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मोहालीः क्लोरीन का सिलिंडर फटा और बदबू फैलने से मच गई भगदड़, 80 लोगों की तबीयत बिगड़ी
Mon, 08 Jun 2020 02:31 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2020 02:31 PM IST
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सिलिंडर जमीन में दबाने के बाद पानी मारती टीम
शहर से सटे गांव बलौंगी में उस समय भगदड़ मच गई, जब पानी की टंकी के नजदीक रखा एक दस किलो क्लोरीन के सिलिंडर में अचानक बलॉस्ट हो गया। ब्लॉस्ट होते ही सिलिंडर से गैस का रिसाव इतनी तेजी से हुआ कि देखते ही देखते पूरे इलाके में तेजी गैस करीब पांच किलोमीटर तक फैल गई।
इससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपने घरों से निकलकर बाहर सड़कों पर दौड़ने लगे। यह मंजर बड़ा भयावह था और गैस की बदबू की चपेट में आकर करीब 80 लोगों की तबीयत खराब हो गई। इतना ही नहीं गैस की चपेट में बलौंगी पुलिस थाने के जवान भी आ गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने देर रात तक बचाव राहत कार्य जारी रखा।
वहीं, फायर अफसर अरुण कुमार और पुलिस मुलाजिम विश्वजीत भी उन लोगों में शामिल हैं, जो 80 लोग गैस की चपेट में आए हैं। इसके बाद सभी लोगों को सिविल अस्पताल फेज-6 में पहुंचाया गया। जिसमें कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। जबकि करीब 20 लोगों का इलाज देर रात तक अस्पताल में चल रहा था।
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सूचना मिलते ही एसडीए मोहाली जगदीप सिंह घटना स्थल पर पहुंच गए। जबकि तहसीलदार रविंदर बंसल अस्पताल में लोगों को हाल जानने पहुंचे। इस मौके पर सिविल अस्पताल के सीनियर डॉक्टर समेत सभी अधिकारी पहुंच गए थे।
जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति पूरी तरह से काबू में है। 10 किलोग्राम से भरे क्लोरीन गैस सिलिंडर में लीकेज हुई थी। इस दौरान करीब 32 लोग गैस की चपेट में आ गए थे, इसके बाद जहां तक गैस फैलती गई लोग इसकी चपेट में आते गए। 15 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। जबकि दो तीन को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। वहीं, जेसीबी की मदद से सिलिंडर को वहां से निकाला गया। इसके साथ की गैस की बदबू को मिटाने के लिए बेकिंग सोडे का छिड़काव किया जा रहा है। आसपास का इलाका खाली करवा दिया गया है। एनडीआरएफ की टीम से भी संपर्क किया गया है।
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इससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपने घरों से निकलकर बाहर सड़कों पर दौड़ने लगे। यह मंजर बड़ा भयावह था और गैस की बदबू की चपेट में आकर करीब 80 लोगों की तबीयत खराब हो गई। इतना ही नहीं गैस की चपेट में बलौंगी पुलिस थाने के जवान भी आ गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने देर रात तक बचाव राहत कार्य जारी रखा।
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वहीं, फायर अफसर अरुण कुमार और पुलिस मुलाजिम विश्वजीत भी उन लोगों में शामिल हैं, जो 80 लोग गैस की चपेट में आए हैं। इसके बाद सभी लोगों को सिविल अस्पताल फेज-6 में पहुंचाया गया। जिसमें कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। जबकि करीब 20 लोगों का इलाज देर रात तक अस्पताल में चल रहा था।
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सूचना मिलते ही एसडीए मोहाली जगदीप सिंह घटना स्थल पर पहुंच गए। जबकि तहसीलदार रविंदर बंसल अस्पताल में लोगों को हाल जानने पहुंचे। इस मौके पर सिविल अस्पताल के सीनियर डॉक्टर समेत सभी अधिकारी पहुंच गए थे।
जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति पूरी तरह से काबू में है। 10 किलोग्राम से भरे क्लोरीन गैस सिलिंडर में लीकेज हुई थी। इस दौरान करीब 32 लोग गैस की चपेट में आ गए थे, इसके बाद जहां तक गैस फैलती गई लोग इसकी चपेट में आते गए। 15 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। जबकि दो तीन को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। वहीं, जेसीबी की मदद से सिलिंडर को वहां से निकाला गया। इसके साथ की गैस की बदबू को मिटाने के लिए बेकिंग सोडे का छिड़काव किया जा रहा है। आसपास का इलाका खाली करवा दिया गया है। एनडीआरएफ की टीम से भी संपर्क किया गया है।
लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में चुभन हुई
मिली जानकारी के मुुताबिक यह हादसा रविवार देर शाम बलौंगी के आजाद नगर के पास स्थित पानी की टंकी के नजदीक हुआ है। ब्लॉस्ट होने के बाद फैली बदबू की सूचना लोगों ने फायर ब्रिगेड की टीम को दे दी थी। इस दौरान फैली गैस के कारण लोगोें को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। वहीं, आंखों में चुभन हो रही थी। देखते ही देखते आजाद नगर और आदर्श नगर को गैस ने अपनी चपेट में ले लिया।
इसके बाद मची भगदड़ में लोग घरों को छोड़कर हाईवे की तरफ भाग निकले। जबकि कुछ लोग टीडीआई सिटी और गेटवे सिटी की तरफ दोड़ते रहे। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों को लेकर महिलाएं भाग रही थीं। दूसरी तरफ फायर ब्रिगेड की टीम ने गैस के रिसाव को काबू करने में जुटी हुई थी। इस दौरान टीम ने सिलिंडर को जेसीबी की मदद से निकालकर दशहरा ग्राउंड में खड्ढा खोदकर दबाया और साथ ही पानी और बेकिंग सोडा डाल दिया है।
बलौंगी के पंच-सरपंच से लेकर सभी लोग अस्पताल पहुंच गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है। इस मौके पर लोगों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में इलाके के संबंधित विभाग को सूचित किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। जबकि तेजी से फैल रही थी। इसके बाद लोगों ने हारकर फायर ब्रिगेड को सूचित किया था।
समझ नहीं आ रहा था गै से कैसे बचेें
-इस मौके पर रेखा नाम की युवती ने बताया कि वह अपने घर में खाना खा रही थी। तभी अचानक गैस की बदबू आना शुरू हो गई। सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। इसके अलावा आंखों में गैस लग रही थी। इसी बीच जब उन्होंने घर के बाहर देखा तो लोग भाग रहे थे। जिसके बाद वह भी भाग निकले। उन्होंने बताया कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि गैस से कैसे बचें
दम घुटने लगा तो पता चला कि गैस लीक हुई
मोहाली ग्रिवासेंस सेल के मेंबर एवं समाजसेवी भी बलौंगी में रहते हैं। उनका कहना है कि रात 11 बजे जब वह घर में सो रहे थे, तो अचानक उनका दम घुटने लगा तो उन्हें पता चला कि गैस लीक हुई है। उन्होंने कहा कि वह बुुजुर्ग हैं। ऐसे में उन्होंने घर में ही रहने का फैसला लिया।
इसके बाद मची भगदड़ में लोग घरों को छोड़कर हाईवे की तरफ भाग निकले। जबकि कुछ लोग टीडीआई सिटी और गेटवे सिटी की तरफ दोड़ते रहे। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों को लेकर महिलाएं भाग रही थीं। दूसरी तरफ फायर ब्रिगेड की टीम ने गैस के रिसाव को काबू करने में जुटी हुई थी। इस दौरान टीम ने सिलिंडर को जेसीबी की मदद से निकालकर दशहरा ग्राउंड में खड्ढा खोदकर दबाया और साथ ही पानी और बेकिंग सोडा डाल दिया है।
बलौंगी के पंच-सरपंच से लेकर सभी लोग अस्पताल पहुंच गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है। इस मौके पर लोगों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में इलाके के संबंधित विभाग को सूचित किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। जबकि तेजी से फैल रही थी। इसके बाद लोगों ने हारकर फायर ब्रिगेड को सूचित किया था।
समझ नहीं आ रहा था गै से कैसे बचेें
-इस मौके पर रेखा नाम की युवती ने बताया कि वह अपने घर में खाना खा रही थी। तभी अचानक गैस की बदबू आना शुरू हो गई। सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। इसके अलावा आंखों में गैस लग रही थी। इसी बीच जब उन्होंने घर के बाहर देखा तो लोग भाग रहे थे। जिसके बाद वह भी भाग निकले। उन्होंने बताया कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि गैस से कैसे बचें
दम घुटने लगा तो पता चला कि गैस लीक हुई
मोहाली ग्रिवासेंस सेल के मेंबर एवं समाजसेवी भी बलौंगी में रहते हैं। उनका कहना है कि रात 11 बजे जब वह घर में सो रहे थे, तो अचानक उनका दम घुटने लगा तो उन्हें पता चला कि गैस लीक हुई है। उन्होंने कहा कि वह बुुजुर्ग हैं। ऐसे में उन्होंने घर में ही रहने का फैसला लिया।