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कोरोना ने बदली एसी मंडी की सूरत, आज से उक्त मंडी में मिलेगी सब्जी
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मोहाली। लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई फेज-11 स्थित न्यू एसी सब्जी मंडी लंबे समय से बंद पड़ी थी। लेकिन अब कोरोना महामारी में लोगोें को राहत देने के लिए प्रशासन ने इसे चालू करने का फैसला किया है। यह फैसला लोगों की जरूरत को पूरा करने और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
यह जानकारी देते हुए शुक्रवार को डीसी गिरीश दियालन ने बताया कि फेज-1 स्थित पुरानी थोक मंडी मोहाली गांव में स्थित है। इसमें अधिक भीड़ रहती है और ऐसे में कोरोना बीमारी के फैलने का खतरा अधिक है। इसको ध्यान में रखते हुए लोगों को कोराना से बचाने के लिए प्रशासन ने उक्त फैसला लिया है।
जिला प्रशासन ने सभी लाइसेंस धारकों को फेज-11 की नई एसी मंडी में तुरंत शिफ्ट करने की हिदायत दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक मोहाली स्थित एसी फल-सब्जी मंडी अकाली-बीजेपी सरकार के कार्यकाल में बनाई गई थी और इस मंडी में करोड़ों रुपये इन्वेस्ट किए गए थे, क्योंकि यहां अति आधुनिक दुकानें बनाई गई थी। लेकिन उस समय यह मंडी कामयाब नहीं हो पाई थी। दुकानदार यहां दुकानें खोलने को तैयार तक नहीं थे। ऐसे में यहां पर ताला लगा रहता था। इसके अलावा दूसरी मंडी में किसान जरूर पहुंचते थे। लेकिन जब से कोरोना ने अपना कहर मचाना शुरू किया, तब से यह मंडी पूरी तरह से बंद हो गई थी। अधिकारियों के मुताबिक फेज-11 में एससी सब्जी मंडी के अधीन लगभग 15 एकड़ का विशाल रकबा है। वहीं, इसमें 95 दुकाने हैं। जिन्हें काम काज के लिए अनुमति दे गई है।
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मंडी में ज्यादा होती हैं रैलियां:
दरअसल जब से फेज-11 में एसी सब्जी मंडी बनी है, तभी से उसका सब्जी मंडी के लिए इस्तेमाल कम राजनीतिक रैलियों के लिए ज्यादा हुआ है। एग्रीकल्चर समिट में भी इसका इस्तेमाल किया गया था। क्योंकि चप्पड़चिड़ी में बारिश हो गई थी। ऐसे में वहां पर प्रोग्राम संभव नहीं था। इसके बाद कई बार हालात बने थे।
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यह जानकारी देते हुए शुक्रवार को डीसी गिरीश दियालन ने बताया कि फेज-1 स्थित पुरानी थोक मंडी मोहाली गांव में स्थित है। इसमें अधिक भीड़ रहती है और ऐसे में कोरोना बीमारी के फैलने का खतरा अधिक है। इसको ध्यान में रखते हुए लोगों को कोराना से बचाने के लिए प्रशासन ने उक्त फैसला लिया है।
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जिला प्रशासन ने सभी लाइसेंस धारकों को फेज-11 की नई एसी मंडी में तुरंत शिफ्ट करने की हिदायत दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक मोहाली स्थित एसी फल-सब्जी मंडी अकाली-बीजेपी सरकार के कार्यकाल में बनाई गई थी और इस मंडी में करोड़ों रुपये इन्वेस्ट किए गए थे, क्योंकि यहां अति आधुनिक दुकानें बनाई गई थी। लेकिन उस समय यह मंडी कामयाब नहीं हो पाई थी। दुकानदार यहां दुकानें खोलने को तैयार तक नहीं थे। ऐसे में यहां पर ताला लगा रहता था। इसके अलावा दूसरी मंडी में किसान जरूर पहुंचते थे। लेकिन जब से कोरोना ने अपना कहर मचाना शुरू किया, तब से यह मंडी पूरी तरह से बंद हो गई थी। अधिकारियों के मुताबिक फेज-11 में एससी सब्जी मंडी के अधीन लगभग 15 एकड़ का विशाल रकबा है। वहीं, इसमें 95 दुकाने हैं। जिन्हें काम काज के लिए अनुमति दे गई है।
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मंडी में ज्यादा होती हैं रैलियां:
दरअसल जब से फेज-11 में एसी सब्जी मंडी बनी है, तभी से उसका सब्जी मंडी के लिए इस्तेमाल कम राजनीतिक रैलियों के लिए ज्यादा हुआ है। एग्रीकल्चर समिट में भी इसका इस्तेमाल किया गया था। क्योंकि चप्पड़चिड़ी में बारिश हो गई थी। ऐसे में वहां पर प्रोग्राम संभव नहीं था। इसके बाद कई बार हालात बने थे।