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खबर का असर : आखिरकार 3 दिन बाद पुलिस अधिकारियों ने किया मामला दर्ज..
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खबर का असर :
- घटना वाले दिन से अगले 3 दिनों तक शिकायतकर्ता काटता रहा पुलिस चौकी के चक्कर
- बलटाना फर्नीचर मार्केट की वर्कशॉप में लगी आग मामला
- बीती 7 जनवरी को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था समाचार, उच्चाधिकारियों ने लिया संज्ञान
अश्वनी कुमार
जीरकपुर।
शनिवार सुबह वर्कशाप में लगी आग के मामले में 3 दिन बाद आखिरकार पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी। गौरतलब है कि बीती 6 जनवरी को बलटाना फर्नीचर मार्केट की वर्कशॉप में शार्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। दूसरी ओर, मामले की शिकायत को लेकर पुलिस अधिकारी आनाकानी करते नजर आए, जिसके बाद अमर उजाला ने वर्कशॉप के मालिक राजिंदर धीमान के दुख को प्रमुखता के साथ समाचार में प्रकाशित किया, जिसको देखकर उच्चाधिकारियों ने बलटाना चौकी के अधिकारियों कार्रवाई करने के तुरंत निर्देश दिए।
जानकारी के मुताबिक बलटाना फर्नीचर मार्केट में स्थित राज डेकोर नामक वर्कशॉप में बीती 6 जनवरी को शार्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें करीब 12 लाख रुपये का फर्नीचर का सामान कुछ ही क्षणों में जलकर राख में तबदील हो गया। जबकि वर्कशाप मालिक राजिंदर धीमान ने बताया कि वर्कशाप के अंदर पड़े माल का उनकी ओर से इंश्योरेंस करवाया हुआ है, जिसका क्लेम लेने लिए उसको एफआईआर कापी के अलावा दमकल विभाग से सर्टिफिकेट की जरूरत है। दूसरी ओर, आगजनी की घटना शनिवार की सुबह को घटी, जिसकी शिकायत के लिए राजिंदर धीमान अगले 3 दिनों तक अपनी शिकायत को दर्ज करवाने के लिए पुलिस चौकी में अधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा, परन्तु उसकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
जानकारी के अनुसार, बीती 6 जनवरी को वर्कशाप मालिक मामले की शिकायत दर्ज करवाने के लिए बलटाना पुलिस चौकी में अधिकारियों से मिला, जिन्होंने पहले तो उसे वापस भेज दिया। जबकि उसने अधिकारियों को दबाव बनाकर शिकायत दर्ज करने की मांग की तो चौकी में मौजूद अधिकारियों ने यह कहकर टाल दिया कि, फर्नीचर वालों का यही हाल है। आग लगनी थी लग गई, अब शिकायत दर्ज करवाकर क्या होगा? पुलिस अधिकारियों के बोल को सुनकर वह वापस घर लौट आया, जिसके बाद दोबारा पुलिस चौकी जाने की हिम्मत नहीं हुई। अमर उजाला ने 7 जनवरी के अंक में पुलिस के बोल-आग लगनी थी लग गई, अब शिकायत दर्ज करवाकर क्या होगा’ नामक शीर्षक के साथ एक समाचार प्रकाशित किया। समाचार का पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया और बलटाना पुलिस चौकी के मुलाजिमों को राजिंदर धीमान की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।
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मंगलवार को दर्ज हुई एफआईआर
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार राजिंदर के बेटे मनीष धीमान के बयानों की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जबकि एफआईआर की एक कॉपी शिकायतकर्ता को प्रदान की गई है। धीमान के साथ 3 दिन तक किए गए बर्ताव के लिए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और भविष्य में ऐसा किसी के साथ न करने की हिदायत जारी की है।
- भिंदर सिंह, सहायक इंस्पेक्टर कम इंचार्ज, बलटाना पुलिस चौकी।
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- घटना वाले दिन से अगले 3 दिनों तक शिकायतकर्ता काटता रहा पुलिस चौकी के चक्कर
- बलटाना फर्नीचर मार्केट की वर्कशॉप में लगी आग मामला
- बीती 7 जनवरी को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था समाचार, उच्चाधिकारियों ने लिया संज्ञान
अश्वनी कुमार
जीरकपुर।
शनिवार सुबह वर्कशाप में लगी आग के मामले में 3 दिन बाद आखिरकार पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी। गौरतलब है कि बीती 6 जनवरी को बलटाना फर्नीचर मार्केट की वर्कशॉप में शार्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। दूसरी ओर, मामले की शिकायत को लेकर पुलिस अधिकारी आनाकानी करते नजर आए, जिसके बाद अमर उजाला ने वर्कशॉप के मालिक राजिंदर धीमान के दुख को प्रमुखता के साथ समाचार में प्रकाशित किया, जिसको देखकर उच्चाधिकारियों ने बलटाना चौकी के अधिकारियों कार्रवाई करने के तुरंत निर्देश दिए।
जानकारी के मुताबिक बलटाना फर्नीचर मार्केट में स्थित राज डेकोर नामक वर्कशॉप में बीती 6 जनवरी को शार्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें करीब 12 लाख रुपये का फर्नीचर का सामान कुछ ही क्षणों में जलकर राख में तबदील हो गया। जबकि वर्कशाप मालिक राजिंदर धीमान ने बताया कि वर्कशाप के अंदर पड़े माल का उनकी ओर से इंश्योरेंस करवाया हुआ है, जिसका क्लेम लेने लिए उसको एफआईआर कापी के अलावा दमकल विभाग से सर्टिफिकेट की जरूरत है। दूसरी ओर, आगजनी की घटना शनिवार की सुबह को घटी, जिसकी शिकायत के लिए राजिंदर धीमान अगले 3 दिनों तक अपनी शिकायत को दर्ज करवाने के लिए पुलिस चौकी में अधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा, परन्तु उसकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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जानकारी के अनुसार, बीती 6 जनवरी को वर्कशाप मालिक मामले की शिकायत दर्ज करवाने के लिए बलटाना पुलिस चौकी में अधिकारियों से मिला, जिन्होंने पहले तो उसे वापस भेज दिया। जबकि उसने अधिकारियों को दबाव बनाकर शिकायत दर्ज करने की मांग की तो चौकी में मौजूद अधिकारियों ने यह कहकर टाल दिया कि, फर्नीचर वालों का यही हाल है। आग लगनी थी लग गई, अब शिकायत दर्ज करवाकर क्या होगा? पुलिस अधिकारियों के बोल को सुनकर वह वापस घर लौट आया, जिसके बाद दोबारा पुलिस चौकी जाने की हिम्मत नहीं हुई। अमर उजाला ने 7 जनवरी के अंक में पुलिस के बोल-आग लगनी थी लग गई, अब शिकायत दर्ज करवाकर क्या होगा’ नामक शीर्षक के साथ एक समाचार प्रकाशित किया। समाचार का पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया और बलटाना पुलिस चौकी के मुलाजिमों को राजिंदर धीमान की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।
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मंगलवार को दर्ज हुई एफआईआर
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार राजिंदर के बेटे मनीष धीमान के बयानों की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जबकि एफआईआर की एक कॉपी शिकायतकर्ता को प्रदान की गई है। धीमान के साथ 3 दिन तक किए गए बर्ताव के लिए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और भविष्य में ऐसा किसी के साथ न करने की हिदायत जारी की है।
- भिंदर सिंह, सहायक इंस्पेक्टर कम इंचार्ज, बलटाना पुलिस चौकी।