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Mohali News: अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा गमाडा ने चस्पा किए नोटिस
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डेराबस्सी। डेराबस्सी क्षेत्र में अवैध इंडस्ट्रियल कॉलोनियां काटे जाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद गमाडा के अधिकारी हरकत में आए हैं। विभाग की टीम ने पहले मौके पर पहुंचकर अवैध कॉलोनियों में चल रहा काम बंद करवाया था।
मंगलवार को तीन अवैध कॉलोनियों के बाहर जमीन मालिकों के नाम कारण बताओ नोटिस चस्पा किए गए। इनमें तत्काल निर्माण और कॉलोनी विकसित करने का काम बंद करने की हिदायत दी गई है। आदेश की अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि डेराबस्सी तहसील क्षेत्र में कथित तौर पर इन कॉलोनियों में प्लॉटों की रजिस्ट्रियां अभी भी हो रही हैं। उनका कहना है कि कॉलोनाइजर निर्धारित फीस जमा नहीं करवाकर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोगों ने पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
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करिंदों के नाम पर कॉलोनी काटने का आरोप: पड़ताल के दौरान सामने आया कि कथित तौर पर कार्रवाई से बचने के लिए कुछ कॉलोनाइजर अपने कर्मचारियों या परिचितों के नाम पर जमीन और कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों की वास्तविक आर्थिक क्षमता करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदने की नहीं है।
उन्होंने संबंधित लोगों के बैंक खातों और कथित लेनदेन की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
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मंगलवार को तीन अवैध कॉलोनियों के बाहर जमीन मालिकों के नाम कारण बताओ नोटिस चस्पा किए गए। इनमें तत्काल निर्माण और कॉलोनी विकसित करने का काम बंद करने की हिदायत दी गई है। आदेश की अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि डेराबस्सी तहसील क्षेत्र में कथित तौर पर इन कॉलोनियों में प्लॉटों की रजिस्ट्रियां अभी भी हो रही हैं। उनका कहना है कि कॉलोनाइजर निर्धारित फीस जमा नहीं करवाकर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोगों ने पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
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करिंदों के नाम पर कॉलोनी काटने का आरोप: पड़ताल के दौरान सामने आया कि कथित तौर पर कार्रवाई से बचने के लिए कुछ कॉलोनाइजर अपने कर्मचारियों या परिचितों के नाम पर जमीन और कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों की वास्तविक आर्थिक क्षमता करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदने की नहीं है।
उन्होंने संबंधित लोगों के बैंक खातों और कथित लेनदेन की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।