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Mohali News: कोरोना फिर शुरू... ऑक्सीजन प्लांट पांच साल बाद भी नहीं बंद
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बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
जीरकपुर। कोरोना की दोबारा दस्तक के साथ ही सेहत विभाग ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। मोहाली पंजाब का पहला ऐसा जिला है, जहां कोरोना का पहला मामला सामने आया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा भी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में वर्ष 2021 में ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट पांच साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है।
यह प्लांट कोरोना काल में मरीजों के एक दिन भी काम नहीं आया। अब यह बंद जाली में धूल फांक रहा है। जब से प्लांट लगाया गया है, उसके बाद सिर्फ एक बार इसे ट्रॉयल के लिए चलाया गया था। इसको चलाने में हर साल करीब तीन लाख खर्चा आता है। फंड्स न होने के चलते इसे नहीं चलाया जा रहा। ढकोली अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि इस बारे में वह संबंधित विभाग को कई बार चिट्ठी लिख चुके हैं। तकनीकी स्टाफ नहीं होना भी एक कारण बताया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से निजात पाने के लिए राज्य सरकार ने अहमदाबाद की टोरेन इंडिया लिमिटेड कंपनी के साथ पंजाब में कई जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए थे। इनमें से दो पटियाला और एक प्लांट मोहाली के ढकोली सीएचसी में लगाया गया था। इस प्लांट से एक साथ पांच बिस्तरों पर मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई देने की बात की गई थी, लेकिन 5 जून 2021 को हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में यह प्लांट लगने के बाद न तो इस प्लांट से जुड़े काम हो सके और न ही यह प्लांट एक दिन भी चला। उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि इस प्लांट से इस ढकोली सीएचसी में भर्ती मरीजों के इलाज में काफी फायदा होगा, लेकिन यह प्लांट महज सफेद हाथी बनकर रह गया है।
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नगर परिषद के प्रधान ने किया था उद्घाटन
ढकोली के सीएचसी में इस ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन नगर परिषद के प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने किया था। उन्होंने यहां ऑक्सीजन का टैंकर देखा लेकिन पांच साल में एक बार भी इसका इस्तेमाल नहीं हो पाया। एक करोड़ रुपये से लगने वाले इस प्लांट को अधिकारियों ने 10 जून को चालू करना था, लेकिन आज भी यह चालू होने का इंतजार कर रहा है।
इसको चलाने के लिए हमारे पास कोई तकनीकी स्टाफ नहीं है, इस कारण इसे अभी तक नहीं चलाया गया है। इसका एक बार सिर्फ ट्रॉयल हुआ है। अगर कोरोना का कोई पेशेंट आता है तो हमारे पास ऑक्सीजन है। सरकार की तरफ से कोई नई गाइडलाइन नहीं आई है। -पौमी चथरथ, एसएमओ ढकोली अस्पताल
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यह प्लांट कोरोना काल में मरीजों के एक दिन भी काम नहीं आया। अब यह बंद जाली में धूल फांक रहा है। जब से प्लांट लगाया गया है, उसके बाद सिर्फ एक बार इसे ट्रॉयल के लिए चलाया गया था। इसको चलाने में हर साल करीब तीन लाख खर्चा आता है। फंड्स न होने के चलते इसे नहीं चलाया जा रहा। ढकोली अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि इस बारे में वह संबंधित विभाग को कई बार चिट्ठी लिख चुके हैं। तकनीकी स्टाफ नहीं होना भी एक कारण बताया जा रहा है।
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से निजात पाने के लिए राज्य सरकार ने अहमदाबाद की टोरेन इंडिया लिमिटेड कंपनी के साथ पंजाब में कई जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए थे। इनमें से दो पटियाला और एक प्लांट मोहाली के ढकोली सीएचसी में लगाया गया था। इस प्लांट से एक साथ पांच बिस्तरों पर मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई देने की बात की गई थी, लेकिन 5 जून 2021 को हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में यह प्लांट लगने के बाद न तो इस प्लांट से जुड़े काम हो सके और न ही यह प्लांट एक दिन भी चला। उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि इस प्लांट से इस ढकोली सीएचसी में भर्ती मरीजों के इलाज में काफी फायदा होगा, लेकिन यह प्लांट महज सफेद हाथी बनकर रह गया है।
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नगर परिषद के प्रधान ने किया था उद्घाटन
ढकोली के सीएचसी में इस ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन नगर परिषद के प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने किया था। उन्होंने यहां ऑक्सीजन का टैंकर देखा लेकिन पांच साल में एक बार भी इसका इस्तेमाल नहीं हो पाया। एक करोड़ रुपये से लगने वाले इस प्लांट को अधिकारियों ने 10 जून को चालू करना था, लेकिन आज भी यह चालू होने का इंतजार कर रहा है।
इसको चलाने के लिए हमारे पास कोई तकनीकी स्टाफ नहीं है, इस कारण इसे अभी तक नहीं चलाया गया है। इसका एक बार सिर्फ ट्रॉयल हुआ है। अगर कोरोना का कोई पेशेंट आता है तो हमारे पास ऑक्सीजन है। सरकार की तरफ से कोई नई गाइडलाइन नहीं आई है। -पौमी चथरथ, एसएमओ ढकोली अस्पताल