{"_id":"5a6105f54f1c1ba3268b521b","slug":"101516307957-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंस्ट्रक्शन के नाम पर पंद्रह करोड़ की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कंस्ट्रक्शन के नाम पर पंद्रह करोड़ की ठगी
Updated Fri, 19 Jan 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंस्ट्रक्शन के नाम पर पंद्रह करोड़ की ठगी
पुलिस ने साहिबजादा को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के प्रधान व ठेकेदार पर दर्ज किया केस
एसएसपी को दी शिकायत की जांच के बाद दर्ज हुआ केस, आरोपी फरार
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
साहिबजादा को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में कंस्ट्रक्शन के नाम पर पंद्रह करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। थाना फेज-1 की पुलिस ने सभा के प्रधान दलबीर सिंह व ठेकेदार इंद्रजीत सिंहपर केस दर्ज किया है। आरोपियों पर पुलिस ने धारा 406, 420 व 120बी लगाई है। आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने दावा किया है कि सभी आरोपी जल्द दबोच लिए जाएंगे।
इस संबंध में जगजोत सिंह चहल ने पुलिस को शिकायत दी थी। जगजोत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि सोसायटी ने फ्लैट्स बनाने का फैसला लिया था। इस दौरान इंद्रजीत सिंह व प्रमोटर लिमिटेड ने भी काम के लिए आवेदन किया था। सोसायटी के प्रधान दलबीर सिंह ने टेंडर के काम की स्क्रूटनी के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की बीते साल 29 नवंबर को मीटिंग हुई थी।
चहल ने बताया कि तीन मेंबरी कमेटी को उस समय इंद्रजीत सिंह की तरफ से फाइल किए गए टेंडर में कई खामियां मिलीं, जिसके बाद उसके टेंडर को कैंसिल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद सोसायटी के प्रधान दलबीर सिंह ने कमेटी द्वारा उठाई गई खामियों के बाद भी नियमों को ताक पर रखकर इंद्रजीत सिंह को काम अलॉट कर दिया।
विज्ञापन
दूसरी तरफ सोसायटी के प्रधान दलबीर सिंह और कांट्रेक्टर इंद्रजीत सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि उक्त शिकायतकर्ता भी कमेटी के मेंबर थे। सोसाइटी की तरफ से खर्चों का हिसाब रखा जाता है।
फ्लैटों के निर्माण पर भी लोगों को ठगा
शिकायतकर्ता ने बताया कि दलबीर सिंह और इंद्रजीत सिंह इसके बाद भी नहीं रुके। उन्होंने बताया कि गमाडा की तरफ से फ्लैटों के निर्माण के लिए जो जमीन अलॉट की गई थी। उसकी कीमत 12 करोड़ 76 लाख रुपये वसूली गई। जो कि प्रति मेंबर 12 लाख 51 हजार बनती थी, लेकिन सोसायटी के प्रबंधकों की तरफ से 15 लाख 14 हजार 160 रुपये वसूले गए।
टेंडर में यह खामियां सामने आई थी
इंद्रजीत सिंह ठेकेदार व प्रमोटर लिमिटेड की तरफ से 40 करोड़ सात लाख 75 हजार 931 रुपये का टेंडर भरा गया था। जांच में सामने आया था कि टेंडर अधूरा था, जिसमें बिजली, लिफ्ट, गैस पाइप, सिक्योरिटी गेट, फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं था। उसका रेट भी मार्केट रेट से ज्यादा था, इस कारण उसका टेंडर रद्द कर दिया गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने साहिबजादा को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के प्रधान व ठेकेदार पर दर्ज किया केस
एसएसपी को दी शिकायत की जांच के बाद दर्ज हुआ केस, आरोपी फरार
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
साहिबजादा को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में कंस्ट्रक्शन के नाम पर पंद्रह करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। थाना फेज-1 की पुलिस ने सभा के प्रधान दलबीर सिंह व ठेकेदार इंद्रजीत सिंहपर केस दर्ज किया है। आरोपियों पर पुलिस ने धारा 406, 420 व 120बी लगाई है। आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने दावा किया है कि सभी आरोपी जल्द दबोच लिए जाएंगे।
इस संबंध में जगजोत सिंह चहल ने पुलिस को शिकायत दी थी। जगजोत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि सोसायटी ने फ्लैट्स बनाने का फैसला लिया था। इस दौरान इंद्रजीत सिंह व प्रमोटर लिमिटेड ने भी काम के लिए आवेदन किया था। सोसायटी के प्रधान दलबीर सिंह ने टेंडर के काम की स्क्रूटनी के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की बीते साल 29 नवंबर को मीटिंग हुई थी।
विज्ञापन
चहल ने बताया कि तीन मेंबरी कमेटी को उस समय इंद्रजीत सिंह की तरफ से फाइल किए गए टेंडर में कई खामियां मिलीं, जिसके बाद उसके टेंडर को कैंसिल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद सोसायटी के प्रधान दलबीर सिंह ने कमेटी द्वारा उठाई गई खामियों के बाद भी नियमों को ताक पर रखकर इंद्रजीत सिंह को काम अलॉट कर दिया।
विज्ञापन
दूसरी तरफ सोसायटी के प्रधान दलबीर सिंह और कांट्रेक्टर इंद्रजीत सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि उक्त शिकायतकर्ता भी कमेटी के मेंबर थे। सोसाइटी की तरफ से खर्चों का हिसाब रखा जाता है।
फ्लैटों के निर्माण पर भी लोगों को ठगा
शिकायतकर्ता ने बताया कि दलबीर सिंह और इंद्रजीत सिंह इसके बाद भी नहीं रुके। उन्होंने बताया कि गमाडा की तरफ से फ्लैटों के निर्माण के लिए जो जमीन अलॉट की गई थी। उसकी कीमत 12 करोड़ 76 लाख रुपये वसूली गई। जो कि प्रति मेंबर 12 लाख 51 हजार बनती थी, लेकिन सोसायटी के प्रबंधकों की तरफ से 15 लाख 14 हजार 160 रुपये वसूले गए।
टेंडर में यह खामियां सामने आई थी
इंद्रजीत सिंह ठेकेदार व प्रमोटर लिमिटेड की तरफ से 40 करोड़ सात लाख 75 हजार 931 रुपये का टेंडर भरा गया था। जांच में सामने आया था कि टेंडर अधूरा था, जिसमें बिजली, लिफ्ट, गैस पाइप, सिक्योरिटी गेट, फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं था। उसका रेट भी मार्केट रेट से ज्यादा था, इस कारण उसका टेंडर रद्द कर दिया गया था।