुद ही उसे थाने ले गया था। उसने उसे थाने में छोड़ दिया था। उसने फोन पर वालिया से हुए झगड़े के बारे में बताया था, लेकिन इस बीच शाम को उसके फंदा लगाने की खबर उन्हें मिली।
तीन महीन की रुकी थी पेमेंट
जग्गू के पिता बलबिंदर सिंह ने बताया कि वह वालिया के पास ड्राइवरी करता था। वालिया उसे हर माह करीब पांच हजार रुपये देता था। लेकिन, उसने तीन महीने से उसे वेतन नहीं दिया था। इस कारण वह परेशान था। कई बार वह वालिया के पास पैसे लेने गया था, लेकिन वह उसे टरका देता था।
परिवार में सबका लाडला था जग्गू
परिवार वालों के मुताबिक जग्गू घर में सबका लाडला था। उसका एक भाई और एक बहन है। जग्गू के पिता का रो-रो कर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि उन्होंने सोचा था कि वह उनके बुढ़ापे में सहारा बनेगा। लेकिन वह उन्हें छोड़कर चला गया।
बाइक से हुई थी शव की पहचान
जब पुलिस को सेक्टर-66 में शव मिला था तो उसके पास से एक बाइक भी मिली थी। बाइक में मिले दस्तावेजों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने मृतक के दोस्त को फोन किया था। इसके बाद मृतक की पहचान हुई थी।
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हत्या के बाद शव को पेड़ से लटका दिया है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ धारा-302 के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी भी इस मामले में शामिल थे। इसलिए आरोपी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। लोग कई घंटे तक थाने के बाहर डटे रहे। एसपी सिटी गुरसेवक सिंह व डीएसपी सिटी दो समेत कई थाने के एसएचओ मौके पर पहुंच गए। साथ ही एआरपी की फोर्स थाने के बाहर तैनात कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को दो दिनों में केस की नए सिरे से जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। परिजनों ने कीरतपुर साहिब में जग्गू की अस्थियां विसर्जित की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वालिया जब जग्गू को थाने में छोड़कर गया था, उस समय वह नशे की हालत में था। उसे पुलिस ने छुआ तक नहीं। हालांकि, इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदे भी पहुंचे। उन्होंने इसे राजनीति का रंग देने की कोशिश की।
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जग्गू के शरीर पर थे चोट के निशान
बुधवार सुबह करीब 10 बजे से इलाके के लोग सोहाना थाने के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर पहुंचे। लोगों का आरोप था कि पुलिस इस केस को हलके में ले रही है। जग्गू खुद सुसाइड करने वाला नहीं था, बल्कि उसे मारा गया है। जग्गू की टांगों पर चोट के निशान थे।
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फोन पर कहा था वालिया से झगड़ा हो गया
मृतक के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल को सुबह नौ बजे चौ माजरा स्थित घर से जग्गू निकला था। इसके बाद मनौली में उसने अपने दोस्त से बाइक लेकर वालिया के पास पहुंचा। पेमेंट को लेकर वालिया से उसकी बहस हो गई थी। इसके बाद दोनों में मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि वालिया खुद ही उसे थाने ले गया था। उसने उसे थाने में छोड़ दिया था। उसने फोन पर वालिया से हुए झगड़े के बारे में बताया था, लेकिन इस बीच शाम को उसके फंदा लगाने की खबर उन्हें मिली।
तीन महीन की रुकी थी पेमेंट
जग्गू के पिता बलबिंदर सिंह ने बताया कि वह वालिया के पास ड्राइवरी करता था। वालिया उसे हर माह करीब पांच हजार रुपये देता था। लेकिन, उसने तीन महीने से उसे वेतन नहीं दिया था। इस कारण वह परेशान था। कई बार वह वालिया के पास पैसे लेने गया था, लेकिन वह उसे टरका देता था।
परिवार में सबका लाडला था जग्गू
परिवार वालों के मुताबिक जग्गू घर में सबका लाडला था। उसका एक भाई और एक बहन है। जग्गू के पिता का रो-रो कर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि उन्होंने सोचा था कि वह उनके बुढ़ापे में सहारा बनेगा। लेकिन वह उन्हें छोड़कर चला गया।
बाइक से हुई थी शव की पहचान
जब पुलिस को सेक्टर-66 में शव मिला था तो उसके पास से एक बाइक भी मिली थी। बाइक में मिले दस्तावेजों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने मृतक के दोस्त को फोन किया था। इसके बाद मृतक की पहचान हुई थी।