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मुल्लांपुर में फर्जी तरीके से चल रहा सैनी अस्पताल सील
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मोहाली। मुल्लांपुर बस स्टैंड के पास सेहत विभाग व स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने ज्वाइंट कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से चल रहे सैनी अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही वहां से काफी मात्रा में नशीली दवाइयां व उपकरण कब्जे में लिए हैं। पता चला है कि वहां पर लिंग जांच भी होती थी। एसटीएफ की टीम रामपाल निवासी मुल्लांपुर गरीबदास को काबू किया है। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 और आईएमएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अस्पताल में नशे की दवाइयों का कारोबार होता है। एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और खरड़ अस्पताल के एसएमओ को सूचित किया। मेडिकल टीम के मौके पर पहुंचने के बाद हुई जांच में सामने आया कि अस्पताल चला रहे व्यक्ति रामपाल के पास किसी तरह की कोई डिग्री नहीं थी, न ही उसके पास दवाइयां बेचने संबंधी लाइसेंस था। दस साल से अस्पताल इलाके में चल रहा था। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दवाइयां और उपकरणों के 3 बॉक्स कब्जे में लिए। इस दौरान सामने आया कि अस्पताल में कई पाबंदीशुदा दवाइयां बिक रही थीं। इसके अला अन्य गतिविधियां चल रहीं थीं। कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के अधिकारी अवतार सिंह व राजिंदर सिंह समेत सेहत विभाग की टीम मौजूद थी।
जिक्रयोग है कि यह पहला मौका नहीं है कि जब इस तरह के मुन्ना भाई एमबीबीएस डॉक्टर पकड़े गए हैं। गत समय में जब विधानसभा चुनाव हुए थे, उस दौरान भी ऐसे केस सामने आए थे। कई लोग पकड़े गए थे।
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तंदरुस्त पंजाब मुहिम से मिलेगा लोगों को फायदा
राज्य सरकार ने तंदरुस्त पंजाब मुहिम भी शुरू कर रखी है। इसके तहत अब विभाग की टीमें नशा तस्करों से लेकर अन्य सारी चीजों पर नजर रखती हैं। इस काम में करीब 46 विभाग मिलकर काम करते हैं। उम्मीद है कि इससे लोगों को फायदा मिलेगा।
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एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अस्पताल में नशे की दवाइयों का कारोबार होता है। एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और खरड़ अस्पताल के एसएमओ को सूचित किया। मेडिकल टीम के मौके पर पहुंचने के बाद हुई जांच में सामने आया कि अस्पताल चला रहे व्यक्ति रामपाल के पास किसी तरह की कोई डिग्री नहीं थी, न ही उसके पास दवाइयां बेचने संबंधी लाइसेंस था। दस साल से अस्पताल इलाके में चल रहा था। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दवाइयां और उपकरणों के 3 बॉक्स कब्जे में लिए। इस दौरान सामने आया कि अस्पताल में कई पाबंदीशुदा दवाइयां बिक रही थीं। इसके अला अन्य गतिविधियां चल रहीं थीं। कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के अधिकारी अवतार सिंह व राजिंदर सिंह समेत सेहत विभाग की टीम मौजूद थी।
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जिक्रयोग है कि यह पहला मौका नहीं है कि जब इस तरह के मुन्ना भाई एमबीबीएस डॉक्टर पकड़े गए हैं। गत समय में जब विधानसभा चुनाव हुए थे, उस दौरान भी ऐसे केस सामने आए थे। कई लोग पकड़े गए थे।
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तंदरुस्त पंजाब मुहिम से मिलेगा लोगों को फायदा
राज्य सरकार ने तंदरुस्त पंजाब मुहिम भी शुरू कर रखी है। इसके तहत अब विभाग की टीमें नशा तस्करों से लेकर अन्य सारी चीजों पर नजर रखती हैं। इस काम में करीब 46 विभाग मिलकर काम करते हैं। उम्मीद है कि इससे लोगों को फायदा मिलेगा।